NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
यमन में सऊदी हमले के पीड़ित परिवारों के लोगों का आईसीसी से युद्ध अपराधों की जांच का आग्रह
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन में कुछ देश आईसीसी के रोम अधिनियम के हस्ताक्षरकर्ता हैं। ये अधिनियम कई मानवाधिकारों के उल्लंघन और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों को आईसीसी के अधिकार क्षेत्र के अधीन लाता है।
पीपल्स डिस्पैच
31 Aug 2021
yaman

यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले खाड़ी सैन्य गठबंधन द्वारा किए गए विनाशकारी ड्रोन हमलों के सैकड़ों पीड़ितों और इस हमले में बचे लोगों ने यमन में लगभग 7 साल के लंबे युद्ध में किए गए युद्ध अपराधों के लिए गठबंधन की जांच करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) से आग्रह किया है।

सोमवार 30 अगस्त 2021 को मारे गए लोगों के रिश्तेदारों और परिवारों की ओर से लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय चैम्बर गुएर्निका 37 ने आईसीसी को साक्ष्य प्रस्तुत किया। इसने जॉर्डन, सेनेगल, मालदीव और सूडान को लेकर अदालत के अधिकार क्षेत्र के आधार पर पेश किया न कि सीधे तौर पर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अन्य प्रमुख गठबंधन सदस्यों की ओर इशारा करते हुए क्योंकि वे रोम अधिनियम के हस्ताक्षरकर्ता नहीं हैं। ये अधिनियम आईसीसी को निर्देशित करता है।


इसके अलावा आईसीसी को लैटिन अमेरिकी देशों कोलंबिया, पनामा, अल सल्वाडोर और चिली के नागरिकों की जांच करने के लिए भी कहा गया है, जिन देशों पर संयुक्त अरब अमीरात की ओर से यमन में संचालित एक यूएस-आधारित प्राइवेट मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर से विदेशी सैनिकों की भर्ती करने का आरोप है।

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हौथी आंदोलन को दबाने के लिए पश्चिम समर्थित अब्दर्रबूह मसूर हादी की यमनी सरकार की ओर से मार्च 2015 में यमन सैन्य हमले की शुरुआत की बाद से सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में करीब 22,766 हमले किए हैं और अकेले 65,982 हवाई हमले किए। हौथी का अभी राजधानी सना सहित देश के बड़े हिस्से पर कब्जा है।

इन आंकड़ो से पता चलता है कि सऊदी हवाई हमलों के करीब एक तिहाई हमलों ने स्कूलों, आवासीय क्षेत्रों और अस्पतालों जैसे गैर-सैन्य स्थलों पर हमला किया है। इन हवाई हमलों ने हजारों नागरिकों को मार डाला और घायल कर दिया और घरों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे बिजली लाइनों, पानी की पाइपलाइनों आदि को व्यापक नुकसान पहुंचाते हुए यमन में मानवीय परिस्थिति को और बिगाड़ दिया।

सोमवार को आईसीसी को दिया गया रिपोर्ट अगस्त 2018 के हवाई हमले की तीन विशिष्ट घटनाओं पर केंद्रित है जिसमें एक स्कूल बस नष्ट हो गई और 51 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे; अक्टूबर 2016 में अंतिम संस्कार के दौरान एक मिसाइल हमले का जिक्र है जिसमें कम से कम 140 लोग मारे गए थे; और लैटिन अमेरिकी सैनिकों द्वारा दक्षिणी यमन में जेलों में बंद नागरिकों की यातना और हत्या के आरोप शामिल है।

 

yaman
yaman war
International crimina justice
Rome

Related Stories

यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल

एक ज़ख़्मी और बेहाल धरती से ईस्टर का पैग़ाम

यमन में सऊदी हवाई हमले में 31 लोग मारे गए जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल

सऊदी अरब के तेल के ठिकानों पर हमले से जुड़ी पूरी कहानी  


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License