NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विवाहित नाबालिग लड़की मामले में यूपी के गृह सचिव तलब
सुप्रीम कोर्ट ने विवाहित नाबालिग लड़की की याचिका के संदर्भ में सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘हम उत्तर प्रदेश के गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से 23 सितंबर को तलब करने के लिये बाध्य हैं।’’
भाषा
19 Sep 2019
high court

उच्चतम न्यायालय ने ‘नाबालिग’ मुस्लिम लड़की की याचिका का जवाब देने में विफल रहने पर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव को तलब किया। इस लड़की ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है जिसमे उसके निकाह को अमान्य करार दे दिया गया है।

उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली लड़की का तर्क है कि वह 16 साल की है और मुस्लिम लॉ के तहत महिला के रजस्वला हो जाने की स्थिति (जो 15 साल की आयु है) प्राप्त करने के बाद वह अपनी जिंदगी के बारे में निर्णय लेने और अपनी मर्जी से किसी के भी साथ शादी करने में सक्षम है।

न्यायमूर्ति एन वी रमण और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को जब यह मामला सुनवाई के लिये आया तो राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिये समय देने का अनुरोध किया।

पीठ ने तल्खी के साथ टिप्पणी की, ‘‘मुख्य सचिव को (न्यायालय में) पेश होने दीजिये। तभी वह मामले की गंभीरता समझेंगे।’’

पीठ ने बाद में, उप्र सरकार के गृह सचिव को समन किया और उन्हे 23 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार के वकील को इस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिये समय दिये जाने के बावजूद उसे संबंधित विभाग से उचित निर्देश नहीं मिले हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हम गृह सचिव (उत्तर प्रदेश के) को व्यक्तिगत रूप से सोमवार को (23 सितंबर) को तलब करने के लिये बाध्य हैं।’’

इससे पहले, शीर्ष अदालत इस लड़की की याचिका पर विचार करने के लिये तैयार हो गयी थी। उच्च न्यायालय द्वारा इस लड़की का विवाह अमान्य घोषित किये जाने के बाद से उसे एक नारी निकेतन में रखा गया है।

मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, यह लड़की 16 साल की है और उसने उच्च न्यायालय के जुलाई के आदेश को चुनौती दी है। इस आदेश के तहत निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उसकी याचिका खारिज कर दी गयी थी। अयोध्या की एक अदालत ने युवती के 18 साल को होने तक उसे नारी निकेतन में रखने का निर्देश दिया था।

लड़की ने निचली अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। लेकिन उच्च न्यायालय ने नाबालिग लड़की को नारी निकेतन भेजने के आदेश को सही ठहराते हुये उसकी अपील खारिज कर दी थी।

अधिवक्ता दुष्यंत पराशर के माध्यम से इस लड़की ने शीर्ष अदालत में दायर याचिका में कहा है कि उच्च न्यायालय इस तथ्य की सराहना करने में विफल रहा कि उसका निकाह मुस्लिम कानून के अनुसार हुआ है।

याचिका में कहा गया है कि उसके जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार को संरक्षण प्रदान किया जाये। उसका कहना है कि जून के महीने में मुस्लिम रीति से उसका निकाह हो चुका है।

लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है जिसमे आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी का इस व्यक्ति और उसके आदमियों ने अपहरण कर लिया था।

इसके बाद, लड़की ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया जिसमे उसने कहा कि उसने अपनी मर्जी से इस व्यक्ति के साथ निकाह किया है और वह उसी के साथ रहना चाहती है

Utter pradesh
Minor girl case
high court
Allahabad High Court
Justice NV Raman
Justice Ajay Rastogi
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

वर्ष 1991 फ़र्ज़ी मुठभेड़ : उच्च न्यायालय का पीएसी के 34 पूर्व सिपाहियों को ज़मानत देने से इंकार

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • रौनक छाबड़ा
    महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर
    19 Apr 2022
    व्यावसायिक चालकों ने पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की बढ़ती क़ीमतों के विरोध में अपनी वाहन सेवा को लंबित रखा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप
    19 Apr 2022
    सीपीएम ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट। रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के करौली में 2 अप्रैल को जो साम्प्रदायिक दंगे की घटना हुई वह पूरी तरह से प्रायोजित और सुनियोजित थी।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी
    19 Apr 2022
    मंगलवार को बलिया के अलावा आज़मगढ़, मऊ, ग़ाज़ीपुर और बनारस से बड़ी संख्या में पत्रकार व समाजसेवी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम व एसपी के दफ्तरों का घेराव किया। पत्रकारों का भारी हुजूम जुटने की वजह से…
  • विजय विनीत
    बनारस: ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी पर रोक, फ़िलहाल नहीं जाएगा कमीशन
    19 Apr 2022
    ‘श्रृंगार गौरी में रोजाना दर्शन पूजन को परंपरा का हिस्सा कतई न बनाया जाए। सिर्फ चैत्र नवरात्रि के दिन ही वहां दर्शन-पूजन की मान्यता है। ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग में सिर्फ मसुलमान या…
  • आज का कार्टून
    8 साल की उपलब्धि : ...और नहीं बस और नहीं !
    19 Apr 2022
    अगर एक आम आदमी से मोदी सरकार की आठ साल की उपलब्धियां पूछी जाएं, तो वह क्या जवाब देगा? हम कुछ नहीं कहेंगे, आप ख़ुद सोचिए। सोचिए कि अगर वह आम आदमी आप हैं और आप एक अंधभक्त नहीं हैं तो ईमानदारी से आपका…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License