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राजनीति
हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा
लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय से बाहर निकले मलिक ने मीडिया से कहा, '' हम लड़ेंगे और जीतेंगे। हम झुकेंगे नहीं।'' इसके बाद ईडी अधिकारी मलिक को एक वाहन में बैठाकर मेडिकल जांच के लिए ले गए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Feb 2022
nawab malik

मुंबई: अंडरवर्ल्ड से जुड़ी गतिविधियों से संबंधित धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ़्तारी के बाद मलिक ने कहा कि वह "झुकेंगे नहीं"। 
         
लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय से बाहर निकले मलिक ने मीडिया से कहा, '' हम लड़ेंगे और जीतेंगे। हम झुकेंगे नहीं।''
     
सूत्रों ने बताया कि इसके बाद ईडी अधिकारी मलिक को एक वाहन में बैठाकर मेडिकल जांच के लिए ले गए।
     
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 62 वर्षीय नेता मलिक यहां बैलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित ईडी कार्यालय में सुबह आठ बजे पहुंचे और एजेंसी ‘धन शोधन निवारण अधिनियम’ (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया।

बताया जा रहा है कि सम्पत्तियों की खरीद-फरोख्त से मलिक के कथित तौर पर जुड़े होने की एजेंसी जांच कर रही है, इसलिए उनसे पूछताछ की जा रही है। 

मलिक पिछले कुछ महीनों से चर्चा में हैं, जब से उन्होंने एनसीबी के मुंबई क्षेत्र के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े के विरुद्ध निजी और सेवा से जुड़े आरोप लगाए थे। मलिक के दामाद समीर खान को गत वर्ष मादक पदार्थ के एक मामले में एनसीबी ने गिरफ्तार किया था।

वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने दावा किया है कि धन शोधन के एक मामले में मंत्री नवाब मलिक से ईडी द्वारा पूछताछ सत्ता के दुरुपयोग और ‘‘आवाज दबाने’’ की एक रणनीति है, क्योंकि उन्होंने हाल के दिनों में कुछ लोगों के गलत कृत्यों को उजागर किया था।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि इसे ‘‘प्रतिशोध की राजनीति’’ बताने की बजाय ईडी को जांच पूरी करने दी जाए।

राकांपा के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने आरोप लगाया है कि मलिक के खिलाफ कार्रवाई ‘‘दबाव बनाने की नीति’’ है, ताकि उन्हें खामोश किया जा सके।

क्रास्टो ने कहा, ‘‘एक राजनीतिक पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता के तौर पर वह कुछ लोगों के गलत कृत्यों को उजागर कर रहे थे। सच्चाई की आवाज दबाई नहीं जा सकती।’’

राकांपा के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष एवं राज्य के मंत्री जयंत पाटिल ने सोलापुर में पत्रकारों से कहा कि यह ‘‘सत्ता के दुरुपयोग’’ का एक और उदाहरण है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘ईडी बिना नोटिस जारी किए सुबह छह बजे उनके (मलिक के) घर पहुंच गई। ईडी अपने साथ अपनी पुलिस लेकर आई थी। कुछ लोग जानबूझकर उन्हें परेशान करना चाहते हैं। ईडी का राज्य के एक मंत्री को बिना किसी पूर्व सूचना के पूछताछ के लिए ले जाना हर नियम का उल्लंघन है।’’

पाटिल ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि किस संबंध में मलिक से पूछताछ की जा रही है और ऐसा लगता है कि मंत्री पर ‘‘जानबूझकर’’ गुस्सा निकाला जा रहा है।

शिवसेना नेता और राज्य सभा सांसद संजय राऊत ने मलिक  की गिरफ़्तारी पर कहा, "नवाब मलिक एक वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री हैं। ईडी जिस तरह से उन्हें उनके घर से ले गई, वह महाराष्ट्र सरकार के लिए एक चुनौती है। हमारे राज्य में आकर एक मंत्री को केंद्रीय एजेंसियां ले गयी, यह सोचने का विषय है।। 2024 के बाद आपकी भी जांच होगी। इस बात का ध्यान रखें।"

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने पत्रकारों से कहा कि ईडी की जांच को ‘‘प्रतिशोध की राजनीति’’ कहना जल्दबाजी होगी, जब तक कि कार्रवाई से जुड़ी जानकारियां सामने नहीं आ जाएं।

मुनगंटीवार ने कहा, ‘‘जिस तरह से केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे को कुछ महीने पहले गिरफ्तार किया गया था, उसे हम क्या कहें? भाजपा विधायक नितेश राणे को भी राज्य सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। मलिक राकांपा के राज्य स्तरीय नेता नहीं हैं। अगर उन्होंने कुछ संदिग्ध किया है तो इसकी जांच होनी चाहिए। इसे प्रतिशोध की राजनीति बताने की जल्दबाजी ना करें।’’

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई की उपाध्यक्ष चित्रा वाघ ने कहा कि कुछ महीने पहले, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मलिक के खिलाफ एक संदिग्ध भूमि सौदे के संबंध में गंभीर आरोप लगाए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘इसकी पूर्ण जांच की जानी चाहिए और ईडी के अधिकारियों को जांच पूरी करने दें।’’

आपको बता दें अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों, संपत्ति की अवैध रूप से कथित खरीद-फरोख्त और हवाला लेनदेन के संबंध में ईडी ने 15 फरवरी को मुंबई में छापेमारी की थी और एक नया मामला दर्ज किया था जिसके बाद मलिक से पूछताछ की जा रही है। 

एजेंसी ने 10 स्थानों पर छापेमारी की थी जिसमें 1993 के बम धमाके के मुख्य साजिशकर्ता दाऊद इब्राहिम की दिवंगत बहन हसीना पार्कर, भाई इकबाल कासकर और छोटा शकील के रिश्तेदार सलीम कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट के परिसर शमिल हैं। कासकर पहले से जेल में है जिसे एजेंसी ने पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया था। ईडी ने पार्कर के बेटे से भी पूछताछ की थी।

(भाषा इनपुट के साथ)

Nawab Malik
Congress-NCP
Maharashtra
Enforcement Directorate

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