NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चीनी छात्रों के प्रवेश को सीमित करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में बिल पेश
सत्तारूढ़ पार्टी के दो सांसदों ने अमेरिकी विश्वविद्यालय के कुछ कार्यक्रमों में प्रवेश पाने से चीनी छात्रों को रोकने के लिए बिल पेश किया।
पीपल्स डिस्पैच
28 May 2020
चीनी छात्र

यूएस रिपब्लिकन पार्टी के दो संघीय सांसदों ने 27 मई को एक बिल पेश किया जो कुछ विषयों में चीनी छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने से रोक देगा। सीनेटर टॉम कॉटन और मार्शा ब्लैकबर्न ने इस बिल को अमेरिकी सीनेट में पेश किया इस बीच आरोप लगाया कि चीनी सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका से तकनीकी और वैज्ञानिक विशेषज्ञता को "चोरी" करने के लिए छात्र और शोध वीजा का लाभ उठाती रही है।

सिक्योर कैंपस एक्ट नाम का यह बिल एसटीईएम विषयों (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और चिकित्सा) के कार्यक्रमों में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा से सभी चीनी छात्रों पर प्रतिबंध लगाने का रास्ता साफ करेगा। ये बिल चीनी छात्रों को प्रयोगशालाओं और अनुसंधान परिसरों में काम होने वाले किसी भी अनुसंधान परियोजनाओं का हिस्सा होने से रोक देगा।

यह उन लोगों को भी रोकेगा और पड़ताल करेगा जिन्होंने विदेशी प्रतिभा भर्ती कार्यक्रमों में काम किया है, जो अमेरिका में काम करने के लिए पर्याप्त छात्रवृत्ति और पारिश्रमिक के साथ विदेशी छात्रों को हायर करते हैं। इस बिल में पहचान किए गए सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों, हांगकांग और ताइवान के छात्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा छूट वाले छात्रों को छूट दी गई है।

इस बिल का प्रस्ताव अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ बैठक के बाद चीनी छात्रों के लिए वीजा को सीमित करने के लिए तंत्र तैयार करने के ट्रम्प के संकेत के एक दिन के भीतर आया है।

प्रस्तावित क़ानून को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा जासूसी और बौद्धिक संपदा की चोरी से निपटने के साधन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी प्रशासन द्वारा चीनी छात्रों और चीन पर हमले की नई घटना के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रम्प ने बार-बार नोवेल कोरोनोवायरस महामारी के लिए चीन को दोषी ठहराया है और इसे "चीनी वायरस" कहा है। ट्रम्प और उनकी सरकार के अधिकारियों और मास मीडिया में उनके समर्थकों के इस तरह के बयान ने न केवल चीनी नागरिकों बल्कि एशियाई अमेरिकी समुदाय के ख़िलाफ़ हमलों और भेदभाव के मामलों में एक साथ वृद्धि सामने आई।

चीनी छात्रों का अमेरिका में सबसे ज़्यादा संख्या है। शैक्षणिक वर्ष 2017-2018 में सरकारी अनुमानों के अनुसार अमेरिकी विश्वविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों में 3,60,000 छात्रों के क़रीब थें और देश की अर्थव्यवस्था में 13 बिलियन अमरीकी डॉलर के क़रीब योगदान दिया।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

Chines Student
USA
US Congress
China

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा


बाकी खबरें

  • भाषा
    हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित
    28 Mar 2022
    हरियाणा में सोमवार को रोडवेज कर्मी देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। केंद्र की कथित गलत नीतियों के विरुद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: “काश! हमारे यहां भी हिंदू-मुस्लिम कार्ड चल जाता”
    28 Mar 2022
    पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देश है। अब संकट में फंसे इमरान ख़ान के सामने यही मुश्किल है कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कौन से कार्ड का इस्तेमाल करें। व्यंग्य में कहें तो इमरान यही सोच रहे…
  • भाषा
    केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे
    28 Mar 2022
    राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के…
  • शिव इंदर सिंह
    विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
    28 Mar 2022
    सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए आगे की राह आसन नहीं है। पंजाब के लोग नई बनी सरकार से काम को ज़मीन पर होते हुए देखना चाहेंगे।
  • सुहित के सेन
    बीरभूम नरसंहार ने तृणमूल की ख़ामियों को किया उजागर 
    28 Mar 2022
    रामपुरहाट की हिंसा ममता बनर्जी की शासन शैली की ख़ामियों को दर्शाती है। यह घटना उनके धर्मनिरपेक्ष राजनीति की चैंपियन होने के दावे को भी कमज़ोर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License