NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
युद्धपोत आईएनएस विराट को लेकर पीएम मोदी के दावे झूठे : एडमिरल रामदास
कांग्रेस का भी हमला, कहा "पूर्व पीएम दिवंगत राजीव गांधी ने युद्धपोत आईएनएस विराट को 'निजी टैक्सी' के रूप में इस्तेमाल नहीं किया। मोदी ‘गलत सूचनाओं के विशेषज्ञ’ हैं और उनकी पार्टी ‘बहुत झूठ पार्टी’ (बीजेपी) है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 May 2019
inas vikarnt

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में पूर्व पीएम दिवंगत राजीव गांधी पर युद्धपोत आईएनएस विराट को '' निजी टैक्सी '' के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जिसके एक दिन बाद नौसेना के पूर्व प्रमुख ने एक प्रेस बयान जारी कर सभी '' सनसनीखेज '' आरोपों का खंडन किया। 

गुरुवार को, एडमिरल लक्ष्मीनारायण रामदास (रिटा०) ने अपने सहयोगियों से ईमेल प्रतिक्रियाओं को देखने के बाद, मोदी द्वारा लगाए गए "सनसनीखेज आरोप"  की हवा निकल दी। एडमिरल अरुण प्रकाश, वाइस एडमिरल विनोद पसरीचा और वाइस एडमिरल मदनजीत सिंह, सभी मोदी द्वारा संदर्भित घटनाओं के दौरान पश्चिमी बेड़े में सेवा कर रहे थे।

"दिल्ली के रामलीला मैदान में कल (बुधवार), भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक भाषण दिया, जिसमें कहा  कि दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भारतीय नौसेना के जहाज विराट का इस्तेमाल एक निजी क्रूज के तौर पर किया था, जो दस दिन तक लक्षद्वीप द्वीप समूह में रहा था, अपने परिवार और अपनी पत्नी सोनिया गांधी के परिवार के सदस्यों के साथ। संभवतः, उनकी टिप्पणी इंडिया टुडे की अनीता प्रताप की एक रिपोर्ट पर आधारित थी । मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहूंगा कि यह मामला नहीं था। ”

रामदास ने कहा कि उन्होंने वाइस एडमिरल पसरीचा - तत्कालीन कैप्टन और कमांडिंग ऑफिसर आईएनएस विराट, एडमिरल अरुण प्रकाश - आईएनएस विंध्यागिरी की कमान संभाली, जिसमें आईएनएस विराट और आईएनएस गंगा के कमांडिंग ऑफिसर वाइस एडमिरल मदनजीत सिंह शामिल थे। बयान में कहा गया है, "मैं एक अधिकारी के एक नोट का भी जिक्र कर रहा हूं, जो लक्षद्वीप द्वीप समूह के प्रभारी नौसेना अधिकारी थे।"

उन्होंने कहा है कि द्वीपसमूह विकास प्राधिकरण (आईडीए) की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए प्रधान मंत्री और श्रीमती गांधी को आधिकारिक ड्यूटी पर त्रिवेंद्रम एन मार्ग लक्षद्वीप से दूर आईएनएस विराट पर ले जाया गया, जिसे लक्षद्वीप और अंडमान में वैकल्पिक रूप से आयोजित किया जाता है।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई विदेशी नहीं था और गांधी परिवार के निजी इस्तेमाल के लिए कोई जहाज विशेष रूप से नहीं भेजा गया था।

कांग्रेस का पलटवार

इससे पहले, नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि मोदी, गांधी पर हमला कर रहे थे क्योंकि उनके पास मतदाताओं के सामने पेश करने के लिए उनकी सरकार की कोई उपलब्धि नहीं थी। खेड़ा ने कहा कि मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री थे जो अपनी "विफलताओं" पर वोट मांग रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिवंगत राजीव गांधी पर आईएनएस विराट को लेकर लगाये आरोप पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि वह (मोदी) चुनावों के दौरान झूठ बोल रहे हैं और अफवाह फैला रहे हैं। पार्टी ने कहा कहा कि इससे साबित होता है कि उनकी ‘‘पराजय आसन्न’’ है।
कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने गुरूवार को संवाददाताओं से कहा कि मोदी ‘गलत सूचनाओं के विशेषज्ञ’ हैं और उनकी पार्टी ‘बहुत झूठ पार्टी’ (बीजेपी) है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी गलत सूचनाएं एवं झूठ फैला रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी उस समय अपने परिवार को लेकर आईएनएस विराट पर गए थे और उन्होंने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (सेवानिवृत्त) एल रामदास और नौसेना के अन्य अधिकारियों का हवाला भी दिया। ये अधिकारी गांधी के दौरे के समय सेवारत थे।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मोदी प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि सन 2019 में राजीव गांधी की नौसेना की पोत पर यात्रा का रोजगारी के मुद्दे, खेती के संकट या नोटबंदी से क्या संबंध है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने बोफोर्स मामले में प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हमला बोला है जबकि 2018 में उच्चतम न्यायालय ने यह मामला खारिज कर दिया था। 
 

PM MODI
rajiv gandhi
INS Viraat
Adm L. Ramdas
press statement
Congress
General elections2019
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कानपुर हिंसा: दोषियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमे का आदेश... नूपुर शर्मा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं!

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!


बाकी खबरें

  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..
    03 Apr 2022
    हर हफ़्ते की तरह इस बार भी कुछ ज़रूरी राजनीतिक ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : आग़ा हश्र कश्मीरी की दो ग़ज़लें
    03 Apr 2022
    3 अप्रैल 1879 में जन्मे उर्दू शायर, अफ़सानानिगार और प्लेराइट आग़ा हश्र कश्मीरी की जयंती पर पढ़िये उनकी दो ग़ज़लें...
  • april fools
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    एप्रिल फूल बनाया, हमको गुस्सा नहीं आया
    03 Apr 2022
    अभी परसों ही एक अप्रैल गुजरा है। एप्रिल फूल बनाने का दिन। अभी कुछ साल पहले तक एक अप्रैल के दिन लोगों को बेवकूफ बनाने का काफी प्रचलन था। पर अब लगता है लोगों ने यह एक अप्रैल को फूल बनाने का चक्कर अब
  • ज़ाहिद खान
    कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’
    03 Apr 2022
    ‘‘मैं तटस्थ नहीं पक्षधर हूं और मैं राजनीतिक संघर्ष में विश्वास करता हूं। जिस दिन मैं राजनीतिक संघर्ष में हिस्सा लेना बंद कर दूंगा, मैं एक कलाकार के रूप में भी मर जाऊंगा।’’
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    CBI क्यों बनी 'तोता', कैसे हो सकती है आजाद, CJI ने क्यों जताई चिंता
    02 Apr 2022
    दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेन्ट एक्ट-1946 के तहत सन् 1963 में स्थापित सीबीआई और देश की अन्य जांच एजेंसियों को क्यों सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए? एक सुसंगत लोकतंत्र के लिए इन संस्थाओं का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License