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भारत
राजनीति
वनाधिकारों से वंचित आदिवासी
यह वीडियो वनाधिकार अधिनियम, 2006 पर आधारित न्यूज़क्लिक की शृंखला का एक हिस्सा है। यह अधिनियम आदिवासियों तथा वनवासियों के कई अधिकारों को मान्यता देता है। जिस में वन में रहने का एवं ज़मीन के पट्टे के भी अधिकार शामिल हैं। इस अधिनियम के तहत वे लोग आते हैं जिनकी आजीविका वनों पर निर्भर है। मगर सरकारी उदासीनता, भ्रष्टाचार एवं कार्यान्वयन की कमियों की वजह से देशभर में 19 लाख आदिवासियों के ज़मीन के दावों को अस्वीकार किया गया। इसके चलते सर्वोच्च न्यायलय ने उन सब के निष्कासन का आदेश दिया जिन के दावें राज्य सरकारों ने अमान्य किये हैं।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
03 Sep 2019

यह वीडियो वनाधिकार अधिनियम, 2006 पर आधारित न्यूज़क्लिक की शृंखला का एक हिस्सा है। यह अधिनियम आदिवासियों तथा वनवासियों के कई अधिकारों को मान्यता देता है। जिस में वन में रहने का एवं ज़मीन के पट्टे के भी अधिकार शामिल हैं। इस अधिनियम के तहत वे लोग आते हैं जिनकी आजीविका वनों पर निर्भर है। मगर सरकारी उदासीनता, भ्रष्टाचार एवं कार्यान्वयन की कमियों की वजह से देशभर में 19 लाख आदिवासियों के ज़मीन के दावों को अस्वीकार किया गया। इसके चलते सर्वोच्च न्यायलय ने उन सब के निष्कासन का आदेश दिया जिन के दावें राज्य सरकारों ने अमान्य किये हैं।

Forest Rights Act
Forest Rights Act Displacement
fra
AARM
BJP
Supreme Court

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License