NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
समाज
भारत
राजनीति
भ्रष्टाचार और अपराध रोकने में लाचार योगी सरकार, PDS घोटाले में सबसे आगे
खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस साल 31 अक्टूबर 2019 तक पीडीएस में भ्रष्टाचार की कुल 807 शिकायतें मिली हैं जिनमें सबसे अधिक 328 शिकायतें उत्तर प्रदेश से आई हैं।
सोनिया यादव
20 Nov 2019
योगी सरकार

भ्रष्ट्राचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की बात करने वाली उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक बार फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली केे घोटालों को लेकर सुर्खियों में है। मंगलवार, 19 नवंबर को लोकसभा में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस साल 31 अक्टूबर 2019 तक पीडीएस में भ्रष्टाचार की कुल 807 शिकायतें मिली हैं जिनमें सबसे अधिक 328 शिकायतें उत्तर प्रदेश से आई हैं।

यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली सवालों के घेरे में है। इससे पहले भी प्रदेश में करोड़ों रुपये के खाद्यान्न घोटाले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 2014 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को प्रदेश के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया की भूमिका की जांच करने का निर्देश दिया था। लेकिन इस घोटाले का इतिहास भी पुराना रहा है।

मीडिया ख़बरों के मुताबिक़ साल 2004 में इस घोटाले की कहानी की शुरुआत हुई। तब प्रदेश के मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव थे और पहली बार लगभग दो अरब का खाद्यान्न घोटाला उजागर हुआ था। अलग-अलग मीडिया रिपोरेट्स में कहा गया कि उस समय क़रीब 35 हज़ार करोड़ रुपए का अनाज ग़रीबों को न देकर खुले बाज़ार में बेच डाला गया था। नेपाल, बांग्लादेश सीमा पर 60 लाख रुपए से अधिक का अनाज पकड़ा गया। इस मामले में सीबीआई और एसआईटी दोनों ने जांच की।

status-report-on-multi-crore-pds-scam-submitted-to-gauhati-high-court.jpg

इस मामले को लंबे समय से देखने वाली पत्रकार पूनम न्यूज़क्लिक को बताती हैं कि इस संबंध में साल 2005 में एक जनहित याचिका भी दायर की गई थी, जिसके आधार पर वर्ष 2007 में सीबीआई को जांच का आदेश दिया गया था। हालांकि मामले में ज़्यादा कुछ नहीं हुआ। साल 2002 से लेकर 2007 के बीच कई योजनाओं के लिए केंद्र ने राज्य को लाखों टन अनाज मुहैया कराया लेकिन खाद्यान्न माफ़ियाओं ने उसे हड़प लिया। उस समय यह खुलासा भी हुआ था कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों और उत्तर प्रदेश सरकार के गोदामों से सरकारी गेहूं-चावल तस्करी के रास्ते नेपाल, बांग्लादेश और अफ़्रीकी देशों तक गया और वहां के बाज़ारों में बिका था।

ग़ौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच का दायित्व सौंपते हुए अनाज घोटाले से संबद्ध सभी जांचों को छह महीने में पूरा करने का आदेश दिया था। लेकिन सीबीआई ने केवल लखीमपुर खीरी और बलिया में हुए खाद्यान्न घोटाले से जुड़े 175 अधिकारियों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज की थी। इन दोनों ज़िलों में वर्ष 2004-05 के बीच हुए खाद्यान्न घोटाले के संदर्भ में नौ एफ़आईआर दर्ज हुई थीं।

बलिया के कुछ स्थानीय पत्रकारों के अनुसार इस मामले में आठ तत्कालीन सीडीओ, कई एसडीएस, तहसीलदार और ग्राम प्रधान समेत 71 लोग नामज़द किए गए थे। इस मामले में एसआईटी और सीबीआई दोनों ने जांच की थी। लेकिन किसी के हाथ कुछ ख़ास नहीं लगा क्योंकि इस घोटाले में बड़े-बड़े लोगों की मिलीभगत होने की बात सामने आई थी।

