NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विश्लेषण : यूपी 2019 : बीजेपी-12, सपा-बसपा-66, कांग्रेस-2
2019 की ये तस्वीर एक ठोस धरातल पर बनी है। ये धरातल है 2017 का यूपी विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए लोकसभा उपचुनाव। जिसमें वोट स्विंग 5 फीसदी से भी ज़्यादा रहा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jan 2019
सांकेतिक तस्वीर
सपा-बसपा गठबंधन और 5% स्विंग के आधार पर तैयार किया गया मैप : न्यूज़क्लिक

बीजेपी-12, सपा-बसपा गठबंधन-66, कांग्रेस-2…अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो उत्तर प्रदेश में 2019 के आम चुनाव में ये तस्वीर उभरने वाली है। न...न ये कोई भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि आंकड़ों का विश्लेषण है।

ये आंकड़ें कहां से आए, ये कौन सा गणित है। हम इसका पूरा ब्योरा आपको देंगे।

2019 की ये तस्वीर एक ठोस धरातल पर बनी है। ये धरातल है 2017 का यूपी विधानसभा चुनाव। उसके नतीजों को गठबंधन के हिसाब से लोकसभा सीटों में बदलकर अगर 5 प्रतिशत का स्विंग माना जाए जो अभी 2018 में यूपी के उपचुनाव में हो चुका है तो पूरी तस्वीर ही बदल जाती है और बीजेपी 71 से 12 सीटों पर पहुंच सकती है।

आइए शुरू से शुरू करते हैं। हम आपको 2014 लोकसभा चुनाव में यूपी में विभिन्न दलों की वास्तविक स्थिति क्या रही थी, इसे एक बार याद दिलाते हैं।

2014 में बीजेपी ने एक तरह से क्लीन स्वीप करते हुए पूरे ही राज्य में अपना झंडा गाड़ा था। 80 में से सिर्फ 7 सीटें ही दूसरे दलों को गईं थीं।

2014 चुनाव का रिजल्ट कुछ इस प्रकार रहा था-

कुल सीट- 80

दल                                                     सीट

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)                71

अपना दल (एडी)                                  02

कांग्रेस                                                02

समाजवादी पार्टी (सपा)                        05

बहुजन समाज पार्टी (बसपा)                 00

UP2014_0.jpg

ये नतीजा तब आया था जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़े थे। उस चुनाव में अपना दल बीजेपी के साथ रहा। ये आज भी बीजेपी के साथ है। लेकिन सपा-बसपा के अलग-अलग होने और साथ जुड़ने से ही स्थिति बदल जाती है। बसपा को इन चुनावों में भले ही कोई सीट नहीं मिली लेकिन वोट 19.6 प्रतिशत मिले।

2014 के चुनावों में यूपी में इन प्रमुख दलों को मिले वोट शेयर पर भी एक नज़र डालते हैं-

दल           वोट प्रतिशत

बीजेपी           42.3%

सपा              22.2%

कांग्रेस           07.5%

बसपा           19.6%

इसे भी पढ़ें :  यूपी : सपा-बसपा गठबंधन के साथ बीजेपी की उल्टी गिनती शुरू!

अगर सपा-बसपा 2014 का चुनाव एक साथ मिलकर लड़ते तो आंकड़ों के हिसाब से क्या स्थिति हो सकती थी, ये जानना दिलचस्प है। 

दोनों दल मिलते तो यूपी में कुछ ऐसी स्थिति हो सकती थी-

बीजेपी-35, अपना दल-2, सपा-बसपा गठबंधन-41, कांग्रेस-2

UP2014Alliance_0.jpg

अब अगर 2017 विधानसभा चुनाव के नतीजों के हिसाब से संसदीय क्षेत्रों का आकलन करें तो कुछ इस प्रकार रिजल्ट आता-

बीजेपी-71, सपा-5, बसपा-3 और कांग्रेस-1

 

UP2017 (1)_0.jpg

इसके विपरीत अगर सपा-बसपा एक साथ होते तो ये परिणाम मिल सकते हैं-

बीजेपी-33, सपा-बसपा-43 और कांग्रेस-1

UP2017Alliance_0.jpg

अब अगर सपा-बसपा के पक्ष में और बीजेपी के खिलाफ 5 प्रतिशत का वोट स्विंग होता है तो क्या स्थिति बनती है। ये भी देख लीजिए- फिर नतीजा कुछ इस तरह होता-

