NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
शिक्षा
स्वास्थ्य
भारत
राहत और बेचैनी दोनों साथ लेकर आया है बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव
परीक्षा कार्यक्रमों में बदलाव के बाद परीक्षा रद्द होने से जहां 10वीं के छात्रों ने राहत की सांस ली है वहीं 12वीं कक्षा के छात्रों में अपनी परीक्षा स्थगित होने के कारण भविष्य को लेकर नयी बेचैनी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
15 Apr 2021
राहत और बेचैनी दोनों साथ लेकर आया है बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव
Image courtesy : NDTV

नयी दिल्ली; कोविड-19 मामलों में देश भर में हो रही वृद्धि के मद्देनजर सीबीएसई के बोर्ड परीक्षा कार्यक्रमों में बदलाव के बाद परीक्षा रद्द होने से जहां 10वीं के छात्रों ने राहत की सांस ली है वहीं 12वीं कक्षा के छात्रों में अपनी परीक्षा स्थगित होने के कारण भविष्य को लेकर नयी बेचैनी है।

आपको बता दे केंद्र सरकार ने देश भर में कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी है जबकि 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया है। देश में कोरोना की दूसरी लहर की पुष्टि हो गई जो कि पहले से भी खतरानाक दिख रही है। ऐसे में कई राज्यों के बोर्ड ने पहले ही अपने राज्यों की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी थी,

सरकार के इस फैसले के बाद जहाँ कई छात्र और अभिभावक संतुष्ट है जबकि कई इसको लेकर आशंकित भी है।  
बारहवीं के छात्रों और उनके अभिभावकों को देरी से परीक्षा होने, परिणाम में देरी और इस कारण कॉलेज में दाखिले, विदेश में पढ़ने की इच्छा सभी चीजों को लेकर अनिश्चितता नजर आ रही है।

राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाली 12वीं की छात्रा निकिता सेठी का कहना है, ‘‘या तो उन्हें परीक्षा रद्द कर देनी चाहिए थी या फिर कार्यक्रम के साथ फेर-बदल नहीं करना चाहिए था। अब फिर से यह परीक्षा और भविष्य की योजनाएं... कॉलेज में दाखिले के लिए इंजतार की लंबी घड़ी...।’’

वहीं 10वीं के छात्र त्रिदीप गोहैण का कहना है, ‘‘मुझे खुशी है कि उन्होंने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है उसे स्थगित करने का नहीं। अब कम से कम मानसिक तनाव तो नहीं है। मैंने 11वीं की पढ़ाई शुरू कर दी है, अब मैं उस पर ध्यान दे सकता हूं।’’

पहचान जाहिर ना करने के इच्छुक 12वीं के एक छात्र ने कहा, ‘‘मेरी योजना विदेश पढ़ने जाने की थी, लेकिन 12वीं की परीक्षा और परिणाम में देरी के कारण अब दिक्कत होगी। मैंने जिन विश्वविद्यालयों में आवेदन दिया था, उन्हें पत्र लिखकर पूछा है कि क्या परिणाम में देरी के बावजूद दाखिला संभव है।’’

वहीं 10वीं की छात्रा टिया गुप्ता ने कहा, ‘‘10वीं की परीक्षा रद्द करने के सीबीएसई के फैसले से मैं संतुष्ट हूं। हर साल इस समय तक 10वीं की बोर्ड परीक्षा समाप्त हो जाती है, लेकिन कोविड-19 के कारण इस साल बोर्ड परीक्षाएं स्थगित होने से कई छात्र चिंता में थे।’’

उसने कहा, ‘‘डर और बेचैनी का हमारी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। दूसरी बात कोविड-19 के बढ़ते मामलों की है। हमारे माता-पिता के दिमाग में इन हालात को लेकर डर है कि उनके बच्चे अपनी परीक्षा कैसे देंगे।’’

दिल्ली अभिभावक एसोसिएशन (डीपीए) ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि 12वीं की परीक्षा महत्वपूर्ण है और उसे कराया जाना चाहिए।

एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने कहा, ‘‘10वीं की परीक्षा 12वीं जितनी महत्वपूर्ण नहीं है। इसलिए हम 10वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। 12वीं की परीक्षा महत्वपूर्ण है और वह किसी भी सूरत में करायी जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों को बेचैनी से गुजरना पड़ रहा है और अभूतपूर्व फैसले करने के लिए अभूतपूर्व समय की जरुरत होती है।’’

वहीं अखिल भारतीय अभिभावक एसोसिएशन (एआईपीए) के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा, ‘‘सीबीएसई ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया होगा। हमें इसका स्वागत करना चाहिए।’’

विभिन्न तबकों से परीक्षाएं रद्द करने की मांग हो रही थी। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने तो 12 वीं की भी परीक्षा को रद्द करने की मांग की है।  

यह पहला मौका है जब सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षा पूरी तरह रद्द कर दी है। पिछले साल कोविड-19 महामारी और दिल्ली के उत्तर-पूर्व इलाके में भड़के दंगों के कारण परीक्षा आंशिक रूप से रद्द की गई थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुई एक बैठक में परीक्षाओं के संदर्भ में यह फैसला लिया गया। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा सचिव, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों ने शिरकत की।

