NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नोटबंदी के 3 साल : फ़ायदा हुआ तो दिखा क्यों नहीं ?
आज से तीन साल पहले प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नोटबंदी का कदम उठाया गया था। मोदी द्वारा दावा था कि नोटबंदी लागू करने से भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत सारे फायदे होंगे। उसके बाद ऐसी कई सारी रिपोर्टें आ चुकी हैं,जो प्रधानमंत्री द्वारा गिनाए गए नोटबंदी से जुड़े हर फायदे को ख़ारिज करती हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Nov 2019
demonitization

8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक 'तानशाही' फ़ैसला लेते हुए 'नोटबंदी' का ऐलान किया था, जिसके तहत 8 नवम्बर की ही रात 12 बजे से तब चल रहे 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया गया था। अचानक आए इस फ़ैसले पर भारतीय जनता पार्टी के अलग-अलग नेताओं ने कई बातें की थीं, और ख़ुद नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी करने की अलग-अलग वजहें बताई थीं। कहा गया था कि नोटबंदी आतंकवादी संगठनों को सबक सिखाने के लिए की गई है, फिर कहा गया कि ये देश को 'कैशलेस' बनाने के लिए की गई है, फिर कहा गया कि इससे काले धन पर अंकुश लग जाएगा।

इन तीनों ही बातों का हासिल क्या हुआ ये आज तक साफ़ नहीं हो सका है। बल्कि 9 महीनों बाद आरबीआई ने एक रिपोर्ट में कह दिया कि 97% नोट बदले जा चुके हैं। हाल ही में पूर्व सचिव एस . सी . गर्ग ने कहा है कि 2,000 रुपये के नोट को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने दावा किया है कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट की जगह लाए गए 2,000 रुपये के नोट की जमाखोरी की जा रही है और इसे बंद कर देना चाहिए।

नोटबंदी जैसे अचानक लिए गए फ़ैसले को आज तीन साल हो गए हैं और कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने इस फ़ैसले को नाकाम बताते हुए बीजेपी पर हमले किए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर के कहा नोटबंदी के फ़ैसले को 'आतंकवादी हमला' क़रार दिया है। विपक्षी पार्टी ने 500 और 1000 रुपये के, उस समय प्रचलित नोटों को बंद करने के सरकार के फैसले की तुलना 1330 में मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा मुद्रा को प्रचलन से बाहर करने के फैसले से की। कांग्रेस ने इस मौके पर सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है।
T

It’s 3 yrs since the Demonetisation terror attack that devastated the Indian economy, taking many lives, wiping out lakhs of small businesses & leaving millions of Indians unemployed.

Those behind this vicious attack have yet to be brought to justice. #DeMonetisationDisaster pic.twitter.com/NdzIeHOCqL

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 8, 2019

मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष सीताराम येचूरी ने भी नोटबंदी भारत की जनता के ख़िलाफ़ 'अपराध' बताया है।

Today is the third anniversary of a crime against the Indian people. In its hubris, this govt did demonetisation which unleashed nothing but a crisis and pain. We are yet to fully recover from this shock. #Notebandi pic.twitter.com/fhlWwVbN8P

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) November 8, 2019

आपको बता दें कि 8 नवम्बर को नोटबंदी होने के बाद से देश की जनता को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। अपने नोट बदलवाने और पैसे निकालने के लिए लोग लाइन में लगे रहे थे, जिसमें क़रीब 100 लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि सरकार के प्रवक्ताओं ने इन मौतों को नज़रअंदाज़ कर दिया था, या इनकी वजहें कुछ और बता दी थीं।

आज 3 साल बाद नोटबंदी से कितने आतंकवादियों को घाटा हुआ, कितना काला धन वापस आया या देश से नकद पैसा कितना कम हुआ, इसके कोई प्रमाण सरकार की तरफ़ से नहीं आए हैं। हाल ही में ये ज़रूर पता चला है, कि आज और ज़्यादा नकद पैसा चलन में है।

नोटबंदी के बारे में ये बातें भी सामने आई थीं, कि नरेंद्र मोदी ने इसके बारे वित्त मंत्रालय या आरबीआई से कोई राय-मशवरा नहीं किया था। बाद में आरबीआई का एक बयान आया था जिसमें बताया गया कि आरबीआई ने नोटबंदी के बारे में पहले ही कहा था कि ये सफल नहीं होगी, लेकिन तब भी ये फ़ैसला लिया।

नोटबंदी के बाद पैदा हुई मुश्किलों के दौरान लोगों की हुई मौतों को सरहद पर खड़े फ़ौजियों से जोड़ कर देखा गया था और सरकार के प्रवक्ताओं ने ये तक कह दिया था कि जब सियाचिन में फ़ौजी खड़े हैं, तो लोग लाइन में क्यों नहीं खड़े हो सकते।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रधानमंत्री को नोटबंदी के लिए माफ़ी मांगने को कहा है।

इसके अलावा आज ट्विटर पर, नोटबंदी के 3 साल बीतने पर उस वक़्त की मुश्किलों को याद करते हुए #Demonetisationdisaster ट्रेंड कर रहा है और लोग इस फ़ैसले को मौजूदा मंदी और जर्जर पड़ी अर्थव्यवस्था की भी वजह बता रहे हैं। जिसकी वजह से #Notebandisemanditak भी ट्रेंड कर रहा है।

दूसरी तरफ़ बीजेपी आज भी इस फ़ैसले को ऐतिहासिक फ़ैसला बता रही है, लेकिन इस बात का समर्थन करने के लिए सरकार या वित्त मंत्रालय 3 साल में कोई भी आंकड़ा नहीं दे पाया है।

 

demonitisation
demonitisation a failure
3 years of demonetisation
BJP
Narendra modi
Economic Recession
economic crises
Rahul Gandhi
Congress
CPI(M)
Sitaram yechury

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • postal ballot
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: बिगड़ते राजनीतिक मौसम को भाजपा पोस्टल बैलट से संभालने के जुगाड़ में
    08 Feb 2022
    इस चुनाव में पोस्टल बैलट में बड़े पैमाने के हेर फेर को लेकर लोग आशंकित हैं। बताते हैं नजदीकी लड़ाई वाली बिहार की कई सीटों पर पोस्टल बैलट के बहाने फैसला बदल दिया गया था और अंततः NDA सरकार बनने में उसकी…
  • bonda tribe
    श्याम सुंदर
    स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व
    08 Feb 2022
    पहाड़ी बोंडाओं की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने की चिंता में डूबे लोगों को इतिहास और अनुभव से सीखने की ज़रूरत है। भाषा वही बचती है जिसे बोलने वाले लोग बचते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि अगर पहाड़ी…
  • Russia China
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 
    08 Feb 2022
    वास्तव में मॉस्को के लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, वह यह कि पेइचिंग उसके विरुद्ध लगने वाले पश्चिम के कठोर प्रतिबंधों के दुष्प्रभावों को कई तरीकों से कम कर सकता है। 
  • Bihar Medicine
    एम.ओबैद
    बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली
    08 Feb 2022
    मुंगेर के सदर अस्पताल में एक्सपायर दवाईयों को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है, जहां अस्पताल परिसर के बगल में स्थित स्टोर रूम में करीब 50 लाख रूपये से अधिक की कीमत की दवा फेंकी हुई पाई गई है, जो सड़ी-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License