NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
समाज
भारत
राजनीति
योगी टिप्पणी मामले में पत्रकारों की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन
पत्रकारों का यह प्रदर्शन प्रेस क्लब से शुरू होकर पार्लियामेंट स्ट्रीट तक जाना था, लेकिन भारी पुलिस बल तैनात करके पत्रकारों को पार्लियामेंट स्ट्रीट नहीं जाने दिया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jun 2019
Prashant Protest

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित पोस्ट साझा करने पर पत्रकार प्रशांत कनौजिया सहित एक टीवी चैनल के संपादक और उसके प्रमुख (हेड) की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को पत्रकारों ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन किया। 

पत्रकारों का यह प्रदर्शन प्रेस क्लब से शुरू होकर पार्लियामेंट स्ट्रीट तक जाना था, लेकिन भारी पुलिस बल तैनात करके पत्रकारों को पार्लियामेंट स्ट्रीट नहीं जाने दिया गया। हालांकि प्रर्दशन शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, सिद्धार्थ वरदराजन, नीरजा चौधरी, प्रंजॉय गुहा ठाकुरता, उर्मिलेश, एमके वेणु समेत प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहें। 

आपको बता दें कि इससे पहले एडिटर्स गिल्ड तथा कई मीडिया संगठनों ने पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की थी। साथ ही, उन्होंने पुलिस कार्रवाई को कानून का दुरुपयोग तथा प्रेस को डराने का प्रयास बताया था।

गिल्ड ने कहा, ‘पुलिस की कार्रवाई कठोरतापूर्ण, मनमाना और कानूनों के अधिकारवादी दुरुपयोग के समान है।’

Capture-min.PNG

वहीं, इंडियन वुमन प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी), प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, साउथ एशियन वुमन इन मीडिया (एसएडब्ल्यूएम, इंडिया) , प्रेस एसोसिएशन ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘जिस तरह से स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया, साथ ही नेशन लाइव टीवी चैनल की संपादक ईशिता सिंह और प्रमुख अनुज शुक्ला को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है, इसे लेकर हम सभी मीडिया संगठन अपने सामूहिक आक्रोश और नाराजगी को जाहिर करते हैं।’

बयान में उन्होंने कहा, ‘इन तीन पत्रकारों के खिलाफ यूपी पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई कानून लागू करने के नाम पर प्रशासनिक सख्ती का एक स्पष्ट मामला है। मीडियाकर्मी होने के नाते, यह हमारा दृढ़ विश्वास है कि पत्रकारों को जिम्मेदारी के साथ आचरण करना चाहिए। तो वहीं दूसरी ओर,हमें लगता है कि मानहानि कानून के आपराधिक प्रावधानों को पत्रकारों और अन्य लोगों के खिलाफ बार-बार इस्तेमाल किये जाने को देखते हुए उसे कानून की किताब से हटा दिया जाना चाहिए।’

दूसरी ओर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से संबंधित कथित आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने पर गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। यूपी पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कल यानी मंगलवार को सुनवाई होगी। गिरफ्तारी के खिलाफ प्रशांत की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

इसे भी पढ़ें : पत्रकार प्रशांत की गिरफ्तारी के खिलाफ सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट तैयार

                  यूपी पुलिस द्वारा पत्रकार कनौजिया की गिरफ्तारी ग़ैर क़ानूनी क्यों है?

journalist
journalist strike
attacks on journalists
journalist protest
Prashant kanojia
Press club of india
Press freedom
Yogi Adityanath
defamation case
Lucknow
UP police

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...

लखनऊ: देशभर में मुस्लिमों पर बढ़ती हिंसा के ख़िलाफ़ नागरिक समाज का प्रदर्शन

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License