NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां 1.47 लाख करोड़ का बकाया क्यों नहीं चुका पा रही हैं?
14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी करते हुए डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलेकम्युनिकेशन को फटकार लगाई। फटकारने की वजह यह थी कि डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलेकम्युनिकेशन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाकर प्राइवेट टेलीकॉम के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
17 Feb 2020

14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी करते हुए डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलेकम्युनिकेशन को फटकार लगाई। फटकारने की वजह यह थी कि डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलेकम्युनिकेशन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाकर प्राइवेट टेलीकॉम के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 23 जनवरी से पहले टेलीकॉम कंपनियां सरकार को अपना बकाया 1. 47 लाख करोड़ की राशि भुगतान कर दें। इस फैसले के खिलाफ डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन के अफसरों ने यह नोटिफिकेशन जारी किया कि अगर प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां अपना बकाया न चूका पाएं तो उन्हें परेशान न किया जाए। तकनीकि शब्दों में कहा जाए तो अगर टेलीकॉम कंपनियां एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू से जुड़ा बकाया भुगतान न कर पाए तो उन्हें परेशान न किया जाए।टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ा यह पूरा मुद्दा क्या है ? इस पर अपनी राय रख रहे हैं न्यूज़क्लिक के एडिटर प्रबीर।

telecom sector
AGR
Supreme Court
BJP
RSS
Jio
Airtel
Vodafone

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • 7 साल: कैसे कम हुआ “शूरवीर” का पराक्रम
    सुबोध वर्मा
    7 साल: कैसे कम हुआ “शूरवीर” का पराक्रम
    31 May 2021
    आर्थिक और सामाजिक अव्यवस्था और बढ़ते संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सात साल का शासन पूरा कर लिया है।
  • फ़िलीपींस में पुलिस की छापेमारी में एक गिरफ़्तार और दो शांति कार्यकर्ताओं की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    फ़िलीपींस में पुलिस की छापेमारी में एक गिरफ़्तार और दो शांति कार्यकर्ताओं की मौत
    31 May 2021
    मछुआरा समुदाय के नेता एल्विन ममगम्पो को रविवार को पूर्वी फ़िलीपींस के अल्बे प्रांत के पियो डुरन में हथियार से संबंधित छापेमारी में गिरफ़्तार किया गया।
  • लक्षद्वीप : एक समय की बात है...
    रॉन बास्तियन
    लक्षद्वीप : एक समय की बात है...
    31 May 2021
    ज़ाहिर बात है कि एक द्वीप पर सारी चीज़ें बाहर से ही आती हैं। लक्षद्वीप के लोग सिर्फ़ यह चाहते हैं कि बाहर के लोग अपनी समस्याओं को उनके शांत द्वीप तक न लाएं।
  • ईसीओडब्ल्यूएएस ने सैन्य तख़्तापलट पर माली की सदस्यता निलंबित की
    पीपल्स डिस्पैच
    ईसीओडब्ल्यूएएस ने सैन्य तख़्तापलट पर माली की सदस्यता निलंबित की
    31 May 2021
    तख़्तापलट के नेता कर्नल असिमी गोइता ने पिछले हफ़्ते ट्रांज़िशनल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर करने के बाद ख़ुद को राष्ट्रपति घोषित कर दिया है।
  • इज़रायलः दक्षिणपंथी नेता नफ्ताली बेनेट के गठबंधन में शामिल होने के बाद पीएम के रूप में नेतन्याहू का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायलः दक्षिणपंथी नेता नफ्ताली बेनेट के गठबंधन में शामिल होने के बाद पीएम के रूप में नेतन्याहू का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा
    31 May 2021
    बेनेट और सेंटर-राइट नेता यायिर लापिड के बीच "चेंज गठबंधन" यदि अंतिम रूप ले लेता है तो लेफ्ट, राइट और सेंटर के साथ साथ पहली बार अरब ज्वाइंट लिस्ट के साथ विभिन्न विचारधाओं वाली पार्टियों की गठबंधन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License