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घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
विशाखापत्तनम: फार्मास्युटिकल कारखाने के धमाके में एक व्यक्ति की मौत, 15 घायल
आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के नजदीक 13 जुलाई की रात को एक फार्मास्युटिकल कारखाने में धमाके के बाद आग लग गई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। इसी बीच दस वामपंथी दलों के नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया,जो घायल श्रमिकों से मिलने के लिए अस्पताल गए थे और घटना स्थल का दौरा किया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jul 2020
vishakaha

आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के नजदीक 13 जुलाई की रात को एक फार्मास्युटिकल कारखाने में धमाके के बाद आग लग गई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। इस दुर्घटना से इसके आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई है। दहशत फैलने की वजह यह है कि विशाखापत्तनम में तीन महीने से कम समय में यह तीसरी बड़ी औद्योगिक आपदा है और दो सप्ताह में फार्मा शहर के भीतर दूसरी आपदा है।

इन दुर्घटन से परवाड़ा क्षेत्र के निवासियों के बीच दहशत का माहौल बन गया है। कुछ दिन पहले ही क्षेत्र में एलजी पॉलीमर्स के एक संयंत्र में गैस रिसाव होने से बड़ा हादसा हो गया था। इस घटना में दो श्रमिक मारे गए और चार घायल हो गए थे।

सूत्रों के मुताबिक धमाका पहले फार्मा सिटी में सुनाई दिया और उसके बाद बड़े स्तर पर आग लग गई। यह दुर्घटना रेमकी सॉल्वैंट्स की इकाई कोस्टल वेस्ट प्रबंधन परियोजना में घटी है।  

राज्य के उद्योग मंत्री एम गौथम रेड्डी ने विशाखापत्तनम के जिला कलेक्टर से बात की और घटना के बारे में जानकारी ली। रेड्डी ने पुलिस, अग्निशमन सेवाओं और स्वास्थ्य अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोई जनहानि न हो।

आसपास गांवों के निवासी हैं।  दहशत में आकर इन्होंने अपना घरों छोड़ दिया है। रैमिकी साल्वेंट प्रोजेक्ट  शहर के 80 फार्मा कंपनियों में में से एक है। यह उद्द्म रैमिकी समूह और आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से एक संयुक्त उद्यम हैं।

यूनिट के सीनियर केमिस्ट के० श्रीनिवास राव की आग लगने से मृत्यु हो गई और यूनिट के 15 अन्य कर्मचारी घायल हो गए हैं। जिनका शहर के किंग जॉर्ज अस्पताल में उपचार चल रहा है। विस्फोट की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। अभी अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं। इस बीच मंगलवार को दस वामपंथी दलों के नेता को गिरफ़्तार कर लिया, जो घायल श्रमिकों से मिलने के लिए अस्पताल गए थे।  

इससे पहले 29 जून को फार्मा सिटी में एक साइनेर लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड इकाई में एक रिएक्टर से हाइड्रोजन सल्फाइड गैस लीक हो गई थी, जिसमें दो श्रमिकों की मौत हो गई थी और चार अन्य गंभीर रूप से गैस की साँस से घायल हो गए थे। एक सरकारी समिति जिसने इस घटना की जांच की, इकाई के संचालन में प्रक्रियात्मक खामियां को इस दुर्धटना के लिए जिम्मेदार ठहराया।  

इससे पहले कि 7 मई को विशाखापत्तनम के आरआर वेंकटपुरम में एलजी पॉलिमर फैक्ट्री में स्टाइलिन मोनोमर गैस रिसाव से 15 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे।  राज्य सरकार नियुक्त हाई पावर कमेटी ने उस घटना की जांच की जिससे यह पता चला था कि प्रबंधन की कई खामियां  औद्योगिक आपदा का कारण बनी थी। बाद में 7 जुलाई को पुलिस ने सीईओ, दो निदेशक और एलजी पॉलिमर के आठ अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) राज्य अध्यक्ष सीएच नरसिंगा राव ने कहा " सरकारी अधिकारियों ऐसी आपदाओं पर प्रतिक्रिया उनके लिए सामन्य प्रक्रिया हो गई है ,जब भी ऐसी कोई घटना होती है, तब वो प्रतिक्रिया देते है और बाद में फिर भूल जाते हैं।"  

आगे उन्होंने कहा कि औद्योगिक आपदाओं को रोकने के लिए,अधिकारियों को ऐसी ऐसी इकाइयों में सुरक्षा प्रणालियों की नियमित निरीक्षण  करना चाहिए और स्थायी समाधान कारन चाहिए। पुलिस ने सीएच नरसिंग राव को कई अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया जो मृतक के परिवार के सदस्यों से मिलने गए थे।

सीटू ने अपने बयान में कहा कि ट्रेड यूनियनों ने सरकार से लगातर ज्ञापन और कई  विरोध प्रदर्शन के माध्यम से उद्योगों में  मजदूरों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया ,जिसे सरकार लगातार दरकिनार करती रही है। इसका ही परिणाम है कि आज विशाखापत्तनम में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है। ट्रेड यूनियन ने कहा, " अब समय आ गया है कि सरकार उद्योगों में उचित निरीक्षण और सुरक्षा प्रणालियों को लागू करवाए और सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वाले प्रबंधन को दंडित करे।"

ट्रेड यूनियन मृतक श्रमिक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सह-सचिव जे० वी० सत्यनारायण मूर्ति ने कहा कि " कर्मचारियों और औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों का जीवन दांव पर है। जब वह फार्मा सिटी गए तो मूर्ति को दस अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि "बिना किसी जाँच के उद्योगों को सुरक्षा मंजूरी देने वाले संबंधित अधिकारियों को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।''

 

vishakhapattanam
Andhra pradesh
Left party
raimki solvent
LG

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