बीजेपी- 12, सपा-बसपा गठबंधन- 66 और कांग्रेस- 2

UP2017AllianceSwing_0.jpg

तो 2017 के नतीजों के आधार पर 2019 के लिए 5 प्रतिशत वोट स्विंग जोड़ लें तो पूरी तस्वीर बदल जाती है और ये बहुत संभव भी है, क्योंकि यूपी में हुए लोकसभा उपचुनाव और अभी हाल में ही हुए तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में 5 प्रतिशत से बहुत ज्यादा वोट स्विंग देखने को मिला है। कांग्रेस-2 का मतलब ये है कि गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी है।

इसे भी पढ़ें : यूपी में 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी सपा-बसपा, गठबंधन का औपचारिक ऐलान

इसलिए स्थिति बहुत साफ है। सपा-बसपा का गठबंधन यूपी के जरिये ही देश की लोकसभा की सूरत बदल सकता है। आपको याद रखना चाहिए कि 2014 में यूपी की 71 सीटों के बदौलत ही बीजेपी लोकसभा में अपने अकेले दम पर बहुमत पाने में कामयाब रही थी। अगर उस समय ये स्थिति होती तो बीजेपी न केवल बहुमत से दूर बल्कि सत्ता से भी बहुत दूर हो सकती थी।

इसे भी पढ़ें : यूपी का राजनीतिक गुणा-भाग : सपा-बसपा के पास खोने को कुछ भी नहीं...जो होगा प्लस होगा

SP-BSP Alliance
General elections2019
UttarPradesh
2019 आम चुनाव
UP
SAMAJWADI PARTY
BAHUJAN SAMAJ PARTY
Congress
BJP
BJP government
MAYAWATI
AKHILESH YADAV
Narendra modi

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • kandyadan
    रवि शंकर दुबे
    ''मैं दान की चीज़ नहीं आपकी बेटी हूं'’ कहकर IAS ने नकारी कन्यादान की रस्म
    18 Dec 2021
    समाज में समानता और सुधार के लिए एक IAS तपस्या ने अपनी शादी में कन्यादान की रस्म नहीं निभाकर एक सोशल मैसेज देने की कोशिश की है।
  • SP and PSP alliance
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव 2022 : सपा और प्रसपा गठबंधन के मायने
    18 Dec 2021
    आज के हालत में अखिलेश और शिवपाल दोनों के पास साथ आने के सिवा कोई विकल्प नहीं था। जिसके के लिए दो रस्ते थे, या तो शिवपाल की पार्टी का सपा में विलय हो जाये या दोनों का चुनाव पूर्व गठबंधन हो, ताकि कम से…
  • KR-Ramesh
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: रेप जैसे गंभीर मामले को लेकर भद्दे मज़ाक के लिए क्या छह मिनट का माफ़ीनामा काफ़ी है?
    18 Dec 2021
    महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाले ये नेता आए दिन अपनी अपनी फूहड़ बातों से महिलाओं की अस्मिता, मान-सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं और दुख इस बात का है कि सब चुप-चाप तमाशा देख रहे हैं, हंस रहे हैं।
  • gig workers
    बी. सिवरामन
    गिग वर्कर्स के क़ानूनी सशक्तिकरण का वक़्त आ गया है
    18 Dec 2021
    गिग वर्कर ओला (OLA) या उबर (Uber) जैसी एग्रीगेटर फर्मों के लिए काम करने वाले टैक्सी ड्राइवर हैं। ज़ोमैटो (Zomato) या स्विगी (Swiggy) जैसी फूड होम डिलीवरी चेन के डिलीवरी वर्कर हैं।
  • army
    भाषा
    बुमला : हिमाचल के ऊंचे इलाकों में भारत-चीन आमने-सामने
    18 Dec 2021
    भारत और चीन के बीच बर्फ से ढकी सीमा, दो विशाल एशियाई पड़ोसियों के बीच बेहद कम प्रचलित सीमाओं में से एक, बुमला दर्रा सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License