NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
योगी सरकार ने 25 प्रतिशत रियायत पर दिया बाबा रामदेव को फूड पार्क का तोहफा
ग्रेटर नोएडा स्थित यमूना एक्सप्रेस्वे के समीप 425 एकड़ वाले फूड पार्क को सब्सिडी के साथ कैबिनेट ने दी मंजू़री I
शारिब अहमद खान
21 Jun 2018
baba ramdev
image courtesy: NDTV

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद बाबा रामदेव के पतंजलि मेगा फूड पार्क को मंजू़री दे दी। यह फैसला उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित मेगा फूड पार्क को प्रदेश से किसी और राज्य में हस्तांतरित करने की चेतावनी के बाद आया है। इस महीने की शुरूआत में ही आचार्य बालकृष्ण ने चेतावनी दी थी कि सरकार की उदासीनता के कारण 6000 करोड़ रुपये का यह मेगा प्रोजेक्ट कहीं और ले जाना पड़ेगा। ज्ञात हो कि इस  चेतावनी के अगले दिन ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत बाबा रामदेव से मिले थे। उसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मसले में हस्तक्षेप करते हुए इस समस्या को हल करने का आश्वासन दिया था।

'गौडमेन' से बिजनेसमैन बने योग गुरू बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की कंपनी पतंजलि को 425 एकड़ की यह ज़मीन राज्य सरकार ने मुहैया कराई है। अचंभित करने वाली बात यह है 6000 करोड़ रुपये के इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए बाकी राज्यों की तरह भाजपा सरकार ने पतंजलि को यह जमीन 25 प्रतिश्त सब्सिडी के साथ मुहैया कराई है। ग्रेटर नोएडा स्थित यमूना एक्सप्रेस्वे के समीप इस 425 एकड़ के क्षेत्रफल वाली जमीन पर कंपनी मेगा फूड पार्क का निर्माण करने जा रही है। कुछ समय पहले आचार्य बालकृष्ण ने सरकार से मांग की थी कि पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क नोएडा प्रा. लि. के लिए ज़मीन 25 प्रतिशत रियायत पर दी है, साथ ही इस प्रोजेक्ट की शुरूआत करने के लिए 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी सहायता भी दी। इन सारी मागों को योगी सरकार ने दरियादिली के साथ स्वीकार कर लिया है।

दरअसल 2006 में अस्तित्व में आई कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के ऊपर सरकार काफी मेहरबान दिखती है खासकर वतर्मान समय में सत्ता पर आसीन भारतीय जनता पार्टी। पतंजलि अपने मेगा फूड पार्क का विस्तार कई राज्यों में कर रही है। राजस्थान,आसाम, हरियाणा और महाराष्ट्र के साथ-साथ और भी कई राज्यों में पतंजलि मेगा फूड पार्क का निर्माण कर रही है। लेकिन अगर रिपोर्टों की समीक्षा की जाए तो पता चलता है कि लगभग सारी ज़मीन की खरीद में सरकार की मेहरबानी ज़रूर दिखती है।

अगर हम बात करें महाराष्ट्र की तो यहां पतंजलि 600 एकड़ ज़मीन पर फूड पार्क बना रही है। यहां देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने पतंजलि आयुर्वेद को 1 करोड़ प्रति एकड़ वाली जमीन 25 लाख प्रति एकड़ में रातों-रात दे दी थी वह भी बिना किसी टेंडर निकाले। पीटीआई के मुताबिक देवेंद्र फडणवीस ने कहा की बिडिंग देने वाली यह इकलौती कंपनी थी इसलिए हमने यह ज़मीन कंपनी को हस्तांतरित कर दी। कंपनी ऋषिकेश की ही तर्ज पर नागपुर में भी फूड पार्क बनाना चाहती है।

राजस्थान में पतंजलि को भी फूड पार्क बनाने की परियोजना है। यहां कंपनी ने न केवल 401 एकड़ जमीन अवैध तरीके से लीज़ पर ली है बल्कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नियमों का उलंघन कर किसी भी तरह वहां पर कंपनी का प्रोजेक्ट चालू करवाने की तैयारी में है। द वायर की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि बाबा रामदेव के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने इस ज़मीन को अवैध तरीके से हासिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने 11 अगस्त 2016 को यह जमीन श्री गोविंद देव जी ट्रस्ट से लीज़ पर ली है जो कानून की दृष्टि से अवैध है। सरकारी रिकार्ड के मुताबिक यह ज़मीन 50 अलग-अलग खसरों में बंटी हुई है और यह ज़मीन श्री गोविंद देव जी मंदिर के नाम पर है। नियमों के मुताबिक मंदिर की ज़मीन न तो कोई बेच सकता है और न ही इसपर कोई गैर कृषि कार्य कर सकता है। हालांकि समस्या का समाधान न देखते हुए हालीया रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने यहां फूड पार्क न बनाने की घोषणा की है बल्कि वह यहां औषधीय पौधे लगाएगी। वहीं उसने सरकार से फूड पार्क बनाने के लिए किसी दूसरी जगह ज़मीन देने की सिफारिश की है।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार आसाम में पहली बार भाजपा की सरकार बनते ही दलितों की 3800 हेक्टेयर जमीन बाबा रामदेव को फैक्ट्री लगाने के लिए तोहफे में दे दी। आसाम के चिरांग जिले में सरकार के द्वारा पतंजली को दी जाने वाली जमीन में 400 हेक्टेयर पर खेती होती है और बाकी 3400 हेक्टेयर पर लोग बसे हुए हैं।

न सिर्फ पतंजलि  कंपनी बल्कि बाबा रामदेव भी हमेशा विवादों में रहते हैं। इतने कम समय में योग गुरू से बिजनेस टाईकून बनने का सफर बड़ा दिलचस्प है और इन आंकड़ो के बिनाह पर ये कहा जा सकता है भारतीय जनता पार्टी उन्हें मंजिल का रास्ता दिखाने के साथ-साथ मंज़िल तक पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। 

Baba Ramdev
Patanjali
Patanjali Land Deal
Yogi Adityanath
yogi government
yoga
mega food park
greater noida

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

योगी सरकार द्वारा ‘अपात्र लोगों’ को राशन कार्ड वापस करने के आदेश के बाद यूपी के ग्रामीण हिस्से में बढ़ी नाराज़गी

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

योगी 2.0 का पहला बड़ा फैसला: लाभार्थियों को नहीं मिला 3 महीने से मुफ़्त राशन 


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License