NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
23 मार्च को 'देश मेरा, वोट मेरा, मुद्दा मेरा' स्लोगन के साथ जन जागरुकता कार्यक्रम करेंगे सामाजिक संगठन
23 मार्च को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत के दिन देशभर में कम से कम 1000 स्थानों पर समन्वित कार्रवाई की जाएगी। ये कार्यक्रम "देश मेरा, वोट मेरा, मुद्दा मेरा" नारे के बैनर तले आयोजित किए जाएंगे।
सबरंग इंडिया
22 Mar 2019
23 मार्च को 'देश मेरा, वोट मेरा, मुद्दा मेरा' स्लोगन के साथ जन जागरुकता कार्यक्रम करेंगे सामाजिक संगठन

30 से ज़्यादा सामाजिक समूहों के प्रतिनिधियों ने 11 मार्च को निर्णय किया है कि वे देश और जनता के वास्तविक मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही उनकी कोशिश रहेगी कि चुनावों में जनता से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएँ। उन्होंने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 23 मार्च को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत के दिन देशभर में कम से कम 1000 स्थानों पर समन्वित कार्रवाई की जाएगी।

इसमें जनसभाएँ, रैलियाँ, मार्च, मानव श्रृंखला आदि तरीक़ों से लोगों के बीच जनजागरुकता कार्यक्रम चलाया जा सकता है। ये कार्यक्रम जिस भी तरीक़े से आयोजित होंगे उनकी शुरुआत भगत सिंह आदि शहीदों को माल्यार्पण व स्मरण करने के बाद ही शुरू होगी। ये कार्यक्रम शहीदों की प्रतिमा, स्मृति स्थल व सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कराए जाएंगे।  

ये कार्यक्रम "देश मेरा, वोट मेरा, मुद्दा मेरा" नारे के बैनर तले आयोजित किए जाएंगे। केंद्रीय टीम सभी ग्रुप्स के पास एक लोगो डिज़ाइन कर भेजेगी। केंद्रीय टीम कुछ नारे, पर्चे व अन्य प्रचार सामग्री सभी के पास भेजेगी ताकि वे इन्हें प्रचुर मात्रा में छपवा सकें। केंद्रीय टीम कुछ डिजिटल पोस्टर भी साझा करेगी जिनका उपयोग सोशल मीडिया अभियानों, प्रेस आमंत्रण के लिए टेम्पलेट्स और प्रेस रिलीज़ के लिए किया जा सकता है। सभी प्रतिभागी संगठनों के साथ एक विस्तृत एसओपी साझा किया जाएगा।

इसके साथ ही इस ग्रुप ने कहा, “इच्छुक संगठनों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी भागीदारी की पुष्टि करें और उन स्थानों की संख्या का भी उल्लेख करें जिन पर वे आयोजन करेंगे। उनसे यह भी अनुरोध किया जाता है कि वे समन्वय को सुचारू बनाने के लिए अपने संगठन के लिए एक पीओसी नामित करें।”

Bhagat Singh
23 march
sukhdev
Rajguru
Martyrdom
India
politics
desh mere vote mera mudda mera

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास


बाकी खबरें

  • रिचर्ड डी. वोल्फ़
    यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका
    15 Apr 2022
    वैश्विक युद्ध हमेशा पूंजीवाद के वैश्वीकरण और इसके मुनाफ़े के मक़सद के साथ होता रहा है।
  • बी. सिवरामन
    क्या एफटीए की मौजूदा होड़ दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था परिपक्व हो चली है?
    15 Apr 2022
    अक्सर यह दावा किया जाता है कि मुक्त व्यापार समग्र रूप से तथाकथित 'राष्ट्रीय हितों' की पूर्ति करेगा। यह बकवास है। कोई भी एफटीए केवल निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों, खनिकों और खनिज निर्यातकों तथा…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं
    15 Apr 2022
    हिंसा को स्वीकार्य बनाने के लिए कट्टरपंथी शक्तियों द्वारा संचालित मानसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शायद पूर्ण हो चुका है और हममें से अधिकांश संभवतः इसमें ए प्लस ग्रेड भी अर्जित कर चुके हैं इसलिए इन शोभा…
  • ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन
    15 Apr 2022
    ऐसा प्रतीत होता है कि ज़्यादातर सूचनाएँ अभी भी शीत-युद्धकालीन मानसिकता से ग्रसित हैं, जो मानवता को दो विरोधी ख़ेमों में बाँटकर देखती है। हालाँकि, सच ये नहीं है।
  • विजय विनीत
    बनारस में गंगा के बीचो-बीच अप्रैल में ही दिखने लगा रेत का टीला, सरकार बेख़बर
    15 Apr 2022
    बनारस की गंगा में बालू के टीले पहले जून के महीने में दिखाई देते थे। फिर मई में और अब अप्रैल शुरू होने के पहले ही दिखाई देने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License