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राजनीति
बिजनौर के बुज़ुर्ग पर ‘बोतल में पेशाब कर फलों पर छिड़कने’ का फ़र्ज़ी आरोप लगाकर वीडियो शेयर किया गया
सभी बातों और पुलिस के जवाब को ध्यान में रखकर ये समझ में आता है कि सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावे बेबुनियाद हैं. ऐसे सभी दावे एक ख़ास मकसद से किये गए हैं जिसमें शामिल सभी लोग अपने साम्प्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं
प्रियंका झा
24 Apr 2020
viral video

21 अप्रैल की सुबह से दो वीडियोज़ सोशल मीडिया पर बहुत ज़्यादा वायरल हुए हैं. दोनों में फल बेचने वाला एक बुज़ुर्ग व्यक्ति दिखता है. पहले वीडियो में वो अपने ठेले के पास होता है. जब उससे कहा जाता है कि वो बोतल में पेशाब कर रहा था तो वो ये कहकर निकल जाता है कि ‘बेकार की बात न करो’. और दूसरे वीडियो में वो एक घर के सामने खड़ा है. बीच-बीच में कई बार वो माफ़ी मांगता हुआ दिखता है. हाथ जोड़ता है और कान पकड़ कर उठक-बैठक भी करता है.

माफ़ी मांगते हुए वो कहता है गलती हो गयी, मजदूर गरीब आदमी हूं, हार्ट की बीमारी है. और वहां से जाने की कोशिश करता है लेकिन वीडियो बनाने वाला शख़्स उससे चिल्ला कर कहता है “जाना मत कहीं. यहीं खड़े रहो. जाना मत वरना गन्दा पड़ेगा. तुम्हारे चक्कर में औरों को दिक्कत हो जाएगी, नाश हो जाएगा बिजनौर का.” बुज़ुर्ग माफ़ी मांगते हुए उठक-बैठक करने लगते हैं. एक शख़्स बुज़ुर्ग को ये भी कहता है कि ऐसा न करो बस खड़े रहो. फिर बुज़ुर्ग को वहीं खड़े रहने का बोलकर वो लोग वीडियो रिकॉर्ड करते हैं.

खुद को RSS से जुड़ा बताने वाले रूपेन्द्र सिंह नाम के यूज़र ने इन दोनों वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा है, “ये मुल्ला बिजनौर में पेशाब बोतल में करके केलो पर छिड़क रहा था। हिरासत में ले लिया गया है ओर लो केले इनसे, सावधान रहें।” इस आर्टिकल ले लिखे जाने तक इस पोस्ट को 17 हजार से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

इस घटना के एक वीडियो को सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर इन चीफ़ सुरेश चव्हाणके ने भी ट्वीट किया और लिखा, “बिजनौर UP में बोलतों में पेशाब कर के फलों पर छिड़कते पकड़ा गया एक जेहादी..” साथ ही उन्होंने ये भी लिखा कि वो जो दावा कर रहे हैं, शत प्रतिशत सत्य है और आर्थिक बहिष्कार की बात की.

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22 अप्रैल को दोपहर 1 बजे के आस-पास भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी यही वीडियो ट्वीट किया. अपने चिर-परिचित अंदाज़ में थाली की आरती मंगवाते हुए उन्होंने भी यही दावा किया कि वीडियो में दिखने वाला शख्स बोतल से पेशाब को केले पर छिड़क रहा था. संबित पात्रा ने ये भी कहा कि इस कथित हरकत के बावजूद पुलिस उस फल वाले से बड़ी अदब से पेश आ रही है.

