NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलिया ने माना कि उसके सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान में वार क्राइम किये थे
जांच में पाया गया कि कम से कम 25 ऑस्ट्रेलियाई विशेष बल के जवान अफ़ग़ानिस्तान में तैनाती के दौरान वार क्राइम में शामिल थे।
पीपल्स डिस्पैच
19 Nov 2020
Sociologist Dr Samantha

अफगानिस्तान में वार क्राइम को अंजाम देने में शामिल ऑस्ट्रेलियाई स्पेशल फोर्स की पोल खोलते हुए व्हिस्लब्लोअर सामंथा क्रॉमप्वोएट्स द्वारा अपना पहला साक्षात्कार देने के दो दिनों बाद 19 नवंबर को डिफेंस फोर्स के प्रमुख जनरल अंगस कैंपबेल ने अपना पहला रिपोर्ट जारी किया है जिसमें स्वीकार किया है कि उनके सैनिकों ने 2013 से 2019 के बीच अफगानिस्तान में कम से कम 39 किसान, क़ैदी और अन्य नागरिकों की हत्या कर दी।

एक आंतरिक जांच की 531 पृष्ठों वाली रिपोर्ट के अनुसार "स्पेशल एयर सर्विस रेजिमेंट से मुख्य रूप से 25 ऑस्ट्रेलियाई विशेष बल के कर्मियों द्वारा 39 लोगों की कथित गैरकानूनी हत्याओं की 23 घटनाओं" को प्रमाणित करने के लिए विश्वसनीय सबूत थे। कैंपबेल ने स्वीकार किया कि "ये निष्कर्ष सैन्य आचरण और पेशेवर मूल्यों के सबसे गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हैं" और उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों से "माफी" मांगी।

साल 2016 में पहली बार शुरू की गई जांच के अनुसार गैर-लड़ाकों को मारने के लिए जिम्मेदार कुछ कर्मी अभी भी सेना में सेवारत हैं, इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि विशेष बलों के 19 लोगों को अधिकारों के उल्लंघन को अंजाम देने में शामिल होने के लिए आपराधिक जांच के लिए पुलिस को भेजा जाना चाहिए। इस बीच, यदि जूरी द्वारा स्वीकार किया जाता है तो इन घटनाओं को "वार क्राइम ऑफ मर्डर" और "वार क्राइम ऑफ क्रुएल ट्रीटमेंट" कहा जाएगा।

कैंबेल के अनुसार इन 39 लोगों में से किसी को भी लड़ाई के समय नहीं मारा गया था। उन्हें जेल में या ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों द्वारा हिरासत में मारा गया था।

न्यू साउथ वेल्स के सुप्रीम कोर्ट के जज पॉल ब्रेरेटन और उनकी टीम ने 20,000 से अधिक दस्तावेजों और 25,000 तस्वीरों की पड़ताल करते हुए वर्गीकृत सुरक्षा जानकारी को स्पष्ट करने के लिए बारीकी से संपादित की गई विस्तृत सूचना हासिल करने के लिए जांच करने के क्रम में 423 गवाहों के पूछताछ की। इसकी जानकारी टीम ने दी। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी को फोन किया और इन "निष्कर्षों पर गहरा दुख व्यक्त किया"। ये रिपोर्ट द गार्डियन ने प्रकाशित किया।

नाटो के नेतृत्व में इंटरनेशनल सिक्योरिटी असिस्टेंस फोर्स कहे जाने वाले इंटरनेशनल इनवैशन फोर्स के एक भाग के रूप में वर्ष 2001 से ऑस्ट्रेलियाई सेना ने अफगानिस्तान में सेवा की। इसकी टुकड़ी अफगानिस्तान में सबसे बड़ी गैर-नाटो टुकड़ी थी।

australia
Afghanistan
Sociologist Dr Samantha
War crime in Afghanistan

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?


बाकी खबरें

  • सौरभ शर्मा
    'नथिंग विल बी फॉरगॉटन' : जामिया छात्रों के संघर्ष की बात करती किताब
    09 May 2022
    वह जिनमें निराशा भर गई है, उनके लिए इस नई किताब ने उम्मीद जगाने का काम किया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ज्ञानवापी विवाद में नया मोड़, वादी राखी सिंह वापस लेने जा रही हैं केस, जानिए क्यों?  
    09 May 2022
    राखी सिंह विश्व वैदिक सनातन संघ से जुड़ी हैं। वह अपनी याचिका वापस लेने की तैयारी में है। इसको लेकर उन्होंने अर्जी डाल दी है, जिसे लेकर हड़कंप है। इसके अलावा कमिश्नर बदलने की याचिका पर सिविल जज (…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक ब्यूरो
    क्या हिंदी को लेकर हठ देश की विविधता के विपरीत है ?
    08 May 2022
    पिछले महीने देश के गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया कि अलग प्रदेशों के लोगों को भी एक दूसरे से हिंदी में बात करनी चाहिए। इसके बाद देश में हिंदी को लेकर विवाद फिर एक बार सामने आ गया है। कई विपक्ष के…
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग
    08 May 2022
    किसान संगठनों ने 9 मई को प्रदेशभर में सिवनी हत्याकांड और इसके साथ ही एमएसपी को लेकर अभियान शुरू करने का आह्वान किया।
  • kavita
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : माँओं के नाम कविताएं
    08 May 2022
    मदर्स डे के मौक़े पर हम पेश कर रहे हैं माँओं के नाम और माँओं की जानिब से लिखी कविताएं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License