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इज़रायली जेल में 23 साल के फ़िलिस्तीनी क़ैदी की मौत
जब क़ैदी कथित तौर पर बाथरूम में गिर कर बेहोश हो गया, उसके बाद इज़रायली जेल गार्ड ने उसे हॉस्पिटल तक पहुंचाने में देरी की।
पीपल्स डिस्पैच
23 Apr 2020
क़ैदी की मौत

22 अप्रैल की सुबह को दक्षिणी इज़रायल के नेगेव क्षेत्र की केतज़ियोत जेल में एक फ़िलिस्तीनी क़ैदी संदिग्ध हालत में मृत पाया गया। यह जानकारी विभिन्न फ़िलिस्तीनी समाचार एजेंसियों ने दी। क़ैदी की पहचान नूर जबर के रूप में हुई है, जो नेगेव जेल के सेक्शन 25 के बाथरूम में गिर कर बेहोश हो गया और अचानक उसकी मौत हो गई।

23 साल का नूर अबदौब्द गांव का रहने वाला था जो रमाल्लाह के पश्चिमी क्षेत्र वेस्ट बैंक में स्थित है। नूर को इज़रायली क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में विद्रोही गतिविधियों के लिये 8 साल की सज़ा दी गई थी, जिसमें से वो 4 साल पूरे कर चुका था।

फ़िलिस्तीनी क़ैदी समाज(पीपीएस) के अनुसार नूर के बाथरूम में गिरने से क़ैदियों और सुरक्षा बलों के बीच शोरगुल पैदा हो गया और जब क़ैदी दरवाज़ा नहीं तोड़ पाए तो गार्ड को बुलाया गया। लेकिन गार्ड ने जल्द प्रतिक्रिया नहीं दी और वो 30 मिनट बाद आया जब क़ैदी विरोध में चिल्लाने लगे थे।
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जेल अधिकारियों ने क़ैदी को सीपीआर दिया लेकिन उसका कोई फ़ायदा नहीं हुआ। उसके बाद वो उसे पास के एक अस्पताल में ले गए जहाँ उसकी मौत हो गई।
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पीपीएस ने कहा है कि क़ैदी की मौत जेल गार्ड की तरफ़ से हुई देरी की वजह से हुई है। अब्दुल्लाह ज़ग़ारी ने दावा किया कि क़ैदी 'जवान, स्वस्थ था और उसे कोई बीमारी नहीं थी।' पीपीएस मांग कर रहा है कि इज़रायली अधिकारी क़ैदी की लाश की ऑटोप्सी करें ताकि मौत की वजह का पता चल सके। पीपीएस ने देरी करने वाले गार्ड के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की मांग की है।

1967 से अब तक इज़रायली जेलों में 273 फ़िलिस्तीनी क़ैदियों की मौत हो चुकी है। इसी साल में 6 दिन की जंग के बाद इज़रायल ने वेस्ट बैंक, यरूशलम और ग़ाज़ा स्ट्रिप पर क़ब्ज़ा किया था।

2019 में इज़रायली हिरासत में 3 क़ैदियों की मौत हुई थी। चौंकाने वाली बात ये है कि इन 3 क़ैदियों और 1980 और 2018 में मरे दो अन्य क़ैदियों की लाशें इज़रायल ने अभी तक अपने पास रखी हुई हैं। यह इज़रायल के उस डरावने नियम के तहत हुआ है कि क़ैदी को अपनी सज़ा पूरी करनी होगी, चाहे वो मर हो क्यों न जाये। इसका मतलब ये है कि चूंकि नूर की सज़ा के 4 साल अभी बचे थे इसलिये उसके परिवार को उसकी मौत का मातम मनाने के लिये लाश नहीं दी जाएगी।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

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Palestinian Prisoner Society
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