हालांकि इसके बाद भी कई छुटपुट घोटालों की ख़बरें सामने आईं लेकिन बड़ा फ़र्ज़ीवाड़ा साल 2018 में सामने आया। राशन कार्ड धारकों के आधार-कार्ड के ज़रिये डाटा के साथ खिलवाड़ कर करोड़ों का घोटाला हुआ। जिसमें प्रदेश के 50 ज़िलों में 1.86 लाख से अधिक परिवारों का राशन बाज़ार में बेचा गया। प्रदेश के खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार करते हुए कहा था कि खाद्यान्न घोटाले से सरकार को हर महीने कम से कम 10 करोड़ रुपए का नुक़सान पहुंचाया गया। हालांकि इस पर अभी जांच जारी ही है। यह देखना होगा कि कितने दोषियों पर कब तक कार्रवाई होगी।

प्रदेश में बेहतर क़ानून व्यवस्था के क़सीदे पढ़ने वाली बीजेपी की योगी सरकार में क्राइम भी चरम पर है। हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश भर में महिलाओं के ख़िलाफ़ दर्ज अपराधों के मामलों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। इसमें हत्या, बलात्कार, दहेज हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाना, एसिड हमले जैसे अपराध शामिल हैं। प्रदेश में साल 2017 में इस तरह के 56,011 मामले दर्ज हुए हैं। एनसीआरबी के मुताबिक़ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी के तहत 3,10,084 केस दर्ज हुए हैं।

महिला अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता गीता बताती हैं, "जिस सरकार में कुलदीप सेंगर, चिन्मयानंद जैसे लोग हों, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। आप इनकी मानसिकता नहीं बदल सकते। इन्हें लोगों से मतलब नहीं, महिलाओं के अधिकारों से मतलब नहीं है, ये सिर्फ़ सत्ता चाहते हैं।"

2014 में केंद्र के बाद बीजेपी 2017 में यूपी में सत्ता में आई थी, लेकिन क़ानून-व्यवस्था के अन्य मोर्चों के साथ योगी सरकार भ्रष्टाचार रोकने के मुद्दों पर भी नाकाम ही रही है।

सरकारी आंकड़ों से यागी सरकार के दावों की लगातार पोल खुल रही है।

Public Distribution System
PDS
UttarPradesh
Yogi Adityanath
Corruption
PDS-Aadhar Link
PDS Scam
MULAYAM SINGH
NCRB Report 2017
crimes against women
CRIMES IN UP
women safety

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप


बाकी खबरें

  • mamta banerjee
    भाषा
    तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की
    15 Feb 2022
    तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर, चंदरनगर और आसनसोल नगरनिगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है तथा सिलीगुड़ी में माकपा से सत्ता छीन ली।
  • hijab
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    हिजाब विवादः समाज सुधार बनाम सांप्रदायिकता
    15 Feb 2022
    ब्रिटेन में सिखों को पगड़ी पहनने की आज़ादी दी गई है और अब औरतें भी उसी तरह हिजाब पहनने की आज़ादी मांग रही हैं। फ्रांस में बुरके पर जो पाबंदी लगाई गई उसके बाद वहां महिलाएं (मुस्लिम) मुख्यधारा से गायब…
  • water shortage
    शिरीष खरे
    जलसंकट की ओर बढ़ते पंजाब में, पानी क्यों नहीं है चुनावी मुद्दा?
    15 Feb 2022
    इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रचार चल रहा है, वहीं, तीन करोड़ आबादी वाला पंजाब जल संकट में है, जिसे सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद, पंजाब चुनाव में…
  • education budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 
    15 Feb 2022
    एक ही सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे बजट एक श्रृंखला का हिस्सा होते हैं इनके माध्यम से उस सरकार के विजन और विकास की प्राथमिकताओं का ज्ञान होता है। किसी बजट को आइसोलेशन में देखना उचित नहीं है। 
  • milk
    न्यूज़क्लिक टीम
    राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?
    14 Feb 2022
    इस ख़ास पेशकश में परंजॉय गुहा ठाकुरता बात कर रहे हैं मनु कौशिक से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सम्बंधित कानूनों में होने वाले बदलावों के बारे में
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License