NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीविया : तख़्तापलट से बनी सरकार के ख़िलाफ़ जनता हुई एकजुट
लोकल न्यूज़ मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार अंतरिम सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए फ़ौज तैनात कर दी है।
पीपल्स डिस्पैच
13 May 2020
बोलीविया

11 मई से, सैंकड़ों बोलीवियाई लोग तख़्तापलट से बनी दक्षिणपंथी जियानिन आनेज़ की सरकार और कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर हालात के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं।

ला पाज़, अल ऑल्टो, कोचाबम्बा, आदि शहरों में, नागरिकों ने सबसे कमजोर आबादी को भोजन और आर्थिक सहायता नहीं देने के लिए डी-फैक्टो सरकार की निंदा की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अब भोजन और पीने के पानी के बिना लॉकडाउन को सहन नहीं कर सकते।

उन्होंने आनेज़ को पद से हटाने की मांग की और देश में आम चुनाव की तारीख तय करने के लिए सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट को भी बुलाया।

प्रदर्शनकारी नागरिकों ने आनुवंशिक रूप से संशोधित बीजों के उपयोग के साथ-साथ देश में प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों की तीव्रता को भी अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने अपने असंतोष को प्रकट करने के लिए बर्तनों को पीटा और शासन द्वारा लगाए गए मीडिया ब्लैकआउट के कारण प्रदर्शनों को सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित किया।

लोकल न्यूज़ मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार अंतरिम सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए फ़ौज तैनात कर दी है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित कोचाबम्बा के वीडियो हैं जो दिखाते हैं कि पुलिस और सेना द्वारा प्रदर्शनकारियों पर जमकर हमला किया गया था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया, जिससे कई लोग घायल हो गए।

बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने बल के अनुचित उपयोग के लिए डी-फैक्टो सरकार की निंदा की। मोरालेस ने एक ट्वीट में कहा, "सड़कों पर टैंक, पड़ोस में सेना, हमारे आसमान में युद्धक विमान, बिना किसी विचार के सैनिकों को वायरस के लिए उजागर करना। सभी लोगों को डराने-धमकाने की इच्छा के साथ। किसी को यह भूलने मत देना: बोलीविया ने हमेशा तानाशाही को हराया है।"

12 मई तक, बोलीविया में कोरोना वायरस से संक्रमित नागरिकों की संख्या 2,831 हो गई है जबकि 122 लोगों की मौत हो चुकी है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

bolivia
Media
Evo Morales

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

आर्यन खान मामले में मीडिया ट्रायल का ज़िम्मेदार कौन?

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

यूरोप धीरे धीरे एक और विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रहा है

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

यूक्रेन युद्ध से रूस-चीन के संबंधों में मिली नई दिशा


बाकी खबरें

  • सरोजिनी बिष्ट
    विधानसभा घेरने की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशाएं, जानिये क्या हैं इनके मुद्दे? 
    17 May 2022
    ये आशायें लखनऊ में "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन- (AICCTU, ऐक्टू) के बैनर तले एकत्रित हुईं थीं।
  • जितेन्द्र कुमार
    बिहार में विकास की जाति क्या है? क्या ख़ास जातियों वाले ज़िलों में ही किया जा रहा विकास? 
    17 May 2022
    बिहार में एक कहावत बड़ी प्रसिद्ध है, इसे लगभग हर बार चुनाव के समय दुहराया जाता है: ‘रोम पोप का, मधेपुरा गोप का और दरभंगा ठोप का’ (मतलब रोम में पोप का वर्चस्व है, मधेपुरा में यादवों का वर्चस्व है और…
  • असद रिज़वी
    लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश
    17 May 2022
    एडवा से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर सांप्रदायिकता और नफ़रत से दूर रहने की लोगों से अपील कर रही हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 43 फ़ीसदी से ज़्यादा नए मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए 
    17 May 2022
    देश में क़रीब एक महीने बाद कोरोना के 2 हज़ार से कम यानी 1,569 नए मामले सामने आए हैं | इसमें से 43 फीसदी से ज्यादा यानी 663 मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए हैं। 
  • एम. के. भद्रकुमार
    श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी
    17 May 2022
    यहां ख़तरा इस बात को लेकर है कि जिस तरह के राजनीतिक परिदृश्य सामने आ रहे हैं, उनसे आर्थिक बहाली की संभावनाएं कमज़ोर होंगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License