NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एशिया के बाकी
वाम कार्यकर्ता और लेखक शाहजहां बच्चू बांग्लादेश में मारे गए
देश में बढ़ती इस्लामी कट्टरपंथी हिंसा ने 2013 से कई कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन खोया है
वी. अरुण कुमार, दी डॉन न्यूज़
15 Jun 2018
हिंसा

बांग्लादेशी राजनितिक कार्यकर्ता शाहजहां बच्चु ने फेसबुक पोस्ट में हत्या के कुछ दिन पहले ही लिखा था,"आज हम क्या करते हैं वो कल के लिए इतिहास होता है। समय के बहादुर बेटे वे हैं जो अन्याय के पक्ष में खड़े नही हो सकते हैं; वो जंहा भी  हैं, वहां से वो विरोध करने के लिए खड़े हो जाते हैं | "

एक वामपंथी  लेखक और कवि शाहजहां को सोमवार को बांग्लादेश के ककल्दी शहर में इस्लामी कट्टरपंथियों ने कथित रूप से गोली मार दी थी। वह प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष विचारों का प्रचार करने में उनके काम के लिए जाने जाते थे, और बिश्का प्रोकशोनी (स्टार पब्लिशर्स) में प्रकाशक थे, साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश (सीपीबी) के पूर्व जिला महासचिव भी थे।

देश भर के विभिन्न वर्गों द्वारा हत्या की निंदा की गई है । द डॉन न्यूज से बात करते हुए, सर्वोच्च न्यायालय के वकील हसन तारिक चौधरी और सीपीबी की केंद्रीय समिति के एक सदस्य ने कहा, "कॉमरेड शाहजहां एक स्वतंत्र विचारक थे जो प्रगतिशील आचार, धर्मनिरपेक्षता और वैज्ञानिक तर्क का प्रचार करते थे।"

तारिक चौधरी ने कहा,"यह स्पष्ट है कि चरमपंथी ताकतों अपने खोखले विचारधारात्मक कथाओं के साथ प्रगतिशील ताकतों का सामना करने में असमर्थ हैं, वे इन आवाजों को चुप करने के लिए बंदूकें और चाकू का उपयोग कर रहे हैं"|

रिपोर्ट

12 जून को शाहबाग में राष्ट्रीय संग्रहालय के सामने सीपीबी सदस्यों की हत्या के खिलाफ एक विरोध आयोजित किया गया था। सीपीबी सहायक महासचिव सजद जहीर चंदन ने विरोध रैली में कहा,"शाहजहां अपने प्रगतिशील साहित्य और प्रकाशनों के माध्यम से आंदोलन में सक्रिय थे। शायद, आतंकवादी स्वतंत्रता की इस विचारधारात्मक दृढ़ता को बर्दाश्त नहीं कर सके " ।

इसके अलावा, मुंशीगंज में सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने 12 जून को शाहजहां की हत्या के विरोध के लिए जिला मुख्यालय में एक मानव श्रृंखला का आयोजन किया।

रिपोर्टों के मुताबिक, शाहजहां चरमपंथियों की हिट-लिस्ट पर थे और उन्हें कई मौत की धमकी मिली थी। 2015 में, उन्होंने डेली ऑब्जर्वर से कहा, "शुरुआत में, मैंने खतरों को नजरअंदाज कर दिया, यह सोचकर कि अज्ञात घटना को ध्यान देना बेकार होगा। लेकिन वाशिकुर रहमान बाबू और अनंत बिजॉय [ब्लॉगर्स और कार्यकर्ता] की हत्या के बाद, मैंने इस मामले को गंभीरता से लिया । "

वह लगातार अपने स्थान को बदलने के साथ सावधानी भी बरत रहे थे। हालांकि, मोटरसाइकिल से आए बंदूकधारियों ने उनका पीछा  किया और जब वो सोमवार को फार्मेसी में थे तब उन्हें मार डाला ।

