NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी : बिजली की मांग को लेकर किसानों का बेमियादी धरना
जसपुरा-पैलानी क्षेत्र में महज चार घंटे बिजली की उपलब्धता और उसमें भी लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे एक दर्जन गांवों के करीब पांच सौ किसान बेमियादी धरने पर बैठ गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Nov 2018
BANDA

बांदा जिले के पैलानी तहसील क्षेत्र के करीब 500 किसान बिजली की समस्या के निस्तारण की मांग को लेकर जसपुरा के बिजली उपकेंद्र में पिछले 24 घंटे से बेमियादी धरने पर बैठे हैं। जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के अवकाश पर होने से अब तक कोई भी अफसर धरनास्थल नहीं गया।

जसपुरा-पैलानी क्षेत्र में महज चार घंटे बिजली की उपलब्धता और उसमें भी लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे एक दर्जन गांवों के करीब पांच सौ किसान जिलाधिकारी की वादाखिलाफी से नाराज होकर रविवार की सुबह दस बजे से जसपुरा बिजली उपकेंद्र (सब पावर हाउस) में बेमियादी धरना पर बैठे हैं। रविवार दोपहर तक जब कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा, तब किसानों ने उपकेंद्र में ताला जड़ दिया था। 

हालांकि, देर शाम कुछ विद्युत कर्मचारियों के अनुरोध पर ताला खोल दिया गया, लेकिन रात भर धरना जारी रहा।

अमारा गांव के युवा किसान उदयवीर सिंह ने बताया, "उसने करीब दस लाख रुपये खर्च कर निजी नलकूप लगवाया है, जिसका लो वोल्टेज की वजह से दो बार मोटर फूंक चुका है। बिजली 20 घंटे के बजाय सिर्फ चार घंटे उपलब्ध रहती है, उसमें भी लो वोल्टेज से पानी नहीं उठ पाता। बिजली की किल्लत से आस-पास के एक दर्जन गांवों के किसानों के हजारों बीघा खेतों में पलेवा नहीं हो पा रहा है, जिससे रबी के फसल की बुआई पिछड़ गई है।" 
उन्होंने बताया कि सभी किसानों ने छह नवंबर को जिलाधिकारी से मिलकर इसके निस्तारण की मांग की थी, लेकिन वह वादाखिलाफी कर लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। उपजिलाधिकारी पैलानी भी छुट्टी पर हैं और विद्युत विभाग के अधिकारी अनसुना कर रहे हैं।

उपजिलाधिकारी राकेश कुमार ने कहा, "अभी तक मैं छुट्टी पर था, दोपहर तक किसानों के धरनास्थल पहुंच रहा हूं। दूसरे विद्युत फीडर से बिजली सप्लाई करवा कर जल्द किसानों की समस्या का निदान किया जाएगा।"

(इनपुट आईएएनएस)

BANDA BUNDELKHAND UP
kisan andolan
farmers protest
बिजली की समस्या

Related Stories

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

केवल विरोध करना ही काफ़ी नहीं, हमें निर्माण भी करना होगा: कोर्बिन

लखीमपुर खीरी हत्याकांड: आशीष मिश्रा के साथियों की ज़मानत ख़ारिज, मंत्री टेनी के आचरण पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

युद्ध, खाद्यान्न और औपनिवेशीकरण

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

किसान आंदोलन: मुस्तैदी से करनी होगी अपनी 'जीत' की रक्षा


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    सुंदरता का पता नहीं, लेकिन अच्छे दिन देखने वाले की आंखों में बसते हैं
    13 Mar 2022
    छप्पन इंच जी के प्रताप से, इतनी मिसाइलें जमा हो चुकी हैं कि दीवाली के रॉकेटों वाला हाल है। दो-चार इधर-उधर टहल भी जाएं तो खास फर्क नहीं पड़ता है। पड़ोसी के घर में जा भी पड़ी तो क्या? वोट पड़ चुके होंगे…
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस से लेकर पंजाब के नए राजनीतिक युग तक
    13 Mar 2022
    हर हफ़्ते की महत्वपूर्ण ख़बरों और उनके पीछे की मंशाओं को समझाने के लिए “ख़बरों के आगे पीछे” लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन
  • vidhansabha
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर
    13 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच बेहद कांटे का मुकाबला रहा। 53 सीटें ऐसी रहीं जहां हार-जीत का अंतर 200 से लेकर 5000…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: चुनाव सेवक का अश्वमेध यज्ञ
    13 Mar 2022
    बीजेपी सरकार चलाने में जितनी मेहनत करती है उससे अधिक मेहनत सरकार बनाने में करती है। सरकार जब एक बार बन जाए तो चल तो रामभरोसे जाती ही है।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'जीते हुए लश्कर के सिपाही, ऐसे कैसे हो जाते हैं?'
    13 Mar 2022
    बमबारी, हमले और जंग के शोर के बीच इतवार की कविता में पढ़िये स्वप्निल तिवारी की लिखी नज़्म 'शेल-शॉक्ड'...
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License