NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
एक्टिविस्ट समूह ने पाकिस्तानी पत्रकार के अपहरण की निंदा की
वरिष्ठ पत्रकार मतिउल्लाह जान का अपहरण कर लिया गया और बाद में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में छोड़ दिया गया।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jul 2020
एक्टिविस्ट समूह ने पाकिस्तानी पत्रकार के अपहरण की निंदा की

21 जुलाई को इस्लामाबाद के जी -6 सेक्टर से वरिष्ठ पत्रकार मतिउल्लाह जान के अपहरण और फिर उनकी रिहाई के बाद पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी), एमनेस्टी इंटरनेशनल, फ्रीडम नेटवर्क, पाकिस्तान बार एसोसिएशन, पाकिस्तान बार काउंसिल सहित कई मानवाधिकार समूह और पत्रकार समुदाय ने इस घटना की निंदा की है और देश में राजनीतिक असंतोष को दबाने को लेकर चिंता व्यक्त की है।

एचआरसीपी की चेयरपर्सन मेहदी हसन ने एक बयान में कहा, "हम मीडिया को नियंत्रित करने के बढ़ते प्रयासों, स्वतंत्र आवाजों को दबाने और राजनीतिक असंतोष को रोकने के लिए गंभीर रुप से चिंतित हैं, इस तरह से निरंतर डर के माहौल को तैयार किया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के लोगों के साथ उनके संवैधानिक और मौलिक अधिकारों को महसूस करने का प्रयास करते हुए मतिउल्लाह जान दृढ़ता से खड़े रहे हैं... जान का अपहरण कायरता वाला कृत्य है और तत्काल निवारण चाहता है।"

मतिउल्लाह खान देश में वर्तमान समय में व्यवस्था और पाकिस्तान की राजनीति में सेना के प्रभुत्व के लंबे समय से आलोचक रहे हैं और उन पर पहले अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सितंबर 2017 में हमला किया गया था। वक्त न्यूज़ से इस्तीफ़ा देने के बाद वह अधिक मुखर रहे हैं। पिछले हफ्ते, उनकी सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक नोटिस जारी किया। इसमें उन्होंने न्यायपालिका की भी आलोचना की है।

उनके भाई शाहिद अब्बासी जो की वकील हैं उन्होंने कहा, "एक अज्ञात नंबर से एक कॉलर ने मुझे फतेहजंग में आने के लिए कहा जो इस्लामाबाद के सीमा पर स्थित है और मतिउल्लाह को घर ले आए।" रिहा होने के बाद पत्रकार ने ट्वीट किया, “मैं सुरक्षित और सही सलामत घर वापस आ गया हूं। अल्लाह मेरे और मेरे परिवार के लिए मेहरबान रहे हैं। मैं दोस्तों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार समुदाय, राजनीतिक दलों, सोशल मीडिया और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों, न्यायपालिका को उनकी त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आभारी हूं।" मतिउल्लाह ने 22 जुलाई को ये लिखा।

पाकिस्तान बार काउंसिल के उपाध्यक्ष आबिद साकी के अनुसार, देश में राजनीतिक स्थिति "चिंताजनक" है जो प्रतीत होता है कि जो लोग अपनी आलोचनात्मक राय व्यक्त कर रहे हैं उन्हें दंडित किया जा रहा है।

पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा हमेशा एक प्रमुख चिंता का विषय रही है। पत्रकार के लिए देश में विकट स्थिति का संकेत देते हुए रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर ने अपने 2020 वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 180 देशों की सूची में से 145 वें स्थान पर पाकिस्तान को रखा है।

kidnapping of Pakistani journalist
Pakistan
Freedom of Press
attack on journalists

Related Stories

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन

यूपी: अब झांसी में अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, कहां है कानून व्यवस्था? 

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री निर्वाचित

कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...

इमरान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए पाक संसद का सत्र शुरू

बीजेपी शासित एमपी और उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर ज़ुल्म क्यों ?

कार्टून क्लिक: भूख है तो सब्र कर रोटी नहीं तो क्या हुआ...

पकिस्तान: उच्चतम न्यायालय से झटके के बाद इमरान ने बुलाई कैबिनेट की मीटिंग


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    देश भर में निकाली गई हनुमान जयंती की शोभायात्रा, रामनवमी जुलूस में झुलसे घरों की किसी को नहीं याद?
    16 Apr 2022
    एक धार्मिक जुलूस से पैदा हुई दहशत और घायल लोगों की चीख़-पुकार अभी फ़िज़ा में मौजूद है कि राजधानी दिल्ली सहित देश भर में एक और त्योहार के जुलूस निकाले गए। और वह भी बाक़ायदा सरकारी आयोजन की तरह। सवाल…
  • पलानीवेल राजन सी
    अपनी ज़मीन बचाने के लिए संघर्ष करते ईरुला वनवासी, कहा- मरते दम तक लड़ेंगे
    16 Apr 2022
    पिल्लूर में स्थानीय समुदायों की लगभग 24 बस्तियां हैं, जो सामुदायिक वन अधिकारों की मांग कर रही हैं, जैसा कि एफआरए के तहत उन्हें आश्वस्त किया गया था।
  • रूबी सरकार
    बुलडोज़र की राजनीति पर चलता लोकतंत्र, क्या कानून और अदालतों का राज समाप्त हो गया है?
    16 Apr 2022
    जिस तरह एक ख़ास धर्म के ख़िलाफ़ माहौल बनाने के लिए भाजपा की राज्य सरकारें बुलडोज़र को आगे कर रही हैं उससे लोकतंत्र हर रोज़ मरणासन्न स्थिति की ओर जा रहा है। 
  • सत्यम श्रीवास्तव
    कन्क्लूसिव लैंड टाईटलिंग की भारत सरकार की बड़ी छलांग
    16 Apr 2022
    देश में मौजूद ज़मीन के हर एक पीस/प्लॉट का एक आधार नंबर दिया जाना जिसे इस बजट भाषण में यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) कहा गया है। इसके लिए बाज़ाब्ता ज़मीन के हर टुकड़े के अक्षांश और देशांत…
  • विजय विनीत
    पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन
    16 Apr 2022
    पेपर लीक मामले में पत्रकारों की गिरफ़्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ आज बलिया में ऐतिहासिक बंदी है। बलिया शहर के अलावा बैरिया, बांसडीह, बेलथरा रोड, रसड़ा और सिकंदरपुर समेत ज़िले के सभी छोटे-बड़े बाज़ार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License