NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार: चुनाव से ठीक पहले मुंगेर में हिंसा, प्रशासन सवालों के घेरे में
पुलिस के मुताबिक गोली लगने से 18 वर्षीय युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फायरिंग में पांच अन्य लोग भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए मुंगेर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।  स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की फायरिंग में युवक की मौत हुई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Oct 2020
बिहार
फोटो साभार : जनसत्ता

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले मुंगेर में हिंसा भड़क गई। यह घटना दुर्गा विसर्जन के दौरान हुई। इस दौरान फायरिंग और पत्थरबाजी के कारण इलाके में तनाव फैल गया।

ये मामला सोमवार की देर शाम का है जब दुर्गा मूर्ति विसर्जन करने के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौक पर मूर्तियां ही मूर्तियां नज़र आ रही थीं। इसे देखते हुए पुलिस ने जल्द इन्हे विसर्जित करने को कहा तो लोगों से पुलिस की तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इसके बाद बहस तेज हो गई और पत्थरबाजी और फायरिंग होने लगी। इस झड़प के दौरान एक व्यक्ति की जान भी चली गई। जबकि 27 लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए पुलिस प्रशासन को दोषी ठहराया है और कहा है पुलिस ने विसर्जन करने जा रहे लोगो पर लाठी और गोली चलाई। जबकि पुलिस के मुताबिक कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर पथराव किया और गोली चलाई। पुलिस ने बताया कि इस झड़प में 17 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। 

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने 26 अक्टूबर की शाम तक मूर्ति विसर्जन का आदेश दिया था। पुलिस ने बताया कि मुंगेर में पंडित दीन दयाल चौक के पास शंकरपुर के मूर्ति विसर्जन के लिए प्रशानस ने कहा। इसे लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों में कहासुनी हो गई। इतने में किसी ने फायरिंग कर दी। 

पुलिस के मुताबिक गोली लगने से 18 वर्षीय अनुराग कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फायरिंग में पांच अन्य लोग भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए मुंगेर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।  स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की फायरिंग में युवक की मौत हुई है।

मुंगेर की एसपी लिपि सिंह ने कहा कि "विसर्जन के दौरान असमाजिक तत्वों ने पुलिस को निशाना बना कर पथराव किया। वहीं, असमाजिक तत्वों ने फायरिंग भी की। फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। छह लोग जख्मी हैं। 20 से अधिक पुलिस जवान जख्मी हुए हैं। एक थानाध्यक्ष का सर भी फट गया है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पुलिस जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। किसी भी प्रकार के अफवाह पर ध्यान नहीं दें।”
मुंगेर के डीएम ने कहा, "दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस पर रोड़ेबाजी की गई। वहीं, पुलिस पर फायरिंग भी की गई है। इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है। शहर के सभी नागरिकों से अपील है कि शांति व्यवस्था बनाए रखें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।"

दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, लिपि सिंह को तत्काल हटाया जाए : माले

महागठबंधन की प्रमुख सहयोगी भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने मुंगेर में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान आम लोगों पर लाठीचार्ज व फायरिंग की घटना की कड़ी निंदा की है।
 
माले महासचिव ने कहा कि बिहार की पुलिस पूरी तरह से बेलगाम हो चुकी है। भाजपा-जदयू शासन में लगातार पुलिस दमन की घटनाएं हुई हैं और बर्बर पुलिसिया दमन इस सरकार की पहचान बन गई है। इस सरकार ने शिक्षकों से लेकर हर तबके के आंदोलनों को बर्बर पुलिसिया दमन के जरिए कुचलने का ही काम किया है। सड़क की मांग कर रहे फारबिसगंज गोलीकांड जैसी बर्बरता को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

भाकपा-माले ने  मुंगेर की एसपी और जदयू सांसद आरसीपी सिंह की बेटी लिपि सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों, जो इस घटना के लिए जिम्मेवार हैं, उनपर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। माले ने कहा कि इनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उनकी अविलंब गिरफ्तारी होनी चाहिए।

माले ने साथ ही, यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं के जरिए चुनाव के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके प्रति हमें पूरी तरह से सावधान रहना है। 

Bihar
Bihar Elections 2020
Violence in Bihar
bihar police
CPIML

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • modi
    विजय विनीत
    बनारस में मोदी: बनारसी पूछ रहे हैं- ये किस बात के लिए और कैसा महोत्सव है?
    13 Dec 2021
    जनता जानना चाहती है कि यह महोत्सव महंगाई का है, बेरोज़गारी का है, लाचर कानून व्यवस्था का है या फिर पिछले पांच सालों में जितने घपले-घोटाले हुए है उनसे जनता का ध्यान भटकाने के लिए है?
  • Masjid
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक: मस्जिद खाली-रोड ब्लॉक? वायरल फोटो की सच्चाई
    13 Dec 2021
    ये फोटो न तो गुड़गांव की किसी मस्जिद का है और न ही हरियाणा का। ये फोटो जामा मस्जिद अमरोहा का है और एक साल पुराना है। पिछले साल मार्च में लॉकडाउन के दौरान दिशा-निर्देश थे कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ न…
  • waste picker
    सौरभ शर्मा
    अगर हमें कचरे के पहाड़ दिखाई देते हैं, तो कचरा बीनने वाले क्यों नहीं?
    13 Dec 2021
    यह विश्वास करना असंभव है कि कचरा प्रबंधन में भारी विफलता के जिंदा सबूत होते हुए भी सरकार इनसे अपनी आंखें मूंदे हुई है। 
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,350 नए मामले, 202 मरीज़ों की मौत
    13 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.26 फ़ीसदी यानी 91 हज़ार 456 हो गयी है।
  • Maulana Azad Library
    न्यूज़क्लिक टीम
    मौलाना आज़ाद पुस्तकालय क्यों ज़रूरी है?
    12 Dec 2021
    ICCR ने मौलाना आज़ाद के संग्रह को 'कोने' में डंप कर दिया है. मौलाना आज़ाद की किताबें क्यों ज़रूरी हैं? 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस भाग में नीलांजन बात करते हैं इतिहासकार S इरफ़ान हबीब से.
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License