NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
वायुसेना के विमान का सुराग नहीं; चिंता नहीं, चर्चा नहीं! चुनाव ख़त्म तो देशभक्ति खत्म?
लोग पूछ रहे हैं कि इस मामले में मोदी सरकार और मीडिया के स्तर पर कोई बड़ी चिंता क्यों नहीं नज़र आ रही। क्यों नहीं प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री इस पर आधिकारिक बयान दे रहे, क्यों नहीं देश को विश्वास में लिया जा रहा, क्यों नहीं मीडिया इस पर चर्चा आयोजित कर रही।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jun 2019
AN-32

सोमवार, 3 जून से लापता भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है, इसमें कुल 13 लोग सवार थे, लेकिन इसे लेकर सरकार और मीडिया में कोई ख़ास चिंता नज़र नहीं आ रही है। प्रधानमंत्री या रक्षामंत्री दोनों में से किसी ने भी देश को विश्वास में लेकर कोई संबोधन या बयान जारी नहीं किया है। यही वजह है कि बहुत लोग पूछ रहे हैं कि क्या देश और सेना की चिंता चुनाव तक ही थी? चुनाव ख़त्म तो सबकुछ हज़म!

आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना का एएन-32 विमान सोमवार को असम से उड़ान भरने के 35 मिनट बाद लापता हो गया था। यह अरुणाचल प्रदेश की ओर जा रहा था।

रूस में निर्मित यह यातायात विमान अरुणाचल प्रदेश के मेचुका में एडवांस लैंडिंग ग्राउंड तक जा रहा था। मेचुका चीन से सटे अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले का एक छोटा सा शहर है।

वायुसेना के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया "एएन-32 विमान ने जोरहाट से सोमवार अपराह्न् 12.25 बजे उड़ान भरी था, विमान का अपराह्न् 1बजे जमीनी एजेंसियों से संपर्क कट गया। उसके बाद से विमान से कोई संपर्क नहीं हो सका है।"

ग्रामीणों ने 'गाढ़ा काला धुआं' देखा

उधर, अरुणाचल प्रदेश के मोलो गांव की ओर एक पहाड़ से आदिवासी ग्रामीणों ने 'गाढ़ा काला धुआं' निकलते हुए देखा है।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गुरुवार को कहा, "तुम्बिन गांव के तीन व्यक्तियों ने कहा कि उस दिन उन्हें मोटा काला धुआं दिखाई दिया था, जो कि मोलो गांव की ओर से लगभग 7-8 किलोमीटर दूर पहाड़ से निकल रहा था।"
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है।

विमान की तलाश के लिए तीन खोज दल बनाए गए हैं, जिसमें शि-योमी जिले का एक और सेना का एक दल शामिल हैं, विभिन्न संभावित स्थानों की ट्रेकिंग की जा रही है। 

दावा किया जा रहा है कि पुलिस, सेना और भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का एक संयुक्त प्रयास दल अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में लगभग2,500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त स्थान की खोज कर रहा है। 

मुख्यमंत्री खांडू ने सियांग, वेस्ट सियांग, लोअर सियांग और शि-योमी के जिला प्रशासन को खोज और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "उन्होंने प्रत्येक टीम में 3/4 स्थानीय लोगों को शामिल किया, जो लापता विमान और जहाज पर सवार लोगों का पता लगाने में मदद कर रहे हैं।"

पायलट की पत्नी एटीसी अधिकारी

लापता विमान एएन-32 के पायलट आशीष तंवर की पत्नी संध्या तंवर वायुसेना के जोरहाट स्थित एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) में ड्यूटी पर ही थीं जब आशीष तंवर ने इसी वायुसेना अड्डे से अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका के घने जंगल के लिये उड़ान भरी थी। वह एटीसी पर उनके विमान की सारी गतिविधि देख रही थीं।

महज आधा घंटा बाद ही विमान रडार की पहुंच से गायब हो गया। संध्या उन लोगों में से पहली थीं जिन्हें वायुसेना के इस विमान के लापता होने का पता चला। विमान पर 12 और लोग सवार थे।

संध्या एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी हैं और वह जोरहाट वायुसेना अड्डे पर तैनात हैं। संध्या का विवाह 2018 में आशीष तंवर से हुआ था और उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में वे दोनों अलग होंगे।

दिन बढ़ने के साथ इन सभी के परिजन का तनाव और नाउम्मीदी बढ़ती जा रही है।

हरियाणा के पलवल के रहने वाले 29 वर्षीय आशीष तंवर अपनी बी.टेक की डिग्री पूरी करने के बाद दिसंबर 2013 में वायुसेना में शामिल हुए थे।

पलवल स्थित उनके गांव में गम का माहौल पसरा है। उनके परिवार ने गुरुवार को दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात भी की।

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग पूछ रहे हैं कि इस मामले में मोदी सरकार और मीडिया के स्तर पर कोई बड़ी चिंता क्यों नहीं नज़र आ रही। क्यों नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस पर आधिकारिक बयान दे रहे, क्यों नहीं देश को विश्वास में लिया जा रहा, क्यों नहीं मीडिया इस पर चर्चा आयोजित कर रही।

