NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वेतन भुगतान को लेकर बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
एक भ्रष्ट निजीकृत संविदात्मक प्रणाली की बजाय कर्मचारी पौराकर्मिकास (सफाई कर्मचारी) को मज़दूरी के प्रत्यक्ष भुगतान की एक प्रणाली की माँग कर रहे हैंI
योगेश एस.
14 Jul 2018
BBMP
Image Courtesy: Vinay Srinivas

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के हज़ारों पौराकर्मिकास (सफाई कर्मचारियों) को जनवरी 2018 से न्यूनतम वेतन नहीं मिला है। 12 जुलाई 2018 को पांच सौ सफाई कर्मचारियों  ने विरोध में बीबीएमपी के प्रधान मुख्य कार्यालय के सामने इकट्ठा हुए  और माँग की कि उन्हें  उनके हक का न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए।

राज्य विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले 20 अप्रैल 2018 को गुट्टिज पौराकार्मिकारा संघ (संविदात्मक सफाई  कर्मचारी  संघ) के बैनर के तहत श्रमिकों ने उसी माँग के साथ बीबीएमपी मुख्यालय के सामने विरोध किया था। संयुक्त आयुक्त (स्वास्थ्य/एसडब्ल्यूएम), बीबीएमपी सरफराज़ खान ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की थी। खान ने कहा था कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि श्रमिकों को 23 अप्रैल 2018 तक भुगतान किया जाए और यह भी कि उन्हें सभी सुरक्षा सुविधाएँ और उपकरण  प्रदान किए जाए। वास्तविकता में श्रमिकों के लिए कुछ भी नहीं बदला है और खान के वायदे झूठे साबित हुए।

बीबीएमपी द्वारा नियोजित सफाई कर्मचारियों को 7,730 रु०(भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा निगम सहित) दिया जाता था। श्रम विभाग ने 4 अगस्त 2016 ने एक घोषणा के तहत इनकी मज़दूरी को बढ़ाकर 14,040 रु०  कर दिया था; श्रम विभाग के अनुसार, ये  देश में सफाई श्रमिकों के लिए यह सबसे ज़्यादा मज़दूरी है। लेकिन असल में मज़दूरों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है और 14,040 रुपये कागजात पर केवल एक संख्या बनी हुई है।

यह हज़ारों श्रमिकों के लिए एक दुःस्वप्न बन गया है जो वाले शहर को साफ रखने के लिए हर रोज खतरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं। सुब्रमण्य वार्ड नंबर 77- दत्तात्रेय मंदिर से ऐसे एक सफाई कर्मचारी  थे जिन्हें पिछले छह महीनों के लिए भुगतान नहीं मिला था और उन्हें अपने बच्चों का स्कूल छुड़वाने के लिए मजबूर होना पड़ा। 8 जुलाई 2018 को उन्होंने वित्तीय परेशानियों का हवाला देते हुए आत्महत्या कर ली।

पिछले छह महीनों की मज़दूरी के साथ-साथ विरोध करने वाले श्रमिकों ने सुब्रमण्य के लिए न्याय की माँग की। उन्होंने परिवार के लिए 25,00,000 रुपये मुआवजे और उनके परिवार के सदस्यों के लिए स्थायी सरकारी  नौकरी की माँग की।

यह भी पढ़े : बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी)  नागरिक श्रमिकों ने जनवरी 2018 से भुगतान नहीं किया

गुट्टीज पौराकर्मिका संघ ने बीबीएमपी को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में, संबंधित अधिकारियों को 25 मई, 2018 को उनके निर्णय की याद दिलाई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भुगतान हर महीने 7 तारीख तक किया जाए। बीबीएमपी के 17,709 संविदात्मक कर्मचारियों (ठेके पर काम करने वाले मज़दूर) में से केवल कुछ ही को भुगतान का कुछ ही हिस्सा मिला है और उनमें से अधिकांश को कुछ भी नहीं मिला। श्रमिक अभी भी जून के महीने और शेष पाँच महीनों की मज़दूरी का इंतजार कर रहे हैं। यूनियन ने देरी के कारणों और लोगों की जाँच की माँग की है।

यूनियन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि ठेकेदार निश्चित मज़दूरी का भुगतान नहीं करते बल्कि  राशि को कम कर देते हैं क्योंकि मज़दूर पीएफ और ईएसआई विवरण जमा नहीं कर पा रहे हैं और यह भुगतान भी अवैध तौर से बिना रसीद के किया जाता है। विरोध करने वाले श्रमिकों ने माँग की है कि बीबीएमपी को अनुबंध प्रणाली से दूर रहना चाहिए जो उनके अनुसार भ्रष्टाचार को जन्म दे रहा है। एक भ्रष्ट निजीकृत संविदात्मक प्रणाली के बजाय पौराकर्मिकास (सफाई कर्मचारी) को मज़दूरी के प्रत्यक्ष भुगतान की एक प्रणाली की माँग कर रहे हैं।

