NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एल्गार परिषद मामला : कोर्ट ने कहा वरवरा राव को 18 नवंबर तक सरेंडर करने की ज़रूरत नहीं
अदालत ने 82 वर्षीय राव को इस साल 22 फ़रवरी को चिकित्सा आधार पर छह महीने के लिए अंतरिम ज़मानत दी थी। उन्हें पांच सितंबर को समर्पण कर न्यायिक हिरासत में लौटना था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Oct 2021
एल्गार परिषद मामला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कवि वरवरा राव को 18 नवंबर तक तलोजा जेल के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने की ज़रूरत नहीं है।

अदालत ने इस संबंध में राव की याचिका पर सुनवाई 18 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

अदालत ने 82 वर्षीय राव को इस साल 22 फरवरी को चिकित्सा आधार पर छह महीने के लिए अंतरिम जमानत दी थी. उन्हें पांच सितंबर को समर्पण कर न्यायिक हिरासत में लौटना था।

इससे पहले सितंबर महीने में भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने राव की अंतरिम जमानत की याचिका पर सुनवाई स्थगित करते कहा कि राव को 25 सितंबर तक तलोजा जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण की जरूरत नहीं है। इसके बाद इस महीने के मध्य में इस अवधि को 28 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया था।

इस मामले में वरवरा राव के अलावा पंद्रह अन्य कार्यकर्ताओं, विद्वानों और वकीलों को गिरफ्तार किया गया है। राव की तरह ही मामले में गिरफ्तार किए गए कई अन्य आरोपी भी खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं. जबकि एक फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हो चुकी है।

वकील सुधा भारद्वाज, प्रोफेसर शोमा सेन और हेनी बाबू, कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुम्बड़े ने खराब स्वास्थ्य, उम्र संबंधी बीमारियों और कोरोना का हवाला देकर अदालत का रुख किया है।

राव ने मेडिकल जमानत में विस्तार और जमानत शर्तों में बदलाव की मांग वाली याचिका में कहा था कि नानावती अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक वे संभावित न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से पीड़ित हो सकते हैं, जिसे क्लस्टर हेडएक कहते हैं। राव की ओर से यह भी कहा गया है कि वे यूरिनरी ट्रैक्ट संक्रमण, हाइपोनैट्रेमिया, पार्किंसंस बीमारी का संदेह, मस्तिष्क के प्रमुख छह लोब में लैकुनर इन्फर्क्ट और आंख संबंधी समस्याओं से ग्रसित हो सकते हैं।

आपको बता दें कि एल्गार परिषद मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एक सम्मेलन में दिए गए भड़काऊ भाषणों से संबंधित है, जिसके बारे में पुणे पुलिस का दावा था कि इन भाषणों के कारण अगले दिन पुणे के बाहरी इलाके में स्थित कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई।

पुणे पुलिस ने दावा किया था कि सम्मेलन को माओवादियों का समर्थन प्राप्त था। मामले में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों को आरोपी बनाया गया है. इसकी जांच बाद में एनआईए को सौंप दी गई थी।

एनआईए ने भी आरोप लगाया है कि एल्गार परिषद का आयोजन राज्य भर में दलित और अन्य वर्गों की सांप्रदायिक भावना को भड़काने और उन्हें जाति के नाम पर उकसाकर भीमा-कोरेगांव सहित पुणे जिले के विभिन्न स्थानों और महाराष्ट्र राज्य में हिंसा, अस्थिरता और अराजकता पैदा करने के लिए आयोजित किया गया था।

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

elgar parishad
Varvara Rao
Political Prisoners
Bhima Koregaon
Bhima Koregaon Case

Related Stories

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

भीमा कोरेगांव: HC ने वरवर राव, वर्नोन गोंजाल्विस, अरुण फरेरा को जमानत देने से इनकार किया

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे HC ने की गौतम नवलखा पर सुनवाई, जेल अधिकारियों को फटकारा

सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज

2021 में सुप्रीम कोर्ट का मिला-जुला रिकॉर्ड इसकी बहुसंख्यकवादी भूमिका को जांच के दायरे में ले आता है!

अदालत ने सुधा भारद्वाज को 50,000 रुपये के मुचलके पर जेल से रिहा करने की अनुमति दी

एल्गार परिषद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुधा भारद्वाज की ज़मानत के ख़िलाफ़ एनआईए की याचिका ख़ारिज की


बाकी खबरें

  • Antarctic Ice
    संदीपन तालुकदार
    अगले पांच वर्षों में पिघल सकती हैं अंटार्कटिक बर्फ की चट्टानें, समुद्री जल स्तर को गंभीर ख़तरा
    16 Dec 2021
    वैज्ञानिकों का कहना है कि सबसे बुरी स्थिति आने पर थ्वाइट्स ग्लेशियर के एक हिस्से में तेजी आ सकती है जो अल्प अवधि में वैश्विक समुद्री स्तर के बढ़ने में लगभग पांच प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
  • UN WFP and USAID
    पीपल्स डिस्पैच
    इथियोपिया में पश्चिमी हस्तक्षेप की ज़मीन तैयार करने मानवीय संकट का इस्तेमाल कर रहे हैं UN WFP और USAID
    16 Dec 2021
    हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका टीवी के संपादक एलियास अमारे ने पीपल्स डिस्पैच से इथियोपिया में हालिया सैन्य घटनाक्रमों, टीपीएलएफ़ को हुए नुकसान और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों के घालमेल पर बात की।
  • urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    पीएम मोदी का काशी-अभियान, क्या कहता है संविधान!
    16 Dec 2021
    प्रधानमंत्री मोदी ने सन् 2014 के संसदीय चुनाव में भ्रष्टाचार मुक्त भारत और विकास की बातें ज्यादा की थीं. लेकिन अब उनका और उनकी पार्टी का ज्यादा जोर धार्मिकता और ध्रुवीकरण के मुद्दों पर है. पिछले साल…
  • मोदी संसद में देश के सवालों का जवाब कब देंगे ?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    मोदी संसद में देश के सवालों का जवाब कब देंगे ?
    15 Dec 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज पूछ रहे हैं कि लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान किसानों को जान-बूझकर रौंदने की SIT रिपोर्ट पर आखिर प्रधानमंत्री कब तक चुप रहेंगे , और साथ ही बात कर रहे हैं…
  • उत्तर प्रदेश का चुनाव मंथन, काशी से लखीमपुर खीरी तक दांव-पर-दांव
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    उत्तर प्रदेश का चुनाव मंथन, काशी से लखीमपुर खीरी तक दांव-पर-दांव
    15 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लकदक काशी इवेंट यात्रा और लखीमपुर खीरी में एसआईटी द्वारा गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर इरादतन हत्या का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License