NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए हवाई हमले में 45 लोग मारे गए
तालिबान को निशाना बनाने के आधिकारिक दावों के उलट प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि इस हवाई हमले में वास्तव में इस क्षेत्र के एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया।
पीपल्स डिस्पैच
24 Jul 2020
अफ़ग़ानिस्तान

अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी हिस्से में 22 जुलाई को एक हवाई हमले में आठ नागरिकों और 37 तालिबान लड़ाकों सहित कम से कम 45 लोग मारे गए। अद्रस्कन ज़िले के अधिकारियों ने कहा कि हेरात ज़िले के खाम ज़़ियारत क्षेत्र में अफगान सुरक्षा बलों ने ये हमला किया था।

हेरात ज़िले के कार्यवाहक गवर्नर जेलानी फरहाद, ने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा इस हमले में तालिबान के छह प्रमुख कमांडरों को निशाना बनाया गया जबकि बारूदी सुरंग विस्फोट के कारण आम नागरिक हताहत हुए।

हालांकि, इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी ने अलग ही बातें कही है। उन्होंने कहा कि ये हवाई हमले में वास्तव में उक्त क्षेत्र में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया जिसके परिणामस्वरूप 20 नागरिक घायल हो गए और कई लोगों ने कहा कि इस हमले हमले में उन व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा था जो शादी समारोह से भाग रहे थे। "मृतकों और घायलों में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।" टोलो न्यूज ने कुछ स्थानीय लोगों के हवाले से कहा है।

बुधवार शाम को एक अन्य घटना में नंगरहार प्रांत के खोंगयानी में अफगान सैनिकों के साथ मुठभेड़ में कम से कम 31 तालिबानी विद्रोहियों की मौत हो गई। आधिकारिक बयान के अनुसार, ये झड़पें तब हुईं जब तालिबान विद्रोहियों ने इलाक़े में नज़दीकी चौकी पर हमला करने की कोशिश की।

अफ़ग़ानिस्तान इंडिपेंडेंट ह्यूमन राइट्स कमीशन के अनुसार, अब तक, 2020 के पहले छह महीनों में, कम से कम 880 घटनाओं में कुल 1,213 आम नागरिकों ने इस हिंसा में अपनी जान गंवाई है जबकि 1,744 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

Afghanistan
Taliban fighters
TALIBAN
Pakistan
Afghanistan Independent Human Rights

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री निर्वाचित

कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...

इमरान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए पाक संसद का सत्र शुरू

पकिस्तान: उच्चतम न्यायालय से झटके के बाद इमरान ने बुलाई कैबिनेट की मीटिंग

पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का ख़म्याज़ा समय से पहले चुनाव कराये जाने से कहीं बड़ा होगा


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामले घटकर 10 लाख से नीचे आए 
    08 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 67,597 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 9 लाख 94 हज़ार 891 हो गयी है।
  • Education Instructors
    सत्येन्द्र सार्थक
    शिक्षा अनुदेशक लड़ रहे संस्थागत उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हक़ की लड़ाई
    08 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि 2019 तक उन्हें नियमित कर दिया जायेगा। लेकिन इस वादे से भाजपा पूरी तरह से पलट गई है।
  • Chitaura Gathering
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव: मुसलमान भी विकास चाहते हैं, लेकिन इससे पहले भाईचारा चाहते हैं
    08 Feb 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गांव के मुआयने से नफ़रत की राजनीति की सीमा, इस इलाक़े के मुसलमानों की राजनीतिक समझ उजागर होती है और यह बात भी सामने आ जाती है कि आख़िर भाजपा सरकारों की ओर से पहुंचायी जा…
  • Rajju's parents
    तारिक़ अनवर, अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : गांवों के प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या की कहानी
    08 Feb 2022
    महामारी की शुरूआत होने के बाद अपने पैतृक गांवों में लौटने पर प्रवासी मज़दूरों ने ख़ुद को बेहद कमज़ोर स्थिति में पाया। कई प्रवासी मज़दूर ऐसी स्थिति में अपने परिवार का भरण पोषण करने में पूरी तरह से असहाय…
  • Rakesh Tikait
    प्रज्ञा सिंह
    सरकार सिर्फ़ गर्मी, चर्बी और बदले की बात करती है - राकेश टिकैत
    08 Feb 2022
    'वो जाटों को बदनाम करते हैं क्योंकि उन्हें कोई भी ताक़तवर पसंद नहीं है' - राकेश टिकैत
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License