उनकी हत्या उस समय हुई है जब बांग्लादेश में सामजिक कार्यकर्ताओं पर लक्षित इस्लामी कट्टरपंथी हिंसा की लहर के नीचे आ रहा है। नास्तिकों, एलजीबीटीक्यू कार्यकर्ताओं, लेखकों, कवियों, ब्लॉगर्स और देश के वाम आंदोलन से जुड़े सदस्यों को 2013 से मौत के लिए गोली मारी गई है या उन्हें मार डाला गया है। अकेले 2015 में, लगभग पांच कार्यकर्ता - अविजीत रॉय (समाचार वेबसाइट मुक्ता-मोना के संस्थापक), फैसल अरेफिन दीपन, नागरिक-पत्रकार वाशीकुर रहमान, अनंत बिजॉय दास और निलोय नील - जिनमें से सभी स्वतंत्र सोच और प्रगतिशील आचारों के समर्थक थे, को दक्षिणपंथ के आसामाजिक तत्वों द्वारा क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। एक और पत्रकार और कार्यकर्ता नाज़ीम उदीन समद को उनके लेखन में धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करने के लिए अप्रैल 2016 में मारा दिया गया था और उनके लेखन पर पाबंदी लगा दिया गया था।

इस साल, 3 मार्च को, इस्लामी राजनीति और बढ़ते असहिष्णुता के एक कठोर आलोचक लेखक और अकादमिक मुहम्मद जफर इकबाल को सिल्ते के पूर्वोत्तर जिले के एक विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान मारा दिया गया था।

 

Shahzahan Bachchu
Bangladesh
बांग्लादेश
धर्मनिरपेक्षता
Blogger
Islamic Fundamentalism

Related Stories

क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?

भारत-बांग्लादेश संबंध का मौजूदा दौर

भाजपा का हिंदुत्व वाला एजेंडा पीलीभीत में बांग्लादेशी प्रवासी मतदाताओं से तारतम्य बिठा पाने में विफल साबित हो रहा है

अपने क्षेत्र में असफल हुए हैं दक्षिण एशियाई नेता

त्रिपुरा और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक विरोधी हिंसा की बराबरी करना क्यों बेमानी है?

बांग्लादेश सीख रहा है, हिंदुस्तान सीखे हुए को भूल रहा है

तालिबान से 10 देशों की वार्ता और बांग्लादेश में नफ़रत के ख़िलाफ़ आवाज़ें, दिखाती हैंं राह

बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और आश्वस्त करती सरकार की ज़िम्मेदार पहल

कार्टून क्लिक: कहीं पे निगाहें, कहीं पर निशाना

बांग्लादेश : 52 मज़दूरों की हत्या के आरोप में फ़ैक्ट्री मालिक हिरासत में


बाकी खबरें

  • Colombia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में साल 2021 का 91वां नरसंहार दर्ज
    16 Dec 2021
    इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (INDEPAZ) ने आगाह किया है कि 2021 में हुए नरसंहारों की संख्या 2020 में हुए नरसंहारों की कुल संख्या को पार कर सकती है। फ़िलहाल, दोनों ही आंकड़े बराबर हैं। 
  • bank strike
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : निजीकरण के ख़िलाफ़ 900 बैंकों के 10,000 से ज़्यादा कर्मचारी 16 दिसम्बर से दो दिन की हड़ताल पर
    16 Dec 2021
    बैंक कर्मचारियों की यूनियन का दावा है कि कॉरपोरेट घरानों की नज़र जनता द्वारा बड़ी मेहनत से कमाए गए 157 लाख करोड़ रुपयों पर है, जो सरकारी बैंकों में जमा है।
  • Advocate Manavi of ALF, YJ Rajendra of PUCL and Pastor Lucas present the report.
    निखिल करिअप्पा
    नई रिपोर्ट ने कर्नाटक में ईसाई प्रार्थना सभाओं के ख़िलाफ़ हिंसा को दर्ज किया
    16 Dec 2021
    पीयूसीएल की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ज़्यादातर मामलों में पुलिस पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है, यहां तक कि उन मामलों में भी पुलिस सुरक्षा नहीं दे पाई जहां उन्हें खुफ़िया…
  • modi
    सबरंग इंडिया
    काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन: मंदिर और राज्य के विकास में अंतर क्यों नहीं?
    16 Dec 2021
    क्या पीएम को औरंगजेब का जिक्र ऐसे चुनावी राज्य में लाना था जहां अयोध्या फैसले के बाद से मंदिर की राजनीति गर्म हो रही है?
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,974 नए मामले, 343 मरीज़ों की मौत
    16 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 87 हज़ार 245 हो गयी है।वही कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License