NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी में 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी सपा-बसपा, गठबंधन का औपचारिक ऐलान
मायावती ने गठबंधन को एक नई राजनीतिक क्रांति करार दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ा देगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Jan 2019
लखनऊ में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मायावती और अखिलेश यादव।
लखनऊ में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मायावती और अखिलेश यादव। फोटो : आईएएनएस

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) में औपचारिक तौर पर गठबंधन हो गया। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज शनिवार को लखनऊ में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस गठबंधन पर अंतिम मुहर लगा दी।

इसी के साथ दोनों दलों ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटें आपस में बांट ली हैं। बाकी चार सीटों में दो रायबरेली और अमेठी कांग्रेस के लिए और दो अन्य के लिए छोड़ी हैं।

मायावती ने कॉन्फ्रेंस में बातचीत की शुरुआत करते हुए ऐलान किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने गठबंधन को एक नई राजनीतिक क्रांति करार दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ा देगा।

मायावती ने कहा कि गठबंधन के पास भाजपा को फिर से सत्ता में आने से रोकने की क्षमता है।

उन्होंने 1993 के कांशीराम और मुलायम सिंह के गठबंधन को याद करते हुए बीजेपी को सत्ता से बाहर करने का ऐलान किया। उन्होंने जनहित के लिए आपसी मतभेद भुलाने यहां तक कि 2 जून 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड को भी पीछे रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस समय जनहित उनके लिए सबसे ऊपर है।

इसी तरह सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मायावती के प्रति गहरा सम्मान जताते हुए कहा कि आज से मायावती जी का अपपान मेरा अपमान है। उन्होंने गठबंधन में बराबरी का दर्जा देने के लिए भी मायावती का धन्यवाद किया।

दोनों नेताओं ने कहा कि ये गठबंधन जनविरोधी और सांप्रदायिक बीजेपी सरकार को सत्ता से बेदखल कर देगी।

मायावती ने ज़ोर देकर कहा कि ये सिर्फ दो पार्टियों का चुनावी गठबंधन नहीं है बल्कि देश और प्रदेश की बहुसंख्यक आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाला गठबंधन है।

कांग्रेस को दूर रखने पर मायावती ने कहा कि 'आजादी के बाद काफी लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी ने एकछत्र राज किया है। गरीब, मजदूर, किसान और व्यापारी इनके शासन में परेशान रहे हैं। ऐसे समय में बीएसपी और एसपी सहित अन्य पार्टियों का उदय हुआ। केंद्र या राज्य में चाहे सत्ता बीजेपी के पास रहे या कांग्रेस के बात एक ही है।'

इसके अलावा उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस पार्टी के बारे में यह सर्वविदित है कि एसपी और बीएसपी को गठबंधन से कोई खास लाभ नहीं होने वाला है। उनका अधिकांश वोट ट्रांसफर नहीं होता है। बीजेपी या जातिवादी पार्टियों को चला जाता है। या फिर सोची समझी साजिश के तहत दूसरी ओर चला जाता है। कांग्रेस जैसी पार्टियों को हमसे पूरा लाभ मिल जाता है लेकिन हमारे जैसी ईमानदार पार्टियों को कोई लाभ नहीं मिलता है। इसका कड़वा अनुभव 1996 के विधानसभा चुनाव में हमें मिला था।'
मायावती ने रक्षा सौदों का भी जिक्र किया और बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर प्रहार किए। उन्होंने कहा 'देश में रक्षा सौदों की खरीद में दोनों पार्टियों की सरकारों में जबरदस्त घोटाले हुए। कांग्रेस को बोफोर्स मामले में केंद्र की सरकार गंवानी पड़ी। बीजेपी को रफ़ाल घोटाले को लेकर अपनी सरकार जरूर गंवानी पड़ेगी।'

अखिलेश यादव ने कहा, 'यह केवल चुनावी गठबंधन नहीं है बल्कि बीजेपी द्वारा किए गए अन्याय और अत्याचारों के अंत के लिए किया गया गठबंधन है। मेरे मन में गठबंधन की नींव उसी दिन से बैठ गई थी जिस दिन सत्ता के नशे में चूर बीजेपी नेताओं ने आदरणीय मायावती जी पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। मैंने अपने मन में बीएसपी से गठबंधन के लिए उसी दिन अंतिम मुहर लगा दी थी जिस दिन राज्यसभा चुनाव की वोटिंग में संयुक्त उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर को छल, कपट और धोखे से हराकर बीजेपी ने जश्न मनाया था।'

अखिलेश यादव ने भाजपा पर जातिवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश को जाति प्रदेश बना दिया है। जाति के नाम पर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। जाति पूछकर पुलिस रिपोर्ट लिखी जा रही है और जाति पूछकर अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। यहां तक कि अब तो भगवान तक की जाति बताई जा रही है।

क्या समाजवादी पार्टी प्रधानमंत्री पद के लिए मायावती के नाम का समर्थन करेगी इस सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी ने हमेशा प्रधानमंत्री देने का काम किया है, उन्हें खुशी होगी कि यूपी से फिर प्रधानमंत्री बने।

यह गठबंधन तात्कालिक है या दीर्घकालिक इस सवाल पर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि ये स्थायी गठबंधन है और लोकसभा के बाद यूपी के अगले विधानसभा चुनाव तक भी जारी रहेगा।


बाकी खबरें

  • रवि कौशल
    डीयूः नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में भर्ती पर रोक; स्टाफ, शिक्षकों में नाराज़गी
    24 May 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय के इस फैसले की शिक्षक समूहों ने तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि इससे विश्वविद्यालय में भर्ती का संकट और गहरा जाएगा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल
    24 May 2022
    उत्तर बंगाल के ब्रू बेल्ट में लगभग 10,000 स्टाफ और सब-स्टाफ हैं। हड़ताल के निर्णय से बागान मालिकों में अफरा तफरी मच गयी है। मांग न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का संकेत दिया है।
  • कलिका मेहता
    खेल जगत की गंभीर समस्या है 'सेक्सटॉर्शन'
    24 May 2022
    एक भ्रष्टाचार रोधी अंतरराष्ट्रीय संस्थान के मुताबिक़, "संगठित खेल की प्रवृत्ति सेक्सटॉर्शन की समस्या को बढ़ावा दे सकती है।" खेल जगत में यौन दुर्व्यवहार के चर्चित मामलों ने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ़…
  • आज का कार्टून
    राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 
    24 May 2022
    2019 में सुप्रीम कोर्ट ने जब राम मंदिर पर फ़ैसला दिया तो लगा कि देश में अब हिंदू मुस्लिम मामलों में कुछ कमी आएगी। लेकिन राम मंदिर बहस की रेलगाड़ी अब मथुरा और काशी के टूर पर पहुँच गई है।
  • ज़ाहिद खान
    "रक़्स करना है तो फिर पांव की ज़ंजीर न देख..." : मजरूह सुल्तानपुरी पुण्यतिथि विशेष
    24 May 2022
    मजरूह सुल्तानपुरी की शायरी का शुरूआती दौर, आज़ादी के आंदोलन का दौर था। उनकी पुण्यतिथि पर पढ़िये उनके जीवन से जुड़े और शायरी से जुड़ी कुछ अहम बातें।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License