NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बर्नी सैंडर्स "राजनीतिक" कारणों से नहीं हुए AIPAC कॉन्फ्रेंस में शामिल
सैंडर्स ने इज़रायल समर्थक लॉबी द्वारा फ़िलिस्तीनी लोगों के प्रति "असहिष्णुता" और "कट्टरता" के भाव को मंच प्रदान करने के इतिहास पर आपत्ति जताई है।
पीपल्स डिस्पैच
24 Feb 2020
Bernie Sanders

हाल ही में होने वाले अमेरिका चुनाव में राष्ट्रपति पद के दावेदार बर्नी सैंडर्स ने कहा है कि वो American-Israel Public Affairs Committee यानी एआईपीएसी की बैठक में शामिल नहीं होंगे। वर्मांट से सीनेटर ने इस संगठन की राजनीति पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह संगठन इतिहास में फ़िलिस्तीनियों का शोषण करने वालों को मंच प्रदान करता रहा है।

सैंडर्स ने ट्विटर पर लिखा, "मैं एआईपीएसी के मंच के बारे में चिंतित हूँ जहाँ हमेशा से उन लोगों को जगह दी जाती है जिन्होंने फ़िलिस्तीन की जनता के अधिकारों का हनन किया है और कट्टर व्यवहार किया है।"

उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा है, "राष्ट्रपति के तौर पर मैं इज़रायल और फ़िलिस्तीन दोनों की जनता के अधिकारों का समर्थन करूंगा और इन क्षेत्रों में शांति लाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा।" सैंडर्स ने इससे पहले फ़िलिस्तीन-इज़रायल रिश्ते को सुलझाने और फ़िलिस्तीन को आत्म निर्णय की ताक़त मुहैया कराने के लिए प्रस्ताव पारित करने की वकालत की है।

यह बयान काफ़ी हद तक नेतन्याहु से संबन्धित है। इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहु ने लगातार फ़िलिस्तीन और ग़ाज़ा में जंग अपराधों को अंजाम दिया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें AIPAC में मंच प्रदान किया गया था। AIPAC अपने अभियानों के लिए भी कुख्यात है, जो बहिष्कार, विभाजन और प्रतिबंधों (बीडीएस) के समर्थकों के ख़िलाफ़ मसौदा तैयार करने और क़ानून बनाने पर ज़ोर दे रहा है, जो इसकी वकालत को अपराध बना देगा।

AIPAC पॉलिसी कॉन्फ्रेंस इस साल 1 से 3 मार्च तक वॉशिंग्टन डीसी में होने वाली है। इसमें हमेशा से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार शामिल होते रहे हैं। एआईपीएसी अमेरिका में इजरायल समर्थक और प्रो-ज़ायोनी लॉबी समूह में से एक है, जिन पर अक्सर फिलिस्तीनियों पर किए गए अत्याचारों को सफेद करने और इज़राइल की आलोचनाओं के लिए हमला करने का आरोप लगाया गया है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Bernie Sanders
AIPAC conference
Israel
American-Israel Public Affairs Committee
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License