NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
राजनीति
बदायूं में महिला की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या, राज्य की योगी सरकार-पुलिस प्रशासन पर फिर उठे सवाल
मंदिर के महंत और उसके दो साथियों पर लगा है आरोप। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने की महिला से बलात्कार की पुष्टि। गुप्तांग में चोट के निशान तथा पैर की हड्डी टूटी पाई गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jan 2021
rape

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के एक मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई एक आंगनबाड़ी सहायिका की संदिग्ध परिस्थितियों में सामूहिक बलात्कार के बाद निर्मम हत्या कर दी गई।  घटना बदायूं के उघैती क्षेत्र की है।  मामला सामने आने के बाद मंदिर के महंत समेत तीन संदिग्धों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बुधवार को बताया कि गत रविवार को उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में मंदिर गई 50 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। शर्मा ने बताया कि महिला के परिजनों ने मंदिर के महंत सत्य नारायण और उसके दो साथियों पर बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस आधार पर मामला दर्ज कर दो आरोपियों को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी महंत फरार है और उसे गिरफ्तार करने के लिए चार दलों का गठन किया गया है। 

शर्मा ने आगे बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी को निलम्बित कर दिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला से बलात्कार की पुष्टि हुई है और गुप्तांग में चोट के निशान तथा पैर की हड्डी टूटी पाई गई है। मृत महिला के बेटे ने बताया कि उनकी मां पिछले रविवार की शाम गांव के ही मंदिर में पूजा अर्चना करने गई थी और रात करीब 11 बजे मंदिर का महंत दो अन्य साथियों के साथ आया और उनकी मां के मृत शव को घर में रख कर चला गया। उनके बेटे ने आगे बताया कि घर में मौजूद लोग उनसे कुछ पूछ पाते, उससे पहले ही वे यह कह कर लौट गए कि महिला की, घर लौटते समय, रास्ते में एक सूखे कुएं में गिर जाने से मृत्य हो गई, और उन्होनें (महंत) ने महिला की चीख-पुकार सुन कर उन्हें कुएं से बाहर निकाला और घर ले कर आए। 

महिला के बेटे का कहना है कि पुलिस को घटना की सूचना सोमवार के सुबह ही दे दी गई थी और शुरुआती दौर से परिजन इसे बलाटकार और हत्या का मामला बता रहे थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाही का बहाना दे कर, शव को मंगलवार को पोस्ट्मार्टम के लिए भेज दिया।

मामले की गंभीरता और पुलिस के ढीले रवैयए को देखते हुए सभी विपक्षी दल योगी सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इस घटना पर सरकार को घेरते हुए एक ट्वीट में कहा, "यूपी के बदायूं में पूजा करने गई 50 वर्षीय आंगनवाड़ी सहायिका के साथ गैंगरेप और फिर उसके बाद उसकी निर्मम हत्या ने संपूर्ण मानवता को शर्मसार कर दिया है।" पार्टी ने इसी ट्वीट में कहा " डूब मरें सत्ताधीश जो महिला सुरक्षा के सिर्फ झूठे दावे किया करते हैं। दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिला कर न्याय किया जाए।" 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मामले पर सरकार और पुलिस महकमे के रवैये को ले कर राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सुरक्षा पर सरकार की नीयत में ही खोट है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हाथरस में सरकारी अमले ने शुरुआत में फरियादी की नहीं सुनी, सरकार ने अफसरों को बचाया और आवाज को दबाया। बदायूं में थानेदार ने फरियादी की नहीं सुनी, घटनास्थल का मुआयना तक नहीं किया। महिला सुरक्षा पर उप्र सरकार की नीयत में खोट है।’’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस घटना पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे शब्दों में हमला किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘वीभत्स, जघन्य, मानवता हुई शर्मसार! कितनी और निर्भया? कितनी और हैवानियत? कब जागेगी आदित्यनाथ सरकार? कहां है हमारे सजग पत्रकार?’’ 

यह कोई पहली बलात्कार की घटना नहीं हैं जो उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े करती हो। कुछ महीनों पहले  बहुचर्चित हाथरस कांड में भी पुलिस की भूमिका पर कई सवाल खड़े हुए थे। तब भी पुलिस पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप था। घटना के 10 दिन बाद तक पुलिस ने किसी की गिरफ़्तारी नहीं की थी। पुलिस और प्रशासन पर पीड़िता के परिवार की सहमति के बिना ही उसका अंतिम संस्कार किए जाने का भी गंभीर आरोप था।

निर्भया कांड के बाद जनता के फूटे गुस्से के चलते भारतीय दण्ड संहिता में हुए महत्वपूर्ण बदलाव के बावजूद देश में बलात्कार के मामलों में कोई कमी नहीं आई है। आज भी परिस्थिति ज्यों कि त्यों हैं। राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो के 2019 की रिपोर्ट के अनुसार देश में हर रोज़ 88 बलात्कार की घटनाएँ सामने आती हैं। अगर और ध्यान से इन आंकड़ों को देखें तो पता चलेगा कि स्तिथि इतनी भयावह है कि 88 महिलाओं में से 14 नाबालिग लड़कियां होती हैं। बलात्कार के मामलों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान के बाद, दूसरे नंबर पर है, जहाँ हर रोज़ करीबन 17 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएँ सामने आती हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

rape
rape case
Badayun
uttar pradesh rapes
yogi government

Related Stories

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला


बाकी खबरें

  • सुहित के सेन
    हिन्दू दक्षिणपंथ द्वारा नफरत फैलाने से सांप्रदायिक संकेतों वाली राजनीति बढ़ जाती है  
    08 Apr 2022
    पत्रकारों और अल्पसंख्यकों पर हमले और भाजपा सरकारों के बदतर शासन के रिकॉर्ड दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
  • लाल बहादुर सिंह
    MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?
    08 Apr 2022
    एक ओर किसान आंदोलन की नई हलचलों का दौर शुरू हो रहा है, दूसरी ओर उसके ख़िलाफ़ साज़िशों का जाल भी बुना जा रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मिड-डे-मील में लापरवाहीः बिहार के बाद राजस्थान में खाने के बाद 22 बच्चे बीमार
    08 Apr 2022
    मिड-डे-मील योजना में लापरवाही से बच्चों के बीमार पड़ने की ख़बरें अक्सर आती रही हैं। ताज़ा मामला राजस्थान का है जहां इस भोजन के करने के बाद 22 बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई है।
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा-सपा की सीधी टक्कर
    08 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव भी बेहद दिलचस्प होने वाले हैं, क्योंकि ज्यादातर सीटों पर भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है तो कहीं-कहीं बाहुबलियों के करीबी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं।
  • मार्को फर्नांडेज़
    चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र
    08 Apr 2022
    अमेरिकी में विदेश नीति के विशेषज्ञ लैटिन अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को लेकर सतर्क हो गए हैं, यह भावना आने वाले वक़्त में और भी तेज़ होगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License