NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
यमुना में जलस्तर और बढ़ा
1978 में नदी का जलस्तर अब तक के सर्वाधिक स्तर 207.49 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में भीषण बाढ़ आ गई थी।
भाषा
20 Aug 2019
yamuna level
Image Courtesy: The Hindu

दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को भी यह नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर एक बजे यमुना में जलस्तर 206.8 मीटर पर था।

दिल्ली के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली सरकार द्वारा हाथी घाट और कंचन कॉलोनी में लगाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया।

गहलोत ने ट्वीट किया, "दिल्ली सरकार द्वारा हाथी घाट और कंचन कॉलोनी में लगाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया।

उन लोगों से बात की जिन्हें खतरे वाली जगहों से हटाकर राहत शिविरों में रखा गया है।

इलाके के जिलाधिकारियों को सभी राहत सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।"    

सोमवार को नदी का जल स्तर 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया था जिसके बाद सरकारी एजेंसियों ने निचले इलाकों में रहने वाले 10 हजार से अधिक लोगों कोवहां से हटाया।

1978 में नदी का जलस्तर अब तक के सर्वाधिक स्तर 207.49 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में भीषण बाढ़ आ गई थी।

जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर यमुना नदी पर बने लोहे के पुराने पुल को सड़क और रेल यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा था कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से और पानी छोड़े जाने के कारण नदी में जल स्तर और बढ़ सकता है।

नदी के डूबक्षेत्र में रह रहे लोगों को दिल्ली सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा बनाए गए 22,000 से अधिक तंबुओं में भेजा गया है।

yamuna
Yamuna flows over danger mark in Delhi
hathinikund bandh
Haryana
New Delhi
ashok gehlot

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

विश्लेषण: कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ से क्या निकला?

चुनावी राज्यों में क्रमवार दंगे... संयोग या प्रयोग!

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव

विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन

हरियाणा के बजट पर लोगों की प्रतिक्रिया 

हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने


बाकी खबरें

  • Mothers and Fathers March
    पीपल्स डिस्पैच
    तख़्तापलट का विरोध करने वाले सूडानी युवाओं के साथ मज़बूती से खड़ा है "मदर्स एंड फ़ादर्स मार्च"
    28 Feb 2022
    पूरे सूडान से बुज़ुर्ग लोगों ने सैन्य शासन का विरोध करने वाले युवाओं के समर्थन में सड़कों पर जुलूस निकाले। इस बीच प्रतिरोधक समितियां जल्द ही देश में एक संयुक्त राजनीतिक दृष्टिकोण का ऐलान करने वाली हैं।
  • गौरव गुलमोहर
    यूपी चुनाव: क्या भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं सिटिंग विधायक?
    28 Feb 2022
    'यदि भाजपा यूपी में कम अंतर से चुनाव हारती है तो उसमें एक प्रमुख कारण काम न करने वाले सिटिंग विधायकों का टिकट न काटना होगा।'
  • manipur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में पहले चरण का चुनाव, 5 ज़िलों की 38 सीटों के लिए 67 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान
    28 Feb 2022
    मणिपुर विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। मतदान का समय केवल शाम 4 बजे तक ही था। अपराह्न तीन बजे तक औसतन 67.53 फ़ीसदी मतदान हुआ। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : फिर ज़ोर पकड़ने लगी है ‘स्थानीयता नीति’ बनाने की मांग : भाजपा ने किया विरोध
    28 Feb 2022
    हेमंत सोरेन सरकार को राज्य में होने वाली सरकारी नियुक्तियों के लिए घोषित विसंगतिपूर्ण नियोजन नीति को छात्रों-युवाओं के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा है। लेकिन मामला यहीं थम नहीं रहा है।
  • Sergey Lavrov
    भाषा
    यूक्रेन की सेना के हथियार डालने के बाद रूस ‘किसी भी क्षण’ बातचीत के लिए तैयार: लावरोव
    28 Feb 2022
    लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License