NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल चुनाव: वाम मोर्चे ने युवा पीढ़ी पर विशेष महत्व देते हुए उम्मीदवार सूची जारी की है
पार्टी दिग्गजों सहित कई युवा वामपंथी कार्यकर्ताओं को भी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।
संदीप चक्रवर्ती
12 Mar 2021
बंगाल चुनाव
फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल वाम मोर्चे ने बुधवार को एक युवा-समर्थक 124 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें छात्र और युवा संगठनों के नेता कई बार सूची में नजर आए। यह सूची पूर्व प्रकाशित पहले दो चरणों के लिए उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी किये जाने के उपरांत आई है।

नवीनतम सूची में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य एमडी सलीम का हुगली के चंडीटोला से चुनाव लड़ना तय है। इसके अलावा, दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय संघ की अध्यक्षा आईशी घोष बर्दवान के जमुरिया से चुनाव लड़ेंगी, वहीँ जेएनयू एसएफआई नेता दीपसीता धर हावड़ा में बाली से सीपीआई(एम) की उम्मीदवार हैं। एसएफआई के राज्य सचिव सृजन भट्टाचार्य, जो कि एक विख्यात वक्ता भी हैं, सिंगुर से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वहीँ डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (डीवाईऍफ़आई) की प्रदेश अध्यक्ष मीनाक्षी मुखर्जी नंदीग्राम की हाई-प्रोफाइल सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ़ चुनाव लड़ने जा रही हैं।

इसके अलावा, कामरहाटी से डीवाईएफआई के राज्य सचिव सयानदीप मित्रा, राजारहाट न्यूटाउन से सप्तर्षि देब, डायमंड हार्बर से एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष प्रतिकुर रहमान को भी विधानसभा चुनाव में टिकट दिया गया है। सीपीआई (एम) राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा इस बार चुनावी मैदान में नहीं खड़े हो रहे हैं।

विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अपने नामांकन को लेकर विधायक की दौड़ में शामिल युवाओं का कहना था “हम इस लड़ाई को उसी प्रकार से लड़ेंगे जैसे हमने नाबन्न आंदोलन लड़ा था।”

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए एसएफआई नेता सृजन भट्टाचार्य ने कहा कि यह चुनाव इस बात को तय करेगा कि क्या सिंगुर के सत्य और सकरात्मक भविष्य को बरकरार रखा जाएगा या मिथकों और विनाश-के सौदागरों को संहारकों को कायम रखा जाएगा।

नंदीग्राम के लिए नामित मीनाक्षी मुखर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा “वामपंथी कार्यकर्ताओं और कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए कोई भी लड़ाई कठिन नहीं है। हम लोगों तक पहुंचेंगे और उन्हें इस बात को समझायेंगे कि हमारा यह संघर्ष उन लोगों की खातिर है, और हम नंदीग्राम में ही मीडिया द्वारा चलाई जा रही बाइनरी (टीएमसी और बीजेपी के बीच की लड़ाई) को तोड़ देंगे।

वरिष्ठ सीपीआई(एम) नेताओं में से कांति गांगुली और अशोक भट्टाचार्य, सीपीआई(एम) विधायक दल के नेता सुजान चक्रवर्ती और सीपीआई(एम) सेंट्रल कमेटी के सदस्य आभास रॉयचौधरी क्रमशः रायदिघी, सिलीगुड़ी, जादवपुर और दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। युवा कार्यकर्त्ता और युवा आन्दोलन के नेता शहीद प्रदीप ताह की बेटी पृथा ताह को बर्दवान पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।

सीपीआई(एम) ने वैज्ञानिक डॉ. प्रीति केआर रे को भी बोनगाँव दक्षिण विधानसभा क्षेत्र और पूर्व एसएफआई नेता पलाश दास को दमदम विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है। डॉ. फुआद हलीम बालीगंज से और पूर्व एसएफआई राज्य सचिव देबज्योति दास खरदाह विधानसभा क्षेत्र से चुनावी लड़ाई में उतरने जा रहे हैं।

वाम मोर्चे के चेयरमैन बिमान बासु, के साथ सीपीआई(एम) राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा और सीपीआई के राज्य सचिव स्वपन बनर्जी ने उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की। इसमें राज्य में संयुक्त मोर्चा के हिस्से के तौर पर वाम मोर्चे के सहयोगी कांग्रेस के साथ कुछ सीटों पर अधूरे संवाद के कारण खाली छोड़ दिया गया है। इन मामलों में बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है, क्योंकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अधीर चौधरी नई दिल्ली में हैं, और यह बातचीत ई-मेल्स के जरिये हो पा रही है। बासु का इस बारे में कहना था कि एक या दो सीटों को लेकर कुछ अडचनें हैं, लेकिन इसके चलते सभी सीटों के लिए घोषणा को नहीं रोकना चाहिए। इसी के मद्देनजर वाम मोर्चे ने कांग्रेस और आइएसएफ के लिए सीटें खाली छोड़ते हुए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।

