व्हॉट्सएप ने कहा है कि इजराइल स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये कुछ अज्ञात इकाइयों ने वैश्विक स्तर पर तकरीबन 1400 लोगों की जासूसी की ।
व्हॉट्सएप ने कहा है कि इजराइल स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये कुछ अज्ञात इकाइयों ने वैश्विक स्तर पर तकरीबन 1400 लोगों की जासूसी की । इसमें तकरीबन दो दर्जन भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल है। सरकार ने इस पर WhatsApp से सवाल पूछा है कि आख़िरकार ऐसा क्यों हो रहा है? लेकिन यह नहीं बताया है कि सरकार ने इजराइल की NSO समूह से पेगासस नामक सॉफ्टवेयर खरीदा है या नहीं। इसलिए बहुत सारे सवाल उठ रहे हैं जैसे कि प्राइवेसी के अपहरण को कैसे रोका जाए ? इलीगल हैकिंग और सर्विलांस में क्या अंतर होता है ? और क्यों जरूरी है कि इस बहस को समझा जाए कि हमारे जीवन में निजता की बहुत अधिक अहमियत है। इन सारे विषयों पर अपनी राय रख रहे हैं डिजिटल क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रबीर
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