NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
डीयू ने अदालत को बताया, स्नातक अंतिम वर्ष की ऑनलाइन परीक्षा 10 से 31 अगस्त तक
छात्रों और शिक्षकों के विरोध के बावजूद दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के ऑनलाइन ओपन बुक एग्ज़ाम के लिए तारीख़ों का ऐलान कर दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jul 2020
DU

नयी दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय ने मंगलवार को उच्च न्यायालय को बताया कि स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए अंतिम वर्ष की ऑनलाइन खुली पुस्तक परीक्षा (ओबीई : ओपन बुक एग्ज़ाम) 10 से 31 अगस्त तक आयोजित की जाएंगी।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ को विश्वविद्यालय ने यह जानकारी दी कि ऑनलाइन परीक्षा में भाग नहीं ले सकने वाले छात्रों को सितंबर में होने वाली प्रत्यक्ष परीक्षाओं में बैठने का मौका दिया जाएगा।

हालांकि, विश्वविद्यालय ने शुरू में कहा था कि उसने 17 अगस्त से परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है और परीक्षाएं 8 सितंबर को समाप्त होगी, जिसपर अदालत ने उसे परीक्षा के कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने और इसे संक्षिप्त करने के लिए कहा था क्योंकि अंतिम वर्ष के छात्रों को भारत या विदेश में अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए उनका परीक्षा में उत्तीर्ण होना जरूरी है, लिहाजा उनके करियर की संभावनाओं को ध्यान में रखकर परीक्षा का कार्यक्रम तय किया जाए।

विश्वविद्यालय की ओर से पेश होने वाले वकील ने इस पर सहमति जतायी और फिर से दोबारा चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि ऑनलाइन ओबीई 10 अगस्त से शुरू होगा और 31 अगस्त तक चलेगा।

यह भी निर्णय लिया गया कि मॉक टेस्ट का पहला चरण 31 जुलाई के बजाय 27 जुलाई से शुरू होगा और दूसरे चरण का मॉक टेस्ट 4 अगस्त के बजाय 1 अगस्त से शुरू होगा।

डीयू ने बताया कि पहले मॉक टेस्ट का उद्देश्य केवल छात्रों को प्रक्रिया और तकनीकी पहलू से परिचित कराना है, तो वहीं दूसरा मॉक टेस्ट वास्तविक समय वाला टेस्ट होगा।

प्रत्यक्ष परीक्षाओं के कार्यक्रम और परिणामों की घोषणा के संदर्भ में पूछे जाने पर डीयू के वकील ने कुछ समय मांगा।

न्यायालय ने विश्वविद्यालय को अपने पोर्टल पर परीक्षाओं की संशोधित डेट शीट की अधिसूचना जारी करने के मामले में भी छूट दी।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करने वाली अदालत ने डीयू को निर्देश दिया कि वह एक हलफनामा दाखिल करे जिसमें प्रत्यक्ष परीक्षा आयोजित करने और अगस्त में ऑनलाइन ओबीई परीक्षा देने वाले छात्रों के परिणाम की समय-सीमा के बारे में बताएं।

अदालत ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त को सूचीबद्ध किया।

डीयू का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील सचिन दत्ता और वकील मोहिंदर रूपल ने अदालत को सूचित किया कि अंतिम वर्ष के 2.7 लाख छात्र हैं और 95 प्रतिशत छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा के लिए फॉर्म भरे हैं।

उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा की योजना पर नए सिरे से काम किया गया है, जबकि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए परीक्षा की योजना को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है और जल्द ही इसपर भी निर्णय लिया जाएगा।

आपको बता दें कि बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक भी ऑनलाइन ओपन बुक एग्ज़ाम का विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर देशभर में कॉलेज के छात्रों ने शनिवार से आज मंगलवार तक चार दिन का विरोध प्रदर्शन भी किया। कॉलेज छात्रों ने अपने आंदोलन को तेज़ करने के लिए, देशभर के तमाम विश्वविद्यालयों के छात्र संघ और छात्र संगठनों ने ‘ऑल इण्डिया फोरम टू सेव पब्लिक एजुकेशन’ नाम से एक संयुक्त मंच भी बनाया है।

इसे पढ़ें : परीक्षा का मसला: छात्रों का सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन जारी

केवल छात्र ही नहीं शिक्षक भी इस ऑनलाइन एग्ज़ाम के ख़िलाफ़ हैं। उन्होंने अपने बयानों और आलेखों में इसका पुरज़ोर विरोध किया है। साथ ही इस प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन इम्तिहान तक पहुँच और इसकी न्यायपरकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

इसे भी पढ़ें : महामारी के दौरान ऑनलाइन ओपन बुक इम्तिहान- क्या छात्रों से बदला लेने की कोशिश है?  

इसे भी देखें : ओपन बुक परीक्षा: अन्याय और भेदभाव पर आधारित

Delhi University
Delhi High court
OBE
open book examination
Online Exams

Related Stories

दिल्ली: दलित प्रोफेसर मामले में SC आयोग का आदेश, DU रजिस्ट्रार व दौलत राम के प्राचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

डीयूः नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में भर्ती पर रोक; स्टाफ, शिक्षकों में नाराज़गी

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को लेकर छात्रों में असमंजस, शासन-प्रशासन से लगा रहे हैं गुहार

यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक

नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

डीयू: कैंपस खोलने को लेकर छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने को एक महीना पूरा

दिल्ली विश्वविद्यालय के सामने चुनौतियां: एडहोकवाद, NEP और अन्य

दिल्ली : याचिका का दावा- स्कूलों से अनुपस्थित हैं 40,000 शिक्षक, कोविड संबंधी ज़िम्मेदारियों में किया गया नियुक्त


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License