NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लोगों पर नज़दीक से फ़ायरिंग की गई। मृतकों की बड़ी संख्या विरोधी समूह पीपल्स डिफ़ेंस फ़्रंट के सदस्य हैं।
पीपल्स डिस्पैच
05 Jul 2021
म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए

पीपुल्स डिफेंस फ्रंट के स्थानीय विरोधी लड़ाकों के सदस्यों सहित कम से कम 31 नागरिकों को म्यांमार की सेना द्वारा उस समय मार दिया गया है, जब वे अपने सैन्य ट्रकों में एक गांव में घुस गए। वे 2 जुलाई को नयपीडाव से लगभग 300 किलोमीटर सागाइंग टाउनशिप (Sagaing Township) के डेपायुन में एक वन क्षेत्र के पास अंधाधुंध गोलीबारी करने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अब तक इस क्षेत्र से 31 शव निकाले जा चुके हैं, जिनमें नागरिक और विरोधी मोर्चे के सदस्य शामिल हैं।

सेना द्वारा संचालित मीडिया आउटलेट्स ने तुरंत मृतक को "सशस्त्र आतंकवादी" के रूप में बताते हुए आरोप लगाया है कि सैनिकों को जवाबी कार्रवाई में गोली मारने के लिए मजबूर किया गया था। दूसरी ओर एक सशस्त्र समूह डेपायिन पीपल्स डिफेंस फ्रंट ने 3 जुलाई को एक बयान जारी किया जिसमें उसने जोर देकर कहा कि सतपयारकिन गांव में सैकड़ों सैनिकों को अपने ट्रकों में आते देख आसपास के गांवों के लोग डर से भाग रहे थे जो तनाव का कारण बना और जुंटा सैनिकों ने भारी हथियारों का इस्तेमाल करके अंधाधुंध गोलियां चलाईं।

कई रिपोर्टों से पता चलता है कि पीपल्स डिफेंस फ्रंट बलों और सैनिकों के बीच गोलीबारी हुई जो कई घंटों तक चली। स्थानीय विरोध मोर्चा ने एक बयान में पुष्टि की है कि मारे गए लोगों में दो दर्जन इस समूह के सदस्य थे।

नाम न छापने की शर्त पर मीडिया से बात करने वाले ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने 26 बार गोली की आवाज सुनी। दफ़नाने की प्रक्रिया में भाग लेने वाले ग्रामीणों के अनुसार मारे गए लोगों में से कम से कम नौ लोगों के सिर पर गोली लगी थी।

2 जुलाई से डेपायिन टाउनशिप के 11 गांवों के करीब 10,000 लोग मारे जाने के डर से इस क्षेत्र से भाग गए हैं। असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स के अनुसार, सेना के खिलाफ जन विद्रोह में 860 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए जिनमें से 75 नाबालिग थे।

फरवरी में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से ही देश में तनाव की स्थिति बनी हुई है। जुंटा सैनिकों और सैन्य तानाशाही का विरोध कर रहे स्थानीय विरोधी मोर्चे के बीच लड़ाई जून के मध्य में इस क्षेत्र के गांवों पर छापेमारी के बाद भी हुई थी।

Myanmar
Myanmar forces
Myanmar security forces
Naypyidaw

Related Stories

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग

म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है

म्यांमार में 4,800 खदान कर्मचारियों की हड़ताल के छह महीने पूरे

म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

रोहिंग्या कैंप: आग लगने के बाद अब क्या हैं हालात

दिल्ली के इकलौते रोहिंग्या कैंप में बार-बार आग लगने से उठते सवाल

सुप्रीम कोर्ट का रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का फ़ैसला कितना मानवीय?

हिरासत में लिए गए रोहिंग्याओं को निर्धारित प्रक्रिया के बिना म्यांमा प्रत्यर्पित नहीं किया जायेगा:सुप्रीम कोर्ट


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों की ऐतिहासिक जीत के मायने
    09 Dec 2021
    ऐतिहासिक किसान-आंदोलन की जीत किसानों के इस वज्र-संकल्प का ऐलान है कि न कोई कारपोरेट गिरोह हमारी कृषि पर कब्जा कर सकता है, न कोई फ़ासिस्ट गिरोह हमारे लोकतंत्र को बंधक बना सकता !
  • hunger crisis
    ऋत्विका मित्रा
    दिल्ली के गरीब भूखे और हताश हैं, उनके पेट में भूख की 'आग' जल रही है
    09 Dec 2021
    राशन कार्ड नहीं होने और दिल्ली सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना में ख़ामियां होने से पीडीएस योजना के ग़ैर-लाभार्थी लोग भयंकर भुखमरी के शिकार बने हुए हैं।
  • Akhilesh Yadav
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    मेरठ: अखिलेश-जयंत की पहली संयुक्त रैली में उठा किसान आंदोलन, टीईटी पेपर लीक, लखीमपुर घटना का मुद्दा
    09 Dec 2021
    समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मेरठ में हुई एक रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख ने कहा कि भाजपा को अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में लोगों…
  • tasleem
    सबरंग इंडिया
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली को जमानत दी
    09 Dec 2021
    हेट क्राइम सर्वाइवर 115 दिनों से जेल में है; उसे भीड़ ने नाबालिग लड़की के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाकर पीटा था, लिंचिंग का वीडियो वायरल हो गया था
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 9,419 नए मामले, 159 मरीज़ों की मौत
    09 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.27 फ़ीसदी यानी 94 हज़ार 742 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License