NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
मैंने बम नहीं बाँटा था : वरवरा राव
प्रसिद्ध कवि वरवरा राव का आज जन्मदिन है। 82वां जन्मदिन। वरवरा 2018 से 15 अन्य बौद्धिक और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ भीमा-कोरेगांव मामले में आरोपी हैं और इन दिनों चिकित्सीय आधार पर ज़मानत पर हैं।
न्यूज़क्लिक डेस्क
03 Nov 2021
varavara rao
वरवरा राव

प्रसिद्ध कवि वरवरा राव का आज जन्मदिन है। 81वीं वर्षगांठ, 82वां जन्मदिन। वरवरा (जिन्हें हिंदी-अंग्रेज़ी में वरवर और वरावरा भी लिखा जाता है) का जन्म 3 नवंबर, 1940 को तेलंगाना के वरंगल (Warangal) में हुआ था। तेलगू के ये क्रांतिकारी कवि 2018 से 15 अन्य बौद्धिक और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ भीमा-कोरेगांव मामले में आरोपी हैं और इन दिनों चिकित्सीय आधार पर ज़मानत पर हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें 18 नवंबर तक तलोजा जेल में आत्मसमर्पण से छूट दी है।

आइए पढ़ते हैं इसी जुझारू और क्रांतिकारी कवि की एक तेलगू कविता का हिन्दी अनुवाद।

 

चिन्ता

 

मैंने बम नहीं बाँटा था

न ही विचार

तुमने ही रौंदा था

चींटियों के बिल को

नाल जड़े जूतों से ।

 

रौंदी गई धरती से

तब फूटी थी प्रतिहिंसा की धारा

 

मधुमक्खियों के छत्तों पर

तुमने मारी थी लाठी

अब अपना पीछा करती मधुमक्खियों की गूँज से

काँप रहा है तुम्हारा दिल !

 

आँखों के आगे अंधेरा है

उग आए हैं तुम्हारे चेहरे पर भय के चकत्ते ।

 

जनता के दिलों में बजते हुए

विजय नगाड़ों को

तुमने समझा था मात्र एक ललकार और

तान दीं उस तरफ़ अपनी बन्दूकें...

अब दसों दिशाओं से आ रही है

क्रान्ति की पुकार ।

 

  • वरवरा राव

(साभार कविता कोश)

 

इसे भी पढ़ें:  एल्गार परिषद मामला : कोर्ट ने कहा वरवरा राव को 18 नवंबर तक सरेंडर करने की ज़रूरत नहीं

varavara rao
Bhima Koregaon
Bhima Koregaon Case
Elgar Parishad case
poet

Related Stories

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

स्टेन स्वामी: जब उन्होंने फादर ऑफ द नेशन को नहीं छोड़ा तो ‘फादर’ को क्या छोड़ते

बोलने में हिचकाए लेकिन कविता में कभी नहीं सकुचाए मंगलेश डबराल

स्मृति शेष: वह हारनेवाले कवि नहीं थे

मंगलेश डबराल नहीं रहे

वरवरा राव जैसी शख़्सियत का बनना: भाग एक

सीएए-एनपीआर-एनआरसी के ख़िलाफ़ अखिल भारतीय लेखक-कलाकार सम्मेलन- 'हम देखेंगे’

मुझे अम्न और मोहब्बत का हिन्दुस्तान चाहिए : राहत इंदौरी


बाकी खबरें

  • प्रोफेसर हनी बाबू
    भाषा
    अदालत ने अस्पताल से हनी बाबू को एक जून तक छुट्टी नहीं देने को कहा, उनके स्वास्थ्य पर रिपोर्ट मांगी
    27 May 2021
    न्यायमूर्ति एस. एस. शिंदे और न्यायमूर्ति एन. आर. बोरकर की अवकाश पीठ ने कहा कि अगर निजी अस्पताल को हनी बाबू को एक जून से पहले छुट्टी देनी है तो उसे अदालत को सूचित करना होगा और उसकी अनुमति लेनी होगी।
  • चरमराई अर्थव्यवस्था और बेरोज़गारी को लेकर ओमान में जारी विरोध प्रदर्शन का चौथा दिन
    पीपल्स डिस्पैच
    चरमराई अर्थव्यवस्था और बेरोज़गारी को लेकर ओमान में जारी विरोध प्रदर्शन का चौथा दिन
    27 May 2021
    राष्ट्रीय बजट को संतुलित करने और घाटे को कम करने के लिए सुल्तान द्वारा शुरू की गई बिजली और पानी से सब्सिडी को हटाने जैसे कठोर नियमों से ओमानी नागरिक जूझ रहे हैं।
  • modi
    एजाज़ अशरफ़
    कोरोना से लड़ने के लिए मोदी की रणनीति को दूसरे प्रधानमंत्रियों ने कभी नहीं अपनाया होता
    27 May 2021
    बीजेपी के पिछले 7 सालों के बहुमत वाले शासन से हमें सीख मिलती है कि एक स्थिर सरकार भी नागरिकों की ज़िंदगी को अस्थिर कर सकती है।
  • मैक्सिको में संसदीय व अन्य चुनावों से पहले उम्मीदवारों की हत्या में वृद्धि
    पीपल्स डिस्पैच
    मैक्सिको में संसदीय व अन्य चुनावों से पहले उम्मीदवारों की हत्या में वृद्धि
    27 May 2021
    राजनीतिक हिंसा पर कंसल्टिंग फ़र्म एटेलेक्ट की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2020 में चुनाव अभियान की शुरूआत के बाद से अब तक 88 नेताओं की हत्या कर दी गई है।
  • दो साल के संघर्ष के बाद पेरिस के आईबिस होटल के चैंबरमेड्स ने वेतन वृद्धि की लड़ाई जीती
    पीपल्स डिस्पैच
    दो साल के संघर्ष के बाद पेरिस के आईबिस होटल के चैंबरमेड्स ने वेतन वृद्धि की लड़ाई जीती
    27 May 2021
    22 महीने के अथक संघर्ष के बाद पेरिस के आईबिस बैटिग्नोल्स होटल के लगभग 20 चैंबरमेड्स ने बेहतर वेतन और काम करने की स्थिति हासिल कर ली।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License