NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
व्यापम घोटाले की नए सिरे से जांच करने के लिए समीक्षा समिति का गठन 
कानून मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि यह घोटाला परीक्षा और भर्ती के दौरान हुआ था, जिसे पिछली जांच में छोड़ दिया गया था।
काशिफ काकवी
25 Jul 2019
Translated by महेश कुमार
व्यापम घोटाला

मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार ने मंगलवार को कुख्यात व्यापम घोटाले की नए सिरे से जांच शुरू करने की घोषणा की है।केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पहले ही इस घोटाले की जांच कर रही है, और उसने इस मामले में कई आरोप पत्र दायर किए हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार द्वारा समानांतर जांच का मतलब "पुराने मामलों को फिर से खोलना" होगा। कानून मंत्री पी. सी. शर्मा ने इस बात के संकेत दिए हैं।

शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस घोटाले के हर पहलू की जांच करेगी।

उन्होंने कहा, “व्यापम घोटाले की कहानी प्री-मेडिकल टेस्ट (जो सीबीआई जांच कर रही है) से बहुत परे की है। यह रोजगार परीक्षा और भर्ती को भी कवर करता है जिसे पिछली जांच में छोड़ दिया गया था।" 

यह घोटाला मध्य प्रदेश प्रोफ़ेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनियमितता को संदर्भित करता है, जिसे व्यावसायिक परीक्षा मंडल या व्यापम भी कहा जाता है और जिसके ज़रिए प्रोफ़ेशनल कोर्स और राज्य सेवा की नौकरियों में भर्ती के लिए कोर्स में दाखिला दिया जाता है। शर्मा ने कहा, 'हम व्यापम में हर उस मामले की जंच करेंगे जो किसी भी खुलासे के रूप में सामने आया है।'

2018 के विधानसभा चुनावों के दौरान, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार वादा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो व्यापम घोटाले में नए सिरे से जांच की जाएगी। इस वादे को  कांग्रेस के घोषणापत्र (वचन पत्र) में भी शामिल किया गया था।

विधानसभा के बाहर जमा हुए पत्रकारों से बात करते हुए, शर्मा ने कहा, “व्यापम घोटाला राज्य पर एक धब्बा है। सरकार ने इसकी जांच को ऊपर से लेकर नीचे धंसी उसकी जड़ों तक करने का फ़ैसला किया है। जांच में सब कुछ शामिल होगा और घोटाले में शामिल लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा।”

सत्ता में आने के तुरंत बाद ही, कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि वह “व्यापम की संरचना और नामकरण” में बदलाव करेगी। जुलाई के पहले सप्ताह में, इसने व्यापम को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। एक नए भर्ती निकाय, राज्य कर्मचारी चयन आयोग की तर्ज़ पर, इसकी जगह लेनी की उम्मीद की जा रही है।

शर्मा ने समिति के सदस्यों, उसके संदर्भ की शर्तों या उन शिकायतों की जांच का विवरण नहीं दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि घोटाले के संबंध में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिया  गया पत्र भी, एक इशारा हो सकता है।

सीएम नाथ को लिखे अपने पत्र में, पूर्व सीएम सिंह ने "व्यापम घोटाले के प्रमुख षड्यंत्रकारियों" के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज़ करने का आग्रह किया है और मांग की है कि जिन छात्रों को इस मामले में फंसाया गया है, उन्हें राज्य का गवाह यानी सरकारी गवाह बना लेना चाहिए। सिंह ने लिखा, “मुख्य अभियुक्त आज़ाद घूम रहे हैं, जबकि उम्मीदवारों को, जो परीक्षाओं में उपस्थित हुए थे, उन षड्यंत्रकारियों को बचाने के लिए अभियुक्त बनाया गया है। उन्हें न्याय मिलना चाहिए।"

राज्य के कई कांग्रेस नेताओं ने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए इस घोटाले की विस्तृत जांच की मांग की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा, "हां, हम चाहते हैं कि घोटाले में छूट गए सभी क्षेत्रों की गहन जांच हो।"

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा ने इसे "बदले की राजनीति" क़रार दिया है। पूर्व भाजपा मंत्री नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह ने आश्चर्य जताया कि कांग्रेस सरकार ने पिछले सात महीनों में क्या किया है।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हालांकि कहा कि सरकार जो किसी भी तरह की जांच के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा, “मैं जाँच के बारे में चिंतित नहीं हूँ। कांग्रेस सरकार मेरे परिवार सहित व्यापम से जुड़े सभी मामलों की जांच कर सकती है। सरकार ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है।"

सरकार ने व्यापम के कामकाज की समीक्षा के लिए एक कैबिनेट समिति का भी गठन किया है। यह एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

इस समिति के सदस्य, गृह मंत्री बाला बच्चन, स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह, क़ानूनी मामलों के मंत्री पीसी शर्मा और वित्त मंत्री तरुण भनोट हैं, जिनके संयोजक तकनीकी शिक्षा और कौशल विभाग के प्रमुख सचिव हैं।

Vyapam Scam
Madhya Pradesh
Shivraj Singh Chauhan
Kamal Nath
BJP
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License