प्रसिद्ध लेखिका गीता हरिहरन और वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह चर्चा कर रही हैं कि किस प्रकार मौजूदा सरकार प्रगतिशील आवाज़ों को दबाने के लिए कानूनों का ग़लत इस्तेमाल कर रही है।
देश के जाने माने नागरिकों जिनमें लेखक , कलाकार , इतिहासकार , बुद्धिजीवी सभी शामिल हैं , ने एक खुला पत्र लिखकर सरकार और दक्षिणपंथी ताकतों को चुनौती दी है। उन्होंने कहा , 'हम जैसे अनेक , रोज़ आवाज़ उठाएंगे। मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़। प्रतिरोध पर हमले के ख़िलाफ़। दमन के लिए कोर्ट के इस्तेमाल के ख़िलाफ़। क्योंकि आवाज़ उठाना ज़रूरी है। ' उन्होंने कहा, 'हम थकेंगे नहीं, हम बोलना जारी रखेंगे।'
प्रसिद्ध लेखिका गीता हरिहरन और वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह चर्चा कर रही हैं कि किस प्रकार मौजूदा सरकार प्रगतिशील आवाज़ों को दबाने के लिए कानूनों का ग लत इस्तेमाल कर रही है।
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