नामों की घोषणा के कुछ ही मिनटों के भीतर राज्य के विभिन्न स्थानों पर वामपंथी कार्यकर्त्ता दीवारों को रंगने के लिए सड़कों पर निकल पड़े थे, ताकि चुनाव अभियान के हिस्से के तौर पर दीवारों को  भित्तिचित्रों से पेंट कर सजाया जा सके। जादवपुर में डॉ. सुजान चक्रवर्ती के नामांकन के दौरान जश्न मनाते हुए एक रैली निकाली गई। उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा के बाद से ही कई स्थानों पर अपने-अपने इलाकों को लाल झंडों से सजाने का काम शुरू हो चुका है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Bengal Elections: Left Front Releases Candidate List Featuring Young Generation

Left Front Candidates
CPIM Candidates
West Bengal Assembly Election 2021
Nandigram
Bengal Elections

Related Stories

राजनीति: अभी थमा नहीं है बंगाल का घमासान, नंदीग्राम से शुभेंदु के निर्वाचन को चुनौती, जज भी बदलने की मांग

डाटा स्टोरी : बीजेपी की बंगाल में हार का श्रेय सिर्फ़ ममता नहीं, जनता को भी जाता है

बंगाल चुनाव : बीजेपी की हार वक़्त का इशारा साबित हुई है

बंगाल चुनाव में आख़िरी चरण का मतदान, सेंट्रल विस्टा निर्माण ‘आवश्यक सेवा’ और अन्य ख़बरें

वाम का गढ़ माने जाने वाले जमूरिया क्षेत्र में त्रि-कोणीय मुकाबला, माकपा से आइशी हैं मैदान में

बंगाल में भाजपा के मायने- हिंदू राष्ट्र की ओर एक और क़दम

भाजपा की विभाजनकारी पहचान वाले एजेंडा के कारण उत्तर बंगाल एक खतरनाक रास्ते पर बढ़ सकता है

बंगाल चुनाव: सितालकुची गोलीबारी घटना को सांप्रदायिक रंग देने की भाजपा की कोशिश पर चुनाव आयोग की चुप्पी  

बंगाल चुनाव : मुस्लिम ‘इंफ़्लुएंसर्स’ सिद्दीक़ी फ़ैक्टर पर विभाजित, लेकिन इसका एहसास कि ‘2021, 2016 नहीं है’

नंदीग्राम; साज़िश के बाप-बेटे और ‘माँ’ और क़ब्रों से निकलते अस्थिपंजरों का सच 


बाकी खबरें

  • mamta banerjee
    भाषा
    तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की
    15 Feb 2022
    तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर, चंदरनगर और आसनसोल नगरनिगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है तथा सिलीगुड़ी में माकपा से सत्ता छीन ली।
  • hijab
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    हिजाब विवादः समाज सुधार बनाम सांप्रदायिकता
    15 Feb 2022
    ब्रिटेन में सिखों को पगड़ी पहनने की आज़ादी दी गई है और अब औरतें भी उसी तरह हिजाब पहनने की आज़ादी मांग रही हैं। फ्रांस में बुरके पर जो पाबंदी लगाई गई उसके बाद वहां महिलाएं (मुस्लिम) मुख्यधारा से गायब…
  • water shortage
    शिरीष खरे
    जलसंकट की ओर बढ़ते पंजाब में, पानी क्यों नहीं है चुनावी मुद्दा?
    15 Feb 2022
    इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रचार चल रहा है, वहीं, तीन करोड़ आबादी वाला पंजाब जल संकट में है, जिसे सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद, पंजाब चुनाव में…
  • education budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 
    15 Feb 2022
    एक ही सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे बजट एक श्रृंखला का हिस्सा होते हैं इनके माध्यम से उस सरकार के विजन और विकास की प्राथमिकताओं का ज्ञान होता है। किसी बजट को आइसोलेशन में देखना उचित नहीं है। 
  • milk
    न्यूज़क्लिक टीम
    राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?
    14 Feb 2022
    इस ख़ास पेशकश में परंजॉय गुहा ठाकुरता बात कर रहे हैं मनु कौशिक से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सम्बंधित कानूनों में होने वाले बदलावों के बारे में
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License