NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएस प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ वेनज़ुएला ने आईसीसी में लगाई गुहार
हेग में बोलते हुए वेनज़ुएला के विदेश मंत्री जोर्गे अरेज़ा ने अमेरिकी प्रतिबंधों को "एकतरफ़ा उपाय" क़रार दिया और इसे मानवता के ख़िलाफ़ अपराध भी कहा। उन्होंने कहा कि वेनेज़ुएला इन अपराधों के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के तहत समाधान चाहता है।
पीपल्स डिस्पैच
14 Feb 2020
यूएस

13 फ़रवरी को वेनज़ुएला की निकोलस मादुरो सरकार ने अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का रुख़ किया है। वेनज़ुएला ने कहा है कि इन प्रतिबंधों की वजह से देश के लाखों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हेग में बोलते हुए वेनज़ुएला के विदेश मंत्री जोर्गे अरेज़ा ने अमेरिकी प्रतिबंधों को "एकतरफ़ा उपाय" क़रार दिया और इसे मानवता के ख़िलाफ़ अपराध भी कहा। उन्होंने कहा कि वेनेज़ुएला इन अपराधों के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के तहत समाधान चाहता है।

अमेरिका द्वारा सरकारी एयरलाइन CONVIASA पर हाल ही प्रतिबंध लगाए जाने के एक हफ़्ते बाद यह क़दम उठाया गया है। ट्रंप प्रशासन ने विपक्षी नेता जुआन गिआदो द्वारा तख़्तापलट के प्रयासों का समर्थन किया है और 2018 में मादुरो के पुन: चुनाव के बाद से कई दौर के प्रतिबंधों के ज़रिये में वेनेज़ुएला के नेताओं, राज्य के अधिकारियों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निशाना बनाया है।

प्रतिबंधों के कारण वेनेज़ुएला की सरकारी कंपनियां जैसे PDVSA स्वतंत्र रूप से अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में तेल और गैस का निर्यात नहीं कर पा रही हैं, जबकि इनके राजस्व के मुख्य स्रोत देश में ग़रीबों के लिए कई कल्याणकारी कार्यक्रमों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इन प्रतिबंधों के कारन होने वाली आर्थिक कठिनाइयों, जिसमें बड़ी आबादी के लिए भोजन की कमी शामिल है, के अलावा इन प्रतिबंधों ने लगभग 300000 ऐसे लोगों को जोखिम में डाल दिया है जिन्हें नियमित रूप से तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है। इनमें से बड़ी संख्या में लोग एचआईवी संक्रमण और कैंसर से पीड़ित हैं। Common Dreams की ख़बर के मुताबिक़ उनमें से कुछ डायलिसिस मशीनों की कमी के कारण भी पीड़ित हैं।

आईसीसी एक अंतर सरकारी न्यायाधिकरण है जिसे 2002 में हेग, नीदरलैंड में स्थापित किया गया था। यह द्विपक्षीय मुद्दों से संबंधित नहीं है और इसका अधिकार क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार का उल्लंघन, नरसंहार, युद्ध अपराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों से संबंधित है।

2018 में, लैटिन अमेरिका की रूढ़िवादी सरकारों का एक समूह, Lima Group आईसीसी के पास गया और उसने वेनेजुएला में मानवता के ख़िलाफ़ कथित अपराधों की जांच करने के लिए कहा। हालांकि अमेरिका आईसीसी का हिस्सा नहीं है लेकिन वेनेज़ुएला अभी भी इसके खिलाफ जांच के लिए कह सकता है। अंतर्राष्ट्रीय निकायों में पश्चिमी डिसकोर्स के प्रभाव को देखते हुए यह संभावना बहुत कम है कि आईसीसी अमेरिका के ख़िलाफ़ कोई निर्णायक क़दम उठाएगा।

US sanctions
Venezuela against US sanctions
Donald Trump
icc

Related Stories

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

यूक्रेन-रूस घटनाक्रम: रूस को अलग-थलग करने की रणनीति, युद्ध अपराधों पर जांच करेगा आईसीसी

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

एक साल पहले हुए कैपिटॉल दंगे ने अमेरिका को किस तरह बदला या बदलने में नाकाम रहा

2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल

दुनिया क्यूबा के साथ खड़ी है

रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की जलवायु योजनायें पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा कर पाने में विफल रही हैं 

अमेरिका के ईरान जाने के रास्ते में कंटीली झाड़ियां 

अमेरिका को महसूस हो रही है चीन के साथ आर्थिक संबंध सुधारने की ज़रूरत

मोदी अकेले नहीं :  सभी ‘दक्षिण-पंथी सत्तावादी’ कोविड-19 से निपटने में बुरी तरह विफल साबित हुए


बाकी खबरें

  • इकॉनमी में मांग की भरपाई कौन करेगा ?
    न्यूज़क्लिक टीम
    इकॉनमी में मांग की भरपाई कौन करेगा ?
    27 Aug 2021
    पिछले 30 साल से देश में सूट-बूट की अर्थनीति चल रही है। अमीर और अमीर हो रहे हैं वहीँ गरीब खाने को मोहताज़ हैं। देश में निम्न और मध्यम वर्ग के हालात ख़राब ही होते जा रहे हैं जो देश की अर्थव्यवस्था के…
  • अफ़ग़ानिस्तान: आतंकी हमले के ख़ूनी छींटे भविष्य पर
    न्यूज़क्लिक टीम
    अफ़ग़ानिस्तान: आतंकी हमले के ख़ूनी छींटे भविष्य पर
    27 Aug 2021
    वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के हवाई अड्डे पर हुए सुसाइड आतंकी हमले और आईएसआईएस-के की ख़ौफ़नाक साज़िशों के संदर्भ में अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य को लेकर चिंता पर…
  • डॉ. कफ़ील को ‘भड़काऊ भाषण’ मामले में राहत: “योगी सरकार की मनमानी पूरी तरह उजागर”
    सोनिया यादव
    डॉ. कफ़ील को ‘भड़काऊ भाषण’ मामले में राहत: “योगी सरकार की मनमानी पूरी तरह उजागर”
    27 Aug 2021
    डॉ. कफ़ील ख़ान को एक के बाद एक मिलती राहत, राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार और पुलिस प्रशासन की मंशा पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
  • नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का फायदा किसको?
    अजय कुमार
    नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का फायदा किसको?
    27 Aug 2021
    सड़क और रेलवे लाइन तो बहुत दूर की बात है, गांव-देहात के इलाकों में ढंग के प्राइवेट स्कूल तक नहीं होते हैं। यह भारत के प्राइवेट सेक्टर की एक कड़वी हकीकत है।
  • अफ़ग़ानिस्तान पर असमंजस में मोदी सरकार
    न्यूज़क्लिक टीम
    अफ़ग़ानिस्तान पर असमंजस में मोदी सरकार
    27 Aug 2021
    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कल विपक्ष के साथ अफ़ग़ानिस्तान में उपज रहे हालात पर बात की। मगर भारत सरकार की अफ़ग़ान नीति में इस वक़्त बहुत असमंजस है। न्यूज़ में तालिबान पर बहस के ज़रिए राजनीतिक एजेंडा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License