NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
माओवादियों से कथित संबंधों के कारण असिस्टेंट प्रोफ़ेसर गिरफ़्तार
पुलिस ने विप्लव रचयिुतला संघम (विरासम)के सदस्य और उस्मानिया विश्वविद्यालाय के प्रोफ़ेसर जगन सहित कुल 4 लोगों को यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Oct 2019
osmania university

यूएपीए के लागू होने के बाद से कई हस्तियों को विभिन्न वजहात बता कर गिरफ़्तार किया जा रहे है। इसी सिलसिले में हाल ही में एक और गिरफ़्तारी हुई है।

तेलंगाना में हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक सहायक प्राध्यापक को माओवादियों से कथित संबंध को लेकर बृहस्पतिवार को गिरफ़्तार किया गया है।

लेखकों के संघ ‘विप्लव रचयिुतला संघम (विरासम)'(प्रगतिशील लेखक संघ) के सदस्य के जगन को जिले में एक पुलिस दल से यहां उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर को माओवादियों के साथ संबंधों के संदेह के कारण अवैध गतिविधि (रोकथाम) कानून की संबद्ध धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अफ़सर जोगुलम्बा गद्वाल ने कहा, "हमने उस्मानिया विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर जगन को यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया है। इस मामले में छात्र संगठन अध्यक्ष सहित चार लोगों को यूएपीए और धारा 120-ए के तहत गिरफ़्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि जगन के घर से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। 

आपको बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने तेलुगू कवि पी वी राव को गिरफ़्तार किया था।

जगन के अलावा पुलिस ने तेलंगाना विद्यार्थी वेदिका के अध्यक्ष मड्डीलेटी को भी गिरफ़्तार किया है, इस इल्ज़ाम में कि उनके संबंध माओवादी संगठनों से हैं। 

जगन की गिरफ़्तारी को ले कर विरासम ने विरोध प्रदर्शन किए और कहा कि जगन की गिरफ़्तारी में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने टीवीवी के माओवादी संगठनों से जुड़े होने के पुलिस के दावों का भी खंडन किया है।

इसके अलावा उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) सरकार पर इल्ज़ाम लगाया है कि वो मानवाधिकारों का लगातार हनन कर रही है और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं जिसमें जगन भी शामिल थे, उन्हें चुप कराने की कोशिश है क्योंकि वो नल्लमला फॉरेस्ट हो रही यूरेनीयम माइनिंग के विरोध आवाज़ उठा रहे थे।

(भाषा से इनपुट के साथ)

MAOISTS
Osmania University
Assistant professor arrest
UAPA
Telangana Rashtra Samithi

Related Stories

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

दिल्ली दंगा : अदालत ने ख़ालिद की ज़मानत पर सुनवाई टाली, इमाम की याचिका पर पुलिस का रुख़ पूछा

RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 

कश्मीर यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्कॉलर को 2011 में लिखे लेख के लिए ग़िरफ़्तार किया गया

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

गाँधी पर देशद्रोह का मामला चलने के सौ साल, क़ानून का ग़लत इस्तेमाल जारी

कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 

त्रिपुरा हिंसा के पीड़ितों ने आगज़नी में हुए नुकसान के लिए मिले मुआवज़े को बताया अपर्याप्त

सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License