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एबीवीपी ने अपने स्थापना दिवस पर फ़ेक फ़ोटो के जरिये किया शौर्यगान!
एबीवीपी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट 9 जुलाई 2020 को किया गया है। 9 जुलाई एबीवीपी का स्थापना दिवस होता है। इस ट्वीट के साथ एक फोटो भी पोस्ट किया गया है। दावा किया गया है कि ये फोटो एबीवीपी का है और 1973 नवनिर्माण आंदोलन का है।
राज कुमार
14 Jul 2020
एबीवीपी ने अपने स्थापना दिवस पर फ़ेक फ़ोटो के जरिये किया शौर्यगान!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगिक छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने ट्वीट किया है, “एबीवीपी का भ्रष्टाचार के खिलाफ बिना किसी भी समझौते के साफ स्टैंड है। जिसके चलते 1973 में नवनिर्माण आंदोलन को शुरु और मजबूत किया गया। एबीवीपी के इस प्रतिरोध की वजह से उस वक्त की गुजरात सरकार गिर गई थी...”। (मूल ट्विट का हिंदी अनुवाद)

एबीवीपी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ये ट्वीट 9 जुलाई 2020 को किया गया है। 9 जुलाई एबीवीपी का स्थापना दिवस होता है। इस ट्वीट के साथ एक फोटो भी पोस्ट किया गया है। दावा किया गया है कि ये फोटो एबीवीपी का है और 1973 नवनिर्माण आंदोलन का है। एबीवीपी का ट्वीट आप इस लिंक पर देख सकते हैं। (आर्काइवल लिंक)

ABVP’s uncompromising stand against corruption initiated & strengthend the Navnirman Andolan in 1973. ABVP’s protests led to falling of the then Gujarat government.

In 1974 the Chhatra Sangharsh Samiti made the issue of corruption in Bihar a national issue.#NationalStudentsDay pic.twitter.com/M2vD3bl2y3

— ABVP (@ABVPVoice) July 9, 2020

अब आइये, जरा इस फोटो की सच्चाई जानते हैं। जब इस फोटो के बारे में खोजबीन की गई तो ये इंटरनेट पर काफी जगह मौजूद मिला। एबीवीपी के अलावा हर जगह ये फोटो “महागुजरात आंदोलन” के संदर्भ में प्रकाशित किया गया है। महागुजरात आंदोलन, गुजरात के स्वतंत्र राज्य के निर्माण का आंदोलन था। इसी आंदोलन की बदौलत ही 1 मई 1960 को गुजरात एक स्वतंत्र राज्या बना था। पहले गुजरात महाराष्ट्र का ही हिस्सा था।

डीएनए की वेबसाइट पर 5 मई 2012 को महागुजरात आंदोलन पर एक रिपोर्ट पब्लिश हुई थी। जहां आप इस फोटो को देख सकते हैं। रिपोर्ट देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

imageइसके अलावा भी अनेकों जगह पर ये फोटो महागुजरात आंदोलन के संदर्भ में पब्लिश हुआ है। एक जगह पर बताया गया है कि ये फोटो महागुजरात आंदोलन का है और 1956 का है। Gujarat.in नाम की वेबसाइट पर इस तरह का दावा है।

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1 मई 2017 को अहमदाबाद में महागुजरात आंदोलन के नेता इंदुलाल याज्ञनिक की प्रतिमा का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री का ट्विट आप यहां देख सकते हैं।

Guj CM paid floral tributes to Indu Chacha, the founder of Maha Gujarat movement, at his statue at Lal Darwaja today on #GujaratGauravDivas pic.twitter.com/xmjDum2fvY

— CMO Gujarat (@CMOGuj) May 1, 2017

इस मौके पर महागुजरात आंदोलन के फोटो के साथ साज-सज्जा भी की गई। इस साज-सज्जा में भी आप इस फोटो को देख सकते हैं। नवभारत टाइम्स ने गुजरात दिवस के मौके पर महागुजरात आंदोलन पर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। शीर्षक था “गुजरात दिवसः कहानी आज़ादी के बाद के सबसे बड़े जन आंदोलन की ”। रिपोर्ट में आंदोलन के बारे में और इस आंदोलन के लोकप्रिय नेता इंदुलाल याज्ञनिक के बारे में विस्तार से लिखा है। नवभारत टाइम्स की इस रिपोर्ट में महागुजरात आंदोलन के फोटो के होर्डिंग्स में आप इस फोटो को साफ देख सकते हैं। रिपोर्ट देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

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इस प्रकार स्पष्ट है कि ये फोटो न तो एबीवीपी का है और न ही 1973 के नवनिर्माण आंदोलन का। ये फोटो महागुजरात आंदोलन का है और 1960 से पहले का है। एबीवीपी का दावा गलत है। ट्वीट की गई फोटो और जानकारी फ़ेक और भ्रामक है। फोटो को संदर्भ से काटकर गलत संदर्भ में खुद के शौर्यगान के लिए इस्तेमाल किया गया है।

लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं।

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