NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
UP का वीडियो दिल्ली के सरकारी स्कूल में मदरसा चलाने के दावे के साथ वायरल
वीडियो को गौर से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने स्कूल के बोर्ड पर ‘प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर’ लिखा हुआ पाया. प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर, गाज़ियाबाद के विजयनगर इलाके में है. यानी, ये घटना उत्तर प्रदेश की है न कि दिल्ली की.
किंजल
30 Nov 2021
fact check

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग एक कमरे में बैठे हैं. इन लोगों ने मुस्लिम समुदाय से जुड़ी टोपी पहनी है. साथ में कुछ महिलाएं भी हैं. इस दौरान, पुलिस के साथ कुछ और लोग वहां पहुंचते हैं और उन लोगों से पूछताछ करने लगते हैं. दावा किया जा रहा है कि दिल्ली के विजयनगर में एक सरकारी स्कूल को मदरसा बना दिया गया है. इसे शेयर करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा जा रहा है. ट्विटर हैन्डल ‘@rakesh_bstpyp’ ने ये वीडियो ट्वीट किया और कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूल पर रोहिंग्याओं ने कब्ज़ा कर लिया है. ट्विटर परिचय में उन्होंने खुद को समाचार पत्र का संपादक बताया है. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 46 हज़ार बार देखा जा चुका है. (आर्काइव लिंक)

जी हां
शक मत करो
भारत है😡👉
तालिबान नही
इराक
ईरान सीरिया
पाकिस्तान नही है
भारत की राजधानी का हाल है😡👉
और ले लो फ्री बिजली पानी
जगह नही मिलेगी
दिल्ली के सरकारी स्कूल पर रोहिंग्याओं का कब्ज़ा।
स्कूल को बना दिया मदरसा। 😡👉
pic.twitter.com/0lxxqr09z6

— भारत (@rakesh_bstpyp) November 27, 2021

और भी कई ट्विटर यूज़र्स ने ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3)

Govt schools are converting into Madarsas in Delhi

Seems grooming Rohingyas is AAP’s last ray of hope for vote banks ? pic.twitter.com/3wW0mp7GIt

— Ashish Jaggi (@AshishJaggi_1) November 27, 2021

फ़ेसबुक यूज़र ‘सैफ़्रन राजेश सिंह’ ने ये वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 3,900 बार देखा जा चुका है. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुकऔर यूट्यूब पर ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया गया.

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो को गौर से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने स्कूल के बोर्ड पर ‘प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर’ लिखा हुआ पाया. प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर, गाज़ियाबाद के विजयनगर इलाके में है. यानी, ये घटना उत्तर प्रदेश की है न कि दिल्ली की.

image

image

इस आधार पर ऑल्ट न्यूज़ ने गाज़ियाबाद के विजयनगर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया. वहां के SHO ने बताया कि विजयनगर इलाके में एक प्राथमिक विद्यालय में रियाजुद्दीन अपने परिवार के साथ रहता है. ये लोग स्कूल परिसर में ही रहते हैं और वहीं साफ़-सफ़ाई का काम करते हैं. पुलिस ने बताया कि इन लोगों के बच्चों की तबीयत ठीक नहीं थी. इसी वजह से इन्होने मन्नत मांगी थी कि बच्चे ठीक हो जाएंगे तो कुरान ख्वानी (कुरान पाठ) करवाएंगे. और कुछ समय बाद बच्चे के स्वस्थ होते ही उन्होंने कुरान ख्वानी आयोजित किया. ये उसी घटना का वीडियो है. लेकिन पुलिस को परिसर में कोई आपराधिक गतिविधि देखने को नहीं मिली. फिर भी स्थानीय लोगों की शिकायत पर इस मामले में जांच की जा रही है.

ऑल्ट न्यूज़ इस बात की पुष्टि नहीं कर सकता कि इस परिवार को वहां आयोजन के लिए अनुमति दी गई थी या नहीं. लेकिन इतना तो तय है कि ये घटना उत्तर प्रदेश की है. और पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने कब्ज़ा नहीं किया है. ये परिवार उसी विद्यालय में काम करते हैं.

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक सरकारी स्कूल में काम करने वाले लोगों ने कुरान पाठ का आयोजन किया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर रोहिंग्या मुसलमानों का कब्ज़ा के झूठे दावे के साथ शेयर किया गया.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

Alt news
fact check
UttarPradesh
Communal Hate
madarsa
Delhi school

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License