 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से इस मामले में पहले दिन ज़रूर ट्वीट किया गया था जिसमें बताया गया था कि उन्होंने वायु सेना के वाइस चीफ एयर मार्शल राकेश सिंह भदुरिया से वायुसेना के लापता विमान एएन-32 के बारे में बात की। राजनाथ सिंह के मुताबिक “उन्होंने मुझे लापता विमान को खोजने के लिए वायुसेना द्वारा उठाए गए कदम को लेकर अवगत कराया। मैं विमान में सवार सभी लोगों की सुरक्षा की कामना करता हूं।"

अब पायलट आशीष तंवर के परिवार से मुलाकात के दौरान भी रक्षामंत्री ने उन्हें विमान की जल्द खोज का आश्वासन दिया है।

नाराज़ सोशल मीडिया यूज़र पूछ रहे हैं कि अब कहां गई मोदी सरकार की राष्ट्रभक्ति और मीडिया की सेना भक्ति। क्यों नहीं वायुसेना के विमान पर सवार 13 लोगों की तलाश में तेज़ी दिखाई जा रही है। इनका सवाल है कि क्या देश, देशभक्ति, सेना और शहीद सिर्फ चुनाव तक सीमित हैं, चुनाव ख़त्म तो क्या देशभक्ति और सेना की चिंता भी ख़त्म हो गई है?

facebook33.jpg

facebook2.jpg

दानिश एम नाम के फेसबुक यूज़र लिखते हैं, “भारतीय वायुसेना का एक विमान एएन-32 वर्ष 2016 में 29 सैनिकों के साथ लापता हो गया, जिसका आज तक पता नही चला..
आज फिर एक एएन-32 विमान 8 सैनिको और पांच यात्रियों के साथ लापता हो गया..
बाकी चिंता करने की कोई बात नही है देश बहुत सुरक्षित और मजबूत हाथो में है।”

facebook_0.jpg

एक अन्य यूज़र विकास कुमार मीडिया पर व्यंग्य करते हुए लिखते हैं, “टीवी पत्रकारों को नहीं लगाया क्या काम पर? बालाकोट गए बिना वहाँ की मिट्टी खोद के लाशें निकाल ली थी, विमान क्या चीज़ है? सरकार इन्हें हल्के में ले रही है।”


फज़ल इमाम मलिक लिखते हैं, “चार दिनों से वायुसेना का विमान #AN-32 लापता है. उस पर वायु सेना के तेरह जवान थे. लेकिन कहीं कोई खबर नहीं। सरकार चुप है। न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई बयान दिया न रक्षा मंत्री और ने ही वायु सेना प्रमुख ने इस पर मुंह खोला है। हर तरफ सन्नाटा है। चैनलों पर राग मोदी चल रहा है। चुनाव के समय देशभक्ति का राग अलापने वाले नेता से लेकर चैनल तक चुप हैं। यह कैसी देशभक्ति है। पुलवामा और बालाकोट पर वोट मांगने वाले ताताथैया कर रहे हैं। देश में एक अघोषित सेंसरशिप है। सरकार नहीं चाहती कि खबरें लोगों तक पहुंचे और चैनल सरकार के साथ खबरों के खिलाफ तन कर खड़े हैं। देश सुरक्षित हाथों में है।”

facebook22.jpg

शालिनी यादव लिखती हैं, “EVM PM यानी क्लॉउडी चार दिनों से लापता IAF के AN 32 विमान पर मौन क्यों?चुनाव खत्म तो देशभक्ति खत्म?शर्मनाक!”

facebook11.jpg

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

 

Indian army
india air force
iaf
IAF missing
pilot missing
AN-32
Indian government
defence minister
rajnath singh

Related Stories

क्या वाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी से आपको डरने की ज़रूरत है?

महेंद्र सिंह धोनी के दस्ताने पर विवाद


बाकी खबरें

  • unemployement
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या है देश में बेरोज़गारी का आलम?
    06 Jan 2022
    2014 में सत्ता में आने से पहले, बीजेपी और नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा वादा था कि देश की जनता के लिए 2 करोड़ रोज़गार पैदा किए जाएँगे। लेकिन 7 सालों में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। Centre for Monitoring Indian…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    देश भर में बेकाबू होता कोरोना, बुल्ली बाई मामले में 3 गिरफ़्तार और अन्य ख़बरें
    06 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी कोरोना के तेज़ी से बढ़ते मामले, बुल्ली बाई मामले में 3 गिरफ़्तार और अन्य ख़बरों पर।
  • bjp-sp
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा के "जंगलराज" पर समाजवादी पार्टी का प्रहार
    05 Jan 2022
    क्या अखिलेश यादव से बीजेपी को उत्तर प्रदेश में हार का डर सता रहा है, जो वे मुद्दों पर नहीं बल्कि सिर्फ़ सांप्रदायिक तनाव से ही चुनाव जीतना चाहती है?
  • modi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    प्रधानमंत्री मोदी की फिरोज़पुर रैली रद्द होने पर राजनीति तेज़, वार और पलटवार
    05 Jan 2022
    भाजपा ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक और एक साज़िश कहा है। उधर कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री की रैली में भीड़ नहीं जुटी तो सुरक्षा में चूक का बहाना बनाया…
  • Dairy
    जेनिफ़र बार्कले
    डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने का अमेरिकी संकल्प
    05 Jan 2022
    बिग डेयरी के अपने अतार्किक समर्थन में, अमेरिकी सरकार आम लोगों को गुमराह कर रही है और एक उद्योग की कीमत पर दूसरे उद्योग की जेबों को मालामाल करने में मशगूल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License