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भारतीय जनता पार्टी के मीडिया पैनलिस्ट रोहित चहल ने दोनों वीडियो ट्वीट किये. दोनों वीडियोज़ को ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, “ये मुल्ला जी बोतल में पेशाब भर के केलो पर छिड़क रहे थे ।।” (पहला ट्वीट, दूसरा ट्वीट) आशुतोष नाम के यूज़र, जिन्हें पीएम मोदी फॉलो करते हैं, उन्होंने भी एक वीडियो शेयर किया और लिखा – “इस मुस्लिम फल बेचने वाले को रंगे हाथ बोतल में पेशाब करते हुए और उसे केलों पर छिड़कते हुए पकड़ा गया.” तारिक़ फ़तह ने भी इन्हीं दावों से साथ वीडियो ट्वीट किया. इसके अलावा भी कई लोगों ने ये वीडियो शेयर करते हुए  है.दावा किया है.

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फ़ैक्ट-चेक

जैसा कि हमने सबसे पहले बताया वीडियो रिकॉर्ड करने वाला एक व्यक्ति एक जगह पर खुद कहता है कि “बिजनौर का नाश हो जाएगा,” मतलब ये वीडियो बिजनौर का है. इसके अलावा रूपेन्द्र सिंह के पोस्ट के कमेंट में जब एक ने पूछा कि ये वीडियो कहां का है, तो उन्होंने बताया कि ये बिजनौर के बुखारा कॉलोनी का है.

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इन दोनों बातों के आधार पर हमने बिजनौर पुलिस से संपर्क किया. मामले की जानकारी के लिए उन्हें फ़ेसबुक पोस्ट के वीडियोज़ व्हाट्सऐप पर भेजे. उन्होंने बताया कि ये वीडियोज़ सर्विलांस टीम को भेजा है, वो जांच कर रहे हैं और मामले की जानकारी मिलते ही अवगत कराएंगे. कुछ घंटों बाद हमें बिजनौर पुलिस से मेसेज मिला. मेसेज के अनुसार वीडियो में दिख रहे बुज़ुर्ग का नाम इरफ़ान अहमद है जो सीज़न के अनुसार घूम-घूम कर फल बेचते हैं. 20 अप्रैल को मोहल्ला बुखारा में फल बेचने के दौरान उन्हें पेशाब लगी तो वह उसी गली में पेशाब करने लगे. इसके बाद ठेले पर रखी पानी की बोतल से अपने हाथ धोए तथा केलों पर पानी छिड़का और उसी बोतल से खुद पानी पिया. इस दौरान एक व्यक्ति ने शोर मचाया कि वो पेशाब करके केलों पर छिड़क रहा है. वीडियो में व्यक्ति ऐसा कुछ भी करता नहीं दिखता है. पुलिस ने बताया कि पहली नज़र में ही ये वीडियो अफ़वाह के लिए बनाया गया मालूम पड़ता है. इरफ़ान अहमद को क्वॉरंटाइन के लिए भेजा गया है. बाकी, वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्तियों की तलाश की जा रही है.

व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत में पूरा मेसेज आप यहां देख सकते हैं :

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इसके अलावा ऑल्ट न्यूज़ को इस मामले के सन्दर्भ में FIR कॉपी मिली, इसे ट्विटर पर नजीबाबाद एक्सप्रेस नाम के हैंडल ने पोस्ट की है. FIR में भी कहीं बोतल में पेशाब कर केलों पर छिड़कने की बात नहीं की गई है. FIR में लिखी बात हमें मिले पुलिस के बयान से मेल खाते हैं. FIR में लिखा है, “इस व्यक्ति ने इस बोतल के पानी से पेशाब करने के बाद हाथ धोए तथा गंदा पानी अपने ठेली जिसपर केले रखे थे, छिड़क दिया.”

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हमने FIR दर्ज़ कराने वालों में से एक व्यक्ति से भी बात की, उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की कि पेशाब कर केलों पर छिकड़ने बात नहीं थी.