विरोध करने वाले श्रमिकों ने यह भी बताया कि बीबीएमपी ने कर्मचारी  नागरिक अनुपात को 1:500 से 1:700 बना दिया है। इसके परिणामस्वरूप कई संविदात्मक श्रमिकों ने रोज़गार खो दिया है और श्रमिकों पर कार्य का भार बढ़ दिया है। 11 जुलाई 2018 को कई "अतिरिक्त" श्रमिकों को हटा दिया गया था। उन्होंने इन घटनाओं का विरोध किया। महापौर संपथ राज और बीबीएमपी पदाधिकारियों को दिए गये माँग पत्र में श्रमिकों ने बीबीएमपी में यौन-उत्पीड़न कानून को लागू करने की माँग की है।

इन माँगों को प्राप्त करने वाले महापौर ने कहा है कि सुब्रमण्य के परिवार को सरकारी आवास दिया जाएगा और उन्हें रोज़गार दिया जाएगा; हालांकि वह स्थायी रोज़गार और मुआवज़े के बारे में चुप रहे। वह मज़दूरी का भुगतान न करने की जाँच शुरू करने पर सहमत हुए और उन्होंने न वार्डों की एक सूची मांगी है जिसमें श्रमिकों का भुगतान नहीं किया जा रहाI

BBMP
बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका
सफाई कर्मचारी
कर्मचारी हड़ताल
बेंगलुरु

Related Stories

चेन्नई मेट्रो के कर्मचारियों ने मेट्रो भवन के सामने दिया धरना

आंध्र प्रदेशः बिजली विभाग के ठेका मज़दूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

तमिलनाडू बिजली बोर्ड के कर्मचारी आय वृद्धि की माँग को लेकर हड़ताल की तैयारी में

असंगठित मज़दूर : "हम भी इंसान हैं"

बिजली इंजीनियर और श्रमिक हड़ताल के लिए तैयार

दिल्ली में जंग : आम आदमी तंग

‘स्वच्छ भारत’ : पोल खोलते तथ्य


बाकी खबरें

  • poonam
    सरोजिनी बिष्ट
    यूपी पुलिस की पिटाई की शिकार ‘आशा’ पूनम पांडे की कहानी
    16 Nov 2021
    आख़िर पूनम ने ऐसा क्या अपराध कर दिया था कि पुलिस ने न केवल उन्हें इतनी बेहरमी से पीटा, बल्कि उनपर मुकदमा भी दर्ज कर दिया।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी : जनता बदलाव का मन बना चुकी, बनावटी भीड़ और मेगा-इवेंट अब उसे बदल नहीं पाएंगे
    16 Nov 2021
    उत्तर-प्रदेश में चुनाव की हलचल तेज होती जा रही है। पिछले 15 दिन के अंदर यूपी में मोदी-शाह के आधे दर्जन कार्यक्रम हो चुके हैं। आज 16 नवम्बर को प्रधानमंत्री पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करने…
  • Ramraj government's indifference towards farmers
    ओंकार सिंह
    लड़ाई अंधेरे से, लेकिन उजाला से वास्ता नहीं: रामराज वाली सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता
    16 Nov 2021
    इस रामराज में अंधियारे और उजाले के मायने बहुत साफ हैं। उजाला मतलब हुक्मरानों और रईसों के हिस्से की चीज। अंधेरा मतलब महंगे तेल, राशन-सब्जी और ईंधन के लिए बिलबिलाते आम किसान-मजदूर के हिस्से की चीज।   
  • दित्सा भट्टाचार्य
    एबीवीपी सदस्यों के कथित हमले के ख़िलाफ़ जेएनयू छात्रों ने निकाली विरोध रैली
    16 Nov 2021
    जेएनयूएसयू सदस्यों का कहना है कि एक संगठन द्वारा रीडिंग सत्र आयोजित करने के लिए बुक किए गए यूनियन रूम पर एबीवीपी के सदस्यों ने क़ब्ज़ा कर लिया था। एबीवीपी सदस्यों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कार्यक्रम…
  • Amid rising tide of labor actions, Starbucks workers set to vote on unionizing
    मोनिका क्रूज़
    श्रमिकों के तीव्र होते संघर्ष के बीच स्टारबक्स के कर्मचारी यूनियन बनाने को लेकर मतदान करेंगे
    16 Nov 2021
    न्यूयॉर्क में स्टारबक्स के कामगार इस कंपनी के कॉर्पोरेट-स्वामित्व वाले स्टोर में संभावित रूप से  बनने वाले पहले यूनियन के लिए वोट करेंगे। कामगारों ने न्यूयॉर्क के ऊपर के तीन और स्टोरों में यूनियन का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License