NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
संस्कृति
पुस्तकें
भारत
राजनीति
वाराणसी: कारमाइकल लाइब्रेरी ढहाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, योगी सरकार से मांगा जवाब
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए इस लाइब्रेरी भवन को हटाने की योजना थी। श्रीकाशी विश्वनाथ विकास परिषद ने इसे खाली करने का नोटिस दिया था।
सबरंग इंडिया
13 Jun 2019
Sabrang

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के पास बने कारमाइकल लाइब्रेरी भवन गिराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। इस प्रांगण में मौजूद दुकानों के दुकानदारों को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से सोमवार तक जवाब मांगा है। 

बता दें, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पास बने कारमाइकल लाइब्रेरी भवन को गिराने के लिए कहा था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने अपने याचिका में कहा कि बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर के नवीनीकरण के लिए अगर उनका कारमाइकल लाइब्रेरी भवन गिराया जाए तो उन्हें या तो सरकार मुआवजा दे या फिर कहीं और दुकान दिया जाए।

Sabrang 1.jpg

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए इस लाइब्रेरी भवन को हटाने की योजना थी। श्रीकाशी विश्वनाथ विकास परिषद ने इसे खाली करने का नोटिस दिया था।  इस नोटिस के बाद लाइब्रेरी प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। काशी कॉरिडोर को नया और भव्य आकार देने के लिए सड़क के दोनों ओर विस्तारीकरण का काम हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि इसमें लाइब्रेरी का भवन आड़े आ रहा था।

बता दें कि काशी विश्वनाथ कॉरीडोर को विस्तार देने के नाम पर इसे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ट्रस्ट ने इसे खरीद लिया है। यह हिस्सा ज्ञानवापी मस्जिद के अंतर्गत आता है जिसे कॉरीडोर के रास्ते में बाधक बताया जा रहा है। जबकि इस मामले पर मस्जिद से जुड़े एक ट्रस्ट के ज्वाइंट सेक्रेट्री ने सबरंग इंडिया को बताया कि ना तो ज्ञानवापी मस्जिद और ना ही यह लाइब्रेरी कॉरीडोर के रास्ते में आ रही है। लेकिन प्रशासन इसे तोड़ने की जिद पर अड़ा है। इस लाइब्रेरी के प्रांगण में तीस दुकानें हैं जिन्हें भी तोड़ा जाना था। लेकिन, दुकानदारों के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें राहत मिली है। 

करमाइकल लाइब्रेरी बनारस की पहली सार्वजनिक लाइब्रेरी मानी जाती है। इसमें दुर्लभ पुस्तकों और ग्रंथों का संग्रह है। इसकी स्थापना 1872 में संकठा प्रसाद खत्री ने बनारस के तत्कालीन कमिश्नर सीपी कारमाइकल के नाम पर की थी। कहा जाता है कि इस लाइब्रेरी में मुंशी प्रेमचंद, भारतेंदु हरिश्चंद्र, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, हजारी प्रसाद द्विवेदी जैसे प्रकांड विद्वानों का जमावड़ा लगता था। मौजूदा समय में इस लाइब्रेरी में एक लाख से ज्यादा पुस्तकें हैं।

sabrang
sabrang india
library
yogi sarkar
Supreme Court
Yogi Adityanath
BJP
BJP-RSS

Related Stories

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 

EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू


बाकी खबरें

  • Bank union strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैंक यूनियनों का ‘निजीकरण’ के ख़िलाफ़ दो दिन की हड़ताल का ऐलान
    06 Dec 2021
    दो सरकारी बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के ख़िलाफ़ बैंक कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने सरकार को 16 व 17 दिसंबर की हड़ताल का नोटिस दे दिया है। 
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: स्वास्थ्य विभाग का नया ‘संकल्प पत्र, सरकारी ब्लड बैंकों से नहीं मिलेगा निःशुल्क ख़ून, स्वास्थ्य जन संगठनों ने किया विरोध
    06 Dec 2021
    राजधानी रांची स्थित रिम्स और सदर अस्पताल में लोगों को पैसों से ब्लड मिल रहा है। बीपीएल व आयुष्मान कार्ड धारकों को छोड़ किसी भी गरीब-लाचार अथवा धनवान व्यक्ति को समान रूप से प्रदेश के किसी भी सरकारी…
  • Babasaheb
    बादल सरोज
    65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक बाबासाहब
    06 Dec 2021
    जाति के बारे में उनका दृष्टिकोण सर्वथा वैज्ञानिक था। उन्होंने जाति व्यवस्था का तब तक का सबसे उन्नत विश्लेषण किया था। वे अपने जमाने के बड़े नेताओं में अकेले थे, जिसने जाति व्यवस्था के ध्वंस यानि…
  • vinod dua
    शंभूनाथ शुक्ल
    मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!
    06 Dec 2021
    हम लोगों ने जब पत्रकारिता शुरू की थी, तब इमरजेंसी के दिन थे। लोगों में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रति ग़ुस्सा था और लोग आंदोलन कर रहे थे। किंतु धार्मिक आधार पर बँटवारे की कोई बात नहीं थी। कोई…
  • india and bangladesh
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत-बांग्लादेश संबंध का मौजूदा दौर
    06 Dec 2021
    नई दिल्ली के मौन प्रोत्साहन से प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की घरेलू राजनीति को उनके सत्तावादी शासन के मामले में निर्णायक रूप से फ़ायदा हुआ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License