NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
यंग इंडिया : 'NPR-NRC नहीं शिक्षा, रोटी, कपड़ा और मकान चाहिए'
"इस मार्च का संदेश साफ़ था कि देश का नौजवान अमन, इंसाफ़, न्याय, शिक्षा, रोज़ी-रोटी, कपड़ा, मकान और रोज़गार चाहता है न कि NRC-NPR।"
मुकुंद झा
03 Mar 2020
यंग इंडिया

दिल्ली में बीते दिनों हुई हिंसा और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के ख़िलाफ़ एक मार्च में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचे कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कहा कि उनके पास संसद तक मार्च करने की इजाज़त नहीं थी। इस मार्च का आह्वान यंग इंडिया कोर्डिनेशन कमेटी ने किया था। इसमें विभिन्न छात्र संग‍ठनों के छात्र, युवा, शिक्षक और समाजिक संगठन के लोग शामिल थे। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में लोग जंतर मंतर पर एकत्रित हुए और अपना प्रतिरोध दर्ज कराया।

यंग इंडिया मार्च और छात्र संगठन आइसा के नेता एन साईं बालाजी ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा कि पुलिस दिल्ली में दंगा भड़काने वालों को तो रैली करने की इजाज़त देती है लेकिन जब छात्र अमन के लिए मार्च कर रहे हैं तो उन्हें रोक रही है। उन्होंने बताया, “हमने 27 फ़रवरी को अनुमति के लिए आवेदन किया था। हमें सोमवार को सूचित किया गया था कि इजात रद्द कर दी गई है। आख़िरी मिनट पर सूचित किया गया है।”

बालाजी ने कहा पुलिस के इस दमन के बाद भी यह प्रतिरोध जारी रहेगा। हम अब अपना विरोध जंतर मंतर पर करेंगे। इस मार्च में कई संगठनों के लोग और समाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इसमें भीम आर्मी के मुख्या चंद्रशेखर रावण, सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय, फिल्मकार आनंद पटवर्धन, जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष, उमर खालिद , एपवा की महासचिव कविता कृष्णन आदि शामिल हुए।

IMG-20200303-WA0023.jpg

श्वेता राज मज़दूर संगठन एआईसीसीटीयू की नेता जब सुबह करीब 11 बजे पहुंची तो पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लेने प्रयास किया। लेकिन किसी तरह से  वहां से निकली और जंतर मंतर पहुंची। उन्होंने दिल्ली पुलिस के इस  पर हैरानी जताई और कहा दिल्ली में अब शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी गुनाह हो गया है।

चन्द्रशेखर आज़ाद ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि अन्याय करने वालो से अधिक चुप रहना वाले दोषी है। उन्होंने कहा हमने इस दिन के लिए आज़ादी कि लड़ाई नहीं लड़ी थी, लेकिन आज के हाल बहुत दुःखी करने वाले हैं। आज हम सड़क पर आ नहीं सकते विरोध नहीं कर सकते तो फिर कैसा लोकतंत्र?

उन्होंने दिल्ली में दंगा करने वालो की गिरफ्तारी की मांग की इसके साथ ही उन्होंने कहा साज़िश के तहत दिल्ली जली है। पुलिस कहती है कि हमारे सड़क पर आने से लॉ एंड ऑर्डर हो सकता है लेकिन दंगाई खुले आम दिल्ली में रैली करते हैं। चन्द्रशेखर ने प्रदर्शनकारियों के हौसले को सलाम किया और कहा अंतिम जीत हमारी होगी। अब हम पीछे नहीं हटेंगे।

IMG-20200303-WA0016.jpg

सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए पुलिस के रैवये पर सवाल उठाया और कहा आजकल पुलिस भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है। सरकार पुलिस का दुरपयोग कर रही है। लेकिन लोगो मै भी जज्बा कम नहीं है, यह आंदोलन तबतक चलेगा जब तक की सीएए- एनआरसी-एनपीआर वापस नहीं लिया जाता है।

फिल्मकार आनन्द पटवर्धन ने न्यूज़क्लीक से बात करते हुए कहा कि "दिल्ली पुलिस निष्पक्ष नहीं थी, कई जगह तो वह खुद दंगो में शामिल हुई".

इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली और केंद्र सरकार पर बड़ा हमला किया और कहा "दिल्ली में अब जो कहानियां आ रही हैं, वो बता रही हैं कि कहीं मुसलमानों ने हिन्दुओं को बचाया तो कहीं हिन्दुओं ने मुसलमान को।  लेकिन सरकार ने किसी को नहीं बचाया"।

दिल्ली विशवविद्यालय की छात्र अंग्या ने कहा कि " मैं इस प्रदर्शन में शामिल हुई क्योंकि दिल्ली में सरकार प्रायोजित हिंसा हुई। इसके खिलाफ़ अपना विरोध दर्ज करने के लिए यहां आई हूँ। क्योंकि छात्रों का इस समय एकजुट होना जरूरी है क्योंकि सबसे पहले हमला छात्रों पर ही शुरू हुआ था"।

IMG-20200303-WA0018.jpg

जेएनयू के छात्र चुनचुन ने बताया कि छात्रों पर बड़ी जिम्मेदारी है कि सरकार की गलत नीतियों की पोल खोले। क्योंकि अगर हम नहीं लड़े तो कौन लड़ेगा? हम किताबों में पढ़ते हैं कि देश धर्मनिरपेक्ष है ,लेकिन हम जमीन पर देखते है कि धर्म के नाम लोगो के साथ हिंसा की जाती है ।

दीपिका मै यहां इसलिए आयी हूं क्योंकि 70 दिनों से हम सड़क पर थे। लेकिन इस पर ध्यान देने के बजाय दिल्ली में एक राजनीतिक समूह ने हिंसा की, जिसके बाद दिल्ली ने एक दर्दनाक मंजर देखा। इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए हम यहां आए है ।

कन्नन गोपीनाथन भी यहां आये थे। उन्होंने भी इस आंदोलन के लिए सभी का अभिवादन किया। उन्होंने कहा, "सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए इस तरह के कानून ला रही, जिससे लोग इस में उलझ जाए और कोई भी बेरोजगारी जैसे सवालों पर बात न करे ।उन्होंने नारा दिया कि बेरोजगारी के लिए कौन जिम्मेदार तो जनता ने कहा मोदी सरकार... इसके बाद उन्होंने कहा कि हम उनको अपनी जिम्मेदारी से भागने नहीं देंगे।"

IMG-20200303-WA0010.jpg

उमर खालिद ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा कि आज जिस तरह से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मार्च से रोका, उससे लगता है कि वह पुलिस नहीं बल्कि गुंडों की तरह काम कर रही। आगे उन्होंने कहा कि जामिया में कोई गुंडा गोली चला जाता है, जेएनयू में गुंडे हमला करते हैं, दिल्ली में कई दिनों तक दंगा होता है लेकिन पुलिस कुछ नहीं करती है, अगर कुछ करती है तो दंगाइयों की मदद करती है।

उमर ने कहा "आज के इस मार्च का संदेश साफ़ था कि देश का नौजवान अमन, इंसाफ़, न्याय ,शिक्षा, रोटी, कपड़ा, मकान और रोज़गार चाहते हैं न कि NRC NPR चाहते हैं। वो हिंसा और दंगे नहीं चाहते हैं।  पिछले कई महीनों से देश में जिस तरह से हिंसा हो रही है, उसका प्रतिरोध करने के लिए ही नौजवान सड़कों पर उतर रहे हैं।"

Young India
Young India against CAA-NRC-NPR
kannan gopinathan
Protests
Anti CAA
AISA
BJP
Delhi University
JNU
Umar khalid

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु के ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में डीएमके एकतरफ़ा जीत हासिल की
    15 Oct 2021
    एआईएडीएमके और बीजेपी की बेहद अपमानजनक हार।
  • Ram
    शंभूनाथ शुक्ल
    सबके अपने-अपने राम!
    15 Oct 2021
    राम के चरित्र का उज्ज्वल पक्ष क्या है और स्याह पक्ष कौन-सा है, जब तक यह नहीं समझा जाएगा, तब तक इस तरह लकीर पीटने से क्या फ़ायदा! नौ दिन तक राम लीला हुई और दसवें दिन रावण फुँक गया। बस क़िस्सा ख़त्म।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    डीयू शिक्षक संघ चुनाव, बनारस में छात्रों पर FIR और अन्य ख़बरें
    14 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के चुनाव, बनारस में छात्रों पर FIR अन्य ख़बरों पर।
  • bsf
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बॉर्डर राज्यों में केंद्र ने बढ़ाया BSF का दायरा, पंजाब-पश्चिम बंगाल ने बताया राज्यों पर हमला
    14 Oct 2021
    पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगे हुए राज्यों में BSF अब 50 किलोमीटर तक के दायरे में गिरफ्तारी कर सकती है, तलाशी कर सकती है, जांच कर सकती है, सामान जब्त कर सकती है। पहले बॉर्डर राज्यों पर सुरक्षा की…
  • stop
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी: ललितपुर बलात्कार मामले में कई गिरफ्तार, लेकिन कानून व्यवस्था पर सवाल अब भी बरकरार!
    14 Oct 2021
    यह सिर्फ इसी मामले की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे देश की स्थिति है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है लेकिन जब मामले दर्ज होते हैं तो अदालतों में उन पर सुनवाई पूरी होने में सालों लग जाते हैं और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License