NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वृंदा ने जावड़ेकर को लिखा पत्र, सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कुचलने का आरोप
माकपा नेता वृंदा करात ने कहा, ‘‘आपने कानून में प्रस्तावित अत्यंत दमनकारी कदमों को कमतर करके देखने की कोशिश की है और खासकर जनजातीय समुदायों के अधिकारों को कुचले जाने को पूरी तरह नजरअंदाज किया।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jul 2019
माकपा नेता वृंदा करात
Image Courtesy: sabrangindia

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (माकपा) की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर केंद्र पर भारतीय वन कानून, 1927 के संशोधनों में प्रस्तावित ‘‘दमनकारी’’ कदमों को कमतर करके दिखाने का आरोप लगाया है।

वृंदा ने कहा कि भारतीय वन कानून, 1927 के जरिये ब्रितानी उपनिवेशवादियों ने जंगलों पर सरकारी स्वामित्व स्थापित किया और जनजातीय समुदायों को कब्जा करने वाले करार दिया और इस तरह इसने जनजातीय समुदायों के खिलाफ ऐतिहासिक अन्यायों को कानूनी मंजूरी दे दी।

वृंदा ने कहा, ‘‘आपने कानून में प्रस्तावित अत्यंत दमनकारी कदमों को कमतर करके देखने की कोशिश की है और खासकर जनजातीय समुदायों के अधिकारों को कुचले जाने को पूरी तरह नजरअंदाज किया।’’

इसे भी पढ़ें : भारतीय वन अधिनियम-2019 नाइंसाफ़ी का नया दस्तावेज़!

उन्होंने कहा कि ये संशोधन जनजातीय जीवन के हर पक्ष का अपराधीकरण करते हैं और वन नौकरशाहों को कानून लागू के लिए बिना वारंट के गिरफ्तार करने और हथियारों का इस्तेमाल करने की ‘‘अनियंत्रित शक्तियां’’ देते हैं।

करात ने प्रस्तावित संशोधन के बारे में कहा कि सेना प्रमुख को प्रस्तावित राष्ट्रीय वानिकी बोर्ड के सदस्य के तौर पर शामिल किए जाने का यह अर्थ हुआ कि सेना प्रमुख के पास अब सीमाओं नहीं, वनों की ‘‘रक्षा’’ पर चर्चा करने का समय होगा।

इसे भी पढ़ें : वन अधिकार अधिनियम बनाम भारतीय वन अधिनियम : संरक्षण या संरक्षणवाद

आपको बता दें केंद्र सरकार ने भारतीय वन अधिनियम-1927 में संशोधन का मसौदा तैयार कर मार्च महीने में सभी राज्यों को विचार के लिए भेजा था और जून तक इस पर राय मांगी थी। आमतौर पर जानकारों को मानना है कि नया कानून यदि लागू होता है तो वो लोगों के जंगल पर अधिकार को खत्म करने की दिशा में कार्य करेगा और जंगल पर लोगों की निर्भरता को अपराध में बदलने का कार्य करेगा।

(भाषा के इनपुट के साथ)

Indian forest act -1927
Indian forest act-2019
National Forest Policy
Forest Rights Act
fra
IFA
BJP government
Narendra Modi Government
CPI(M)
Brinda Karat
Vrinda Karat
tribal communities
aadiwasi

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

गुजरात: पार-नर्मदा-तापी लिंक प्रोजेक्ट के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ने की तैयारी!

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना

तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 


बाकी खबरें

  • price hike
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंगाई और पेट्रोल के दाम पर घिरी मोदी सरकार
    23 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस इंक में आज वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं, देश में बढ़ती हुई रिकॉर्ड तोड़ महंगाई की। उसके साथ ही वे भाजपा सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि मोदी सरकार महंगाई…
  • petroleum
    न्यूज़क्लिक टीम
    सरकार चाहे तो पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस के दाम न बढ़े
    23 Mar 2022
    137 दिनों के बाद पेट्रोल-डीज़ल के दाम 80 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में भी 50 रुपए का इज़ाफा हुआ है। यानी पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ गयी हैं। लेकिन सरकार चाहें…
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    भगत सिंह ने क्यों कहा— मैं नास्तिक हूं?
    23 Mar 2022
    आज जब एक बार फिर धर्म और ईश्वर के नाम पर सत्ता और शोषण की राजनीति बेहद तेज़ हो गई है। ऐसे में शहीदे-आज़म Bhagat Singh का यह लेख "मैं नास्तिक क्यों हूं" पढ़ना बेहद ज़रूरी हो गया है।
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत
    23 Mar 2022
    विगत तीन दशकों से सरकार द्वारा घोषित नेतरहाट फ़ील्ड फायरिंग रेंज परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर प्रत्येक वर्ष 22 एवं 23 मार्च को आयोजित होने वाले ‘विरोध एवं संकल्प दिवस’ कार्यक्रम में इस बार…
  • akhilesh yadav
    रवि शंकर दुबे
    सियासत: अखिलेश ने क्यों तय किया सांसद की जगह विधायक रहना!
    23 Mar 2022
    चुनाव नतीजों के बाद से ही चली आ रही नेता प्रतिपक्ष के नाम की कश्मकश लगभग खत्म हो चुकी है। अखिलेश यादव ने लोकसभा से इस्तीफा देकर भाजपा के सामने चुनौती पेश की है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License