बिजनौर पुलिस के ट्विटर हैंडल से भी एक व्यक्ति को इस मामले की जानकारी देते हुए ट्वीट किया गया है. हालांकि इससे पहले किए गए हर रिप्लाय में ये बताया जा रहा था, “उक्त प्रकरण में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।”

इस वजह से हो रहे कन्फ़्यूज़न को क्लियर करने के किए हमने फिर से बिजनौर पुलिस से संपर्क किया और स्पष्ट किया कि किसकी गिरफ़्तारी हुई है. पुलिस ने स्पष्ट किया – “मामले की जानकारी के लिए पहले बुज़ुर्ग व्यक्ति को कस्टडी में लिया गया था, फ़िलहाल उसे क्वॉरेंटाइन के लिए भेज दिया गया है. अब पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने सबसे पहले ये वीडियो गलत सन्दर्भ में शेयर किया.”

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हमने नजीबाबाद एक्सप्रेस हैंडल को चलाने वाले व्यक्ति से भी ट्विटर के माध्यम से संपर्क किया, जिन्होंने FIR की कॉपी पोस्ट की थी. उन्होंने बुज़ुर्ग व्यक्ति के बयान का एक वीडियो भेजा, जिसमें वो किसी के सवालों का जवाब दे रहे हैं. हमें बताया गया कि ये वीडियो 22 अप्रैल का है. बुज़ुर्ग से घटना के बारे में पूछे जाने पर वो कहते हैं, “घटना ये है कि मैं पेशाब करने के बाद इस्तंजा करके हाथ धोया. हाथ धोने के बाद मैं चल पड़ा. इसके बाद 10-12 आदमियों ने घेर लिया.” नजीबाबाद एक्सप्रेस ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है, “बिजनौर पुलिस के अनुसार बुजुर्ग के पास एक पानी की बोतल थी जिसमें पानी था पेशाब करने के बाद वह उससे इस्तंजा करता था कल भी उसने वहीं किया धोने के बाद पानी की बोतल ठेले पर रख दी थी.”

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लेकिन यहां पर कुछ बातें और हैं जिनपर नज़र डालना ज़रूरी है. मसलन, एक मोहल्ले में घूम रहे फलवाले पर इतनी निगरानी? याद दिला दिया जाये कि जिस शख्स ने इस मामले पर पुलिस में जाकर एफ़आईआर लिखवाई है, वो वीडियो नहीं बना रहा था और न ही उन लोगों के साथ था जिन्होंने ये वीडियो बनाया. उसने ख़ुद ऑल्ट न्यूज़ को बताया है कि वो बस उस घटनास्थल पर मौजूद था. यहां पर कई बातें संदेह पैदा करती हैं.

इन सभी बातों और पुलिस के जवाब को ध्यान में रखकर ये समझ में आता है कि सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावे बेबुनियाद हैं. ऐसे सभी दावे एक ख़ास मकसद से किये गए हैं जिसमें शामिल सभी लोग अपने साम्प्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करने वाले सोशल मीडिया के सभी बड़े नाम सांप्रदायिक मसलों पर अक्सर तर्कहीन बातें करते रहे हैं और ये वीडियो भी इसी क्रम में इनका एक और कदम है. इस मामले में पुलिस ने जांच में पाया कि बुज़ुर्ग व्यक्ति ने बोतल में पेशाब करके केले पर नहीं छिड़का. यहां तक कि दर्ज़ की गई FIR में भी इस तरह का कोई दावा नहीं है. फ़िलहाल पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने इस वीडियो को गलत सन्दर्भ में शेयर किया.

पुलिस द्वारा ये बताए जाने के बाद वो लोग जिन्होंने सबसे पहले ये वीडियो गलत सांप्रदायिक एंगल से शेयर किया था, उस मेसेज को बदलकर लिख रहे हैं. इसका एक उदाहऱण आप यहां नीचे देख सकते हैं. रूपेंद्र सिंह के पोस्ट के कमेंट सेक्शन से हमें वीडियो की पड़ताल में मदद मिली. पहले इन्होंने वीडियो शेयर करते हुए खुद दावा किया था, बाद में इसे बदल दिया.

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साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

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