NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गर्भपात बिल पर वोट के दौरान अर्जेंटीना की महिलाएं कांग्रेस से बाहर करेंगी प्रदर्शन
शुक्रवार को चैंबर ऑफ़ डिप्युटीज़ आईवीई बिल पर मतदान करेगा जो अर्जेंटीना में गर्भपात को वैध करता है। इस अधिकार की मांग हज़ारों महिलाएं दशकों से कर रही हैं।
पीपल्स डिस्पैच
10 Dec 2020
गर्भपात बिल

10 और 11 दिसंबर को अर्जेंटीना की नेशनल कांग्रेस के चैंबर ऑफ डिप्युटीज वॉल्यूंट्री टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (आईवीई) बिल पर चर्चा करेंगे और उस पर वोट करेंगे। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज ने 17 नवंबर को विचार करने के लिए उक्त बिल कांग्रेस को भेजा था। संसद के निचले सदन ने 1 दिसंबर को इस पर चर्चा शुरू की थी। तब से नारीवादी, महिलाएं, लड़कियां, किशोरी और अन्य गर्भवती महिलाएं सांसद सदस्यों से इस बिल के पक्ष में मतदान करने के लिए देश भर में इकट्ठा होती रही हैं। ये बिल अर्जेंटीना में गर्भपात को वैध बनाता है।

नेशनल कैंपेन फॉर द राइट टू लीगल, सेफ एंड फ्री अबोर्शन ने 10 और 11 दिसंबर को इकट्ठा होने का आह्वान किया है और राजधानी ब्यूनस आयर्स में राष्ट्रीय कांग्रेस के आसपास और देश के विभिन्न शहरों में प्लाजा में प्रदर्शन किया है। नेशनल कैंपेन महिलाओं के सबसे महत्वपूर्ण संगठनों में से एक है। ये दशकों से उनके शरीर और उनके जीवन में स्वायत्तता के अधिकार के लिए महिलाओं के संघर्ष का नेतृत्व करता रहा है।

9 दिसंबर को इस संगठन ने मौलिक अधिकार के लिए अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए "tuitazo" (ट्विटर पर एक अभियान) चलाने का आह्वान किया था और सोशल नेटवर्क #AbortoLegal2020 या # lLegalAbortion2020 से भर गया। अगले दो दिनों के लिए, नेशनल कैंपेन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे कांग्रेस में बहस शुरू होने के बाद से 10 दिसंबर को सुबह 10 बजे से नेशनल कांग्रेस के बाहर या अन्य शहरों में सेंट्रल प्लाजा पर इकट्ठा हों और 11 दिसंबर तक जब इस बिल पर वोट किया जाएगा तब तक इस प्रदर्शन में शामिल हों।

जून 2018 में राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री की दक्षिणपंथी सरकार के कार्यकाल में अर्जेंटीना में कांग्रेस के बाहर बड़े पैमाने पर लोग इकट्ठा हुए थे। इस दौरान आईवीई बिल पर बहस हो रही थी। उस समय चैंबर ऑफ डिप्युटीज ने इस बिल को मंजूरी दी थी। हालांकि, अगस्त 2018 में सीनेट ने इसे खारिज कर दिया।

इस वर्ष फ्रेंते डी टोडोस की प्रगतिशील सरकार के दौरान नारीवादी आंदोलन गर्भपात के अधिकारों को प्राप्त करने के बारे में आशान्वित हैं।

पिछले हफ्ते 4 दिसंबर को आईवीई बिल के समर्थन में हज़ारों महिलाएं, नारीवादी कार्यकर्ता और एलजीबीटीक्यू समुदाय के सदस्य अर्जेंटीना भर में इकट्ठा हुए और लीगल अबोर्शन के लिए नारीवादी संघर्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले हरे रंग के स्कार्फ के साथ मार्च निकाला था।

Argentina
Abortion bill
Congress
Argentine women protest
lLegalAbortion2020
#AbortoLegal2020

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

'अच्छे दिन’ नहीं चाहिए, बस ये बता दो कब होगी रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा?

युवा कांग्रेस का संसद घेराव; राहुल ने कहा ‘हम दो, हमारे दो की सरकार’ के रहते युवाओं को नहीं मिल सकता रोज़गार

किसान संसद: अब देश चलाना चाहती हैं महिला किसान

किसान आंदोलन: सड़क से संसद तक लड़ते किसान

यूपी : राम मंदिर की ज़मीन ख़रीद में 'घोटाले' के ख़िलाफ़ कांग्रेस का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    'सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों' के साथ तालमेल बिठाता रूस  
    13 Mar 2022
    व्लादिमीर पुतिन की पहली प्राथमिकता यही है कि वह ख़ुद को अपने लोगों के प्रति जवाबदेह बनाये रखें।
  • voting
    स्पंदन प्रत्युष
    विधानसभा चुनाव: एक ख़ास विचारधारा के ‘मानसिक कब्ज़े’ की पुष्टि करते परिणाम 
    13 Mar 2022
    पंजाब में सत्ता विरोधी लहर ने जहां कांग्रेस सरकार को तहस-नहस कर दिया, वहीं उत्तर प्रदेश में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस पहेली का उत्तर मतदाताओं के दिमाग पर असर डालने वाली पार्टी की विचारधारा की भूमिका में…
  • सोनिया यादव
    विधानसभा चुनाव 2022: पहली बार चुनावी मैदान से विधानसभा का सफ़र तय करने वाली महिलाएं
    13 Mar 2022
    महिला सशक्तिकरण के नारों और वादों से इतर महिलाओं को वास्तव में सशक्त करने के लिए राजनीति में महिलाओं को अधिक भागीदार बनाना होगा। तभी उनके मुद्दे सदन में जगह बना पाएंगे और चर्चा का विषय बन पाएंगे।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में हिन्दुत्व की जीत नहीं, ये नाकारा विपक्ष की हार है!
    12 Mar 2022
    देश के सबसे बड़े राज्य-यूपी में भाजपा की सत्ता में दोबारा वापसी को मीडिया और राजनीति के बड़े हिस्से में 'हिन्दुत्व' की जीत के तौर पर देखा जा रहा है. क्या यह सच है? क्या यह यूपी में विपक्ष का…
  • cpim
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा
    12 Mar 2022
    माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से 2.80 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों के खाते में पहुंचने वाली 425 करोड़ की छात्रवृत्ति, मात्र 206 छात्रों के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License