NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दादरी लिंचिंग के 6 बरस: तुम भी कभी मिले हो? मिलना कभी ज़रूर/ कैसे है जुड़ता-टूटता अख़लाक़ का बेटा
उत्तर प्रदेश में दादरी के बिसाहड़ा गांव के अख़लाक़ हत्याकांड को आज पूरे 6 बरस हो गए हैं। 28 सितंबर, 2015 को गोमांस की अफ़वाह फैलाकर जुटाई गई एक उग्र भीड़ ने उन्हें घर में घुसकर पीट-पीटकर मार डाला था। आज 6 बरस बाद भी उनके परिवार को इंसाफ़ का इंतज़ार है...।
मुकुल सरल
28 Sep 2021
Akhlaq

उत्तर प्रदेश में दादरी के बिसाहड़ा गांव के अख़लाक़ हत्याकांड को आज पूरे 6 बरस हो गए हैं। 28 सितंबर, 2015 को गोमांस की अफ़वाह फैलाकर जुटाई गई एक उग्र भीड़ ने उन्हें घर में घुसकर पीट-पीटकर मार डाला था। आज 6 बरस बाद भी उनके परिवार को इंसाफ़ का इंतज़ार है...। उनके बेटे को एक प्रतीक के तौर पर लेकर उनके परिवार के दुख-दर्द और संघर्ष की कहानी, एक कविता (ग़ज़ल) के तौर पर कहने की कोशिश की गई है।

इस कविता में आप अख़लाक़ का बेटा की जगह पहलू ख़ान का बेटा या बेटी भी रख सकते हैं और तबरेज़ अंसारी की पत्नी या भाई-बहन को भी, या ऐसे किसी और पीड़ित को..उनकी कहानी भी शायद ही इससे अलग हो।

अख़लाक़ का बेटा


ख़ुद अपने आँसू पोंछता अख़लाक़ का बेटा

हम सबसे हँसके बोलता अख़लाक़ का बेटा


हर रोज़ ख़ुद से जूझता अख़लाक़ का बेटा

ख़ामोश रहके चीख़ता अख़लाक़ का बेटा


क्या आ गए हैं मुल्क में सबके ही अच्छे दिन?

सबसे यही है पूछता अख़लाक़ का बेटा


अब साथ औ’ विश्वास का नारा नया मिला

क्या अर्थ है? क्या पूछता! अख़लाक़ का बेटा


हम डर गए, आहत हुए कुछ गालियों से ही

क्या क्या न रोज़ झेलता अख़लाक़ का बेटा


तुम भी कभी मिले हो? मिलना कभी ज़रूर

कैसे है जुड़ता-टूटता अख़लाक़ का बेटा


जिस दिन से हमने उसके पिता छीन लिए हैं

तब से न रोता, रूठता अख़लाक़ का बेटा


लिंचिंग की ख़बर पढ़के बहुत देर से चुप है

किससे भला क्या बोलता अख़लाक़ का बेटा


गायें तो सलामत हैं ‘सरल’ मुल्क के अंदर?

मुझसे यही है पूछता अख़लाक़ का बेटा

dadri lynching
Akhlaq
Akhlaq Lynching
6 years of Akhlaq Lynching

Related Stories

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

मुज़फ़्फ़रनगर, दादरी से लेकर हाथरस तक: पश्चिमी यूपी में दबंग जातियों का एक विश्लेषण

दादरी लिंचिंग के पांच साल: कहां है क़ानून?

दादरी से पालघर: रक्तपिपासु भीड़ का ‘ह्यूबरिस सिंड्रोम’ कनेक्शन!  

केवल डोरेस्वामी ही नहीं, भारतीय स्वतंत्रता के विचार को अस्थिर किया जा रहा है

अख़लाक़ मॉब लिंचिंग को चार साल: इंसाफ़ तो छोड़िए, अभी आरोप भी तय नहीं

विशेष : भगत सिंह 1928 में 2019 का सच लिख गए! आप भी पढ़िए...

जर्मनी आज भी नाज़ी बर्बरता के पीड़ितों को याद करता है, क्या भारत दादरी के अख़लाक़ को याद करेगा?

हिंसक भीड़ (लिंच मॉब) का मनोविज्ञान

अख़लाक़ के क़त्ल के तीन साल बाद इन्साफ अब भी एक सपना


बाकी खबरें

  • starbucks
    सोनाली कोल्हटकर
    युवा श्रमिक स्टारबक्स को कैसे लामबंद कर रहे हैं
    03 May 2022
    स्टारबक्स वर्कर्स यूनाइटेड अमेरिकी की प्रतिष्ठित कॉफी श्रृंखला हैं, जिसकी एक के बाद दूसरी शाखा में यूनियन बन रही है। कैलिफ़ोर्निया स्थित एक युवा कार्यकर्ता-संगठनकर्ता बताते हैं कि यह विजय अभियान सबसे…
  • प्रबीर पुरकायस्थ, टी के अंजलि
    कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?
    03 May 2022
    मौजूदा संकट, बिजली क्षेत्र में सुधारों की बुनियादी विचारधारा का ही नतीजा है, जहां 400 गीगावाट की स्थापित बिजली क्षमता के होते हुए भी, इससे आधी शीर्ष मांग पूरी करना भी संभव नहीं हो रहा है।
  • आज का कार्टून
    मंज़र ऐसा ही ख़ुश नज़र आए...पसमंज़र की आग बुझ जाए: ईद मुबारक!
    03 May 2022
    कार्टूनिस्ट इरफ़ान के साथ हम सब इस ईद पर यही चाहते हैं कि मंज़र ऐसा ही ख़ुश नज़र आए...पसमंज़र की आग बुझ जाए।
  • विजय विनीत
    बनारस में हाहाकारः पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में पीने के पानी के लिए सब बेहाल
    03 May 2022
    ग्राउंड रिपोर्टः  बनारस में पानी की आफत को देखते हुए एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने मांग की है कि शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए बनारस शहर में आपातकाल घोषित किया जाए और पानी की विलासिता पर रोक लगाई जाए।…
  • अखिलेश अखिल
    ढहता लोकतंत्र : राजनीति का अपराधीकरण, लोकतंत्र में दाग़ियों को आरक्षण!
    03 May 2022
    आजादी के अमृतकाल की दुदुम्भी और शंखनाद से इतर जब राजनीति के अपराधीकरण पर हम नजर डालते हैं तो शर्म से सिर झुक जाता है। जो सदन कभी जनता के सवालों पर गूंजता था,एक से बढ़कर एक वक्ताओं के ऐतिहासिक भाषणों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License