NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
स्वास्थ्य
पुणे : मिड डे मील खाने से कम से कम 21 बच्चे बीमार
भाषा की खबर के अनुसार भारतीय विद्यापीठ पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा कि रामभाउ म्हालगी माध्यमिक विद्यालय के छात्रों और अध्यापकों ने सुबह करीब 11 बजे 'मसाला चावल' खाने के बाद जी मिचलाने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Aug 2019
mid day meal
mid day meal

मिड डे मील खाने से बच्चों के बीमार होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला पुणे के कटराज इलाके से सामने आया है। यहां एक माध्यमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन खाने से कम से कम 21 छात्र और एक अध्यापक बीमार हो गए।

भाषा की खबर के अनुसार भारतीय विद्यापीठ पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा कि रामभाउ म्हालगी माध्यमिक विद्यालय के छात्रों और अध्यापकों ने सुबह करीब 11 बजे 'मसाला चावल' खाने के बाद जी मिचलाने की शिकायत की जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारी ने कहा कि निजी/वित्तपोषित श्रेणी में आने वाले विद्यालय में स्वयं सहायता समूह ने मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया था। अभी मामले की जांच जारी है।

गौरतलब है कि कैग ने भी 2016 की अपनी जांच में पाया था कि अधिकतर विद्यालयों में रसोईघर, शैडो, बर्तन और पेयजल सुविधा का घोर अभाव है। दूषित भोजन से कई बार बच्चों के बीमार पड़ने की घटनाएं यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सामने आईं। जिसके बाद साल 2018 में मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में स्कूली स्तर पर रसोई में गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए। लेकिन इन सबके बावजूद अभी भी भोजन की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।।

 

समाचार एजेंसी भाषा की ईनपुट के साथ

mid day meal
Pune
Pune Police
MHRD

Related Stories

ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित

इग्नू के नये ज्योतिष पाठ्यक्रम पर वैज्ञानिकों और बौद्धिकों की प्रतिक्रियायें

बीएचयू: सोते हुए छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई, थाना घेराव के बाद गिरफ़्तार छात्र हुए रिहा

दिल्ली : विश्वविद्यालयों को खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में  लिया

क्या है आईआईएम और सरकार के बीच टकराव की वजह?

80 प्रतिशत से अधिक अभिभावकों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उनके बच्चों को शिक्षा नहीं मिली : स्टडी

बीएचयू: प्रवेश परीक्षा के ख़िलाफ़ ‘छात्र सत्याग्रह’ जारी, प्रशासन का किसी भी विरोध से इंकार

बर्बाद हो रहे भारतीय राज काज के लिए नई शिक्षा नीति सुंदर शब्दों के अलावा और कुछ नहीं

मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति एक और विनाशकारी दुस्साहस!

नई शिक्षा नीति “भारतीय शिक्षा को बर्बाद” करने का ‘‘एकतरफ़ा अभियान’:सीपीआईएम


बाकी खबरें

  • भाषा
    दिल्ली विधानसभा : भाजपा के दो विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला
    29 Mar 2022
    दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों द्वारा कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दे उठाए जाने के दौरान कथित रूप से व्यवधान डालने पर विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक…
  • नाइश हसन
    सियासत: दानिश अंसारी के बहाने...
    29 Mar 2022
    बीजेपी ने कभी मुस्लिम जनसंख्या के हिसाब से उसे नुमाइंदगी देने या उनके संपूर्ण विकास के लिए काम नहीं किया। बस पिक एण्ड चूज के आधार पर कुछ मुसलमान जो मुसलमानों के ही ख़िलाफ़ खुल कर खड़े हो सकें बस उनको…
  • अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
    एक देश एक चुनाव बनाम लोकतांत्रिक सरोकार
    29 Mar 2022
    लगातार होने वाले चुनावों ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को फलने-फूलने का मौका प्रदान किया है और उनकी क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पटल पर एक महत्व दिया है, और इस प्रकार से भारत में…
  • उपेंद्र स्वामी
    श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़
    29 Mar 2022
    दुनिया भर की: यह कोई आकस्मिक घटनाक्रम नहीं है। कोविड के दौर ने इसकी रफ़्तार और मार को भले ही थोड़ा तेज़ बेशक कर दिया हो लेकिन यह लंबे समय से चली आ रही नीतियों का नतीजा है। यह संकट उन तमाम…
  • प्रेम कुमार
    विश्लेषण: दिल्ली को सिंगापुर बनाने के सपने में आंकड़ों का फरेब
    29 Mar 2022
    अगर 5 साल बाद दिल्ली में रोजगार का स्तर 45 फीसदी के स्तर तक ले जाना है तो इसके लिए कम से कम 1.63 करोड़ लोगों के पास रोजगार रहना चाहिए। ऐसा तभी संभव है जब इन पांच सालों में 63 लाख अतिरिक्त लोगों को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License