कुल 21.5 लाख छात्रों ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था।

सीबीएसई बोर्ड एक जून को कोविड महामारी के मद्देनजर वस्तुस्थिति की समीक्षा करेगा और उसके बाद 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तारीखों के संबंध में फैसला लेगा।

स्कूली परीक्षा के अन्य प्रमुख बोर्ड सीआईसीएसई ने कहा है कि वह स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही फैसला लेगा।

बहरहाल, सीबीएसई के फैसले के बाद विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षाविदों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। उनकी मांग है कि 10वीं कक्षा के छात्रों की ग्रेडिंग के लिये उचित पैमाना हो और 12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों के लिये कार्यक्रम की घोषणा शीघ्र की जाए।

अभिभावकों ने भी परीक्षा में देरी में चिंता जताते हुए कहा कि या तो 10वीं की तर्ज पर 12वीं की परीक्षा रद्द की जाएं या फिर जल्द से जल्द तारीखों की घोषणा की जाए।

बैठक के बाद शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर परीक्षाओं के संबंध में लिए गए निर्णयों की जानकारी साझा की।

बयान के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि छात्रों का स्वास्थ्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के सर्वोच्च हित का ध्यान रखेगी और सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि उनके स्वास्थ्य के साथ ही उनके शिक्षा सत्र का भी नुकसान ना हो।

बयान में कहा गया, ‘‘महामारी की वर्तमान स्थिति, स्कूलों के बंद होने और छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।’’

यह परीक्षा चार मई से 14 जून के बीच होनी प्रस्तावित थी।

सीबीएसई बोर्ड एक जून को कोविड महामारी की स्थिति की समीक्षा करेगा और उसके बाद 12वीं की परीक्षा की तारीखों के संबंध में फैसला लेगा।

बयान में कहा गया, ‘‘परीक्षा की शुरुआत से कम से कम 15 दिन पहले छात्रों को इसकी सूचना दी जाएगी।’’

बयान में कहा गया, ‘‘10वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई हैं। इसके परिणाम बोर्ड द्वारा तैयार किए गए एक मानदंड के आधार पर तैयार किए जाएंगे।’’

बयान के मुताबिक यदि कोई छात्र उसे मिले अंकों से संतुष्ट नहीं होता है तो उसे परीक्षा में बैठने का एक मौका दिया जाएगा लेकिन यह तभी होगा जब परिस्थितियां परीक्षा के आयोजन के अनुकूल होंगी।

बाद में संवाददाताओं से बातचीत में निशंक ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने आज तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और उन्होंने साफ कर दिया कि छात्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के आधार पर 10 वीं की परीक्षा को रद्द करने और 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस फैसले से बच्चों की सुरक्षा होगी और हम निश्चित रूप से उनके भविष्य को संवार सकेंगे।’’

फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में दिल्ली पब्लिक स्कूल, इंदिरापुरम की प्रधानाचार्या संगीता हजेला ने कहा, “10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा स्कूल छोड़ने की परीक्षा नहीं हैं, बल्कि 10वीं कक्षा के नतीजों से छात्रों को अगली कक्षाओं में विषय (विज्ञान, कला, वाणिज्य आदि) का चयन करने में सहायता मिलती है।”

उन्होंने कहा, “ध्यान इस बात पर दिया जाना चाहिए कि सीखने के लिहाज से पहले ही आ चुके अंतर को कैसे खत्म किया जाए। हालांकि, 12वीं कक्षा की परीक्षा के साथ अलग तरह का महत्व जुड़ा होता है क्योंकि भारत व विदेश दोनों जगह उच्च शिक्षा व करियर के विकल्प इन पर निर्भर होते हैं।”

डीपीएस-आरएनई गाजियाबाद की प्रिंसिपल पल्लवी उपाध्याय ने कहा कि 10वीं कक्षा के छात्रों के मूल्यांकन की पद्धति को जितनी जल्दी हो सके विद्यालयों के साथ साझा किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षक छात्रों को तैयार कर सकें।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी।

शिव सेना ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए नया कार्यक्रम तय करने के लिए राष्ट्रीय सहमति बनाने का आग्रह किया था।

बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर दो लाख से ज्यादा छात्रों ने ऑनलाइन अभियान “कैंसल बोर्ड एग्जाम” भी चलाया था जो एक हफ्ते से ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब ने बोर्ड परीक्षा में परिवर्तन की पहले ही घोषणा कर दी थी।

ज्ञात हो कि गत वर्ष मार्च महीने में कोविड-19 महामारी के फैलाव को देखते हुए स्कूलों में ताले लगा दिए गए थे। पिछले साल अक्टूबर में कुछ राज्यों ने स्कूल खोले भी लेकिन ताजा संक्रमण को देखते हुए उन्हें भी बंद कर दिया गया।

पिछले साल भी बोर्ड की परीक्षा को मार्च के मध्य में पहले स्थगित किया गया था और बाद में उन्हें रद्द करना पड़ा। एक मानदंड तय कर परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए थे।

भारत में बुधवार को कोरोना संक्रमण के मामलों में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई। एक दिन में सर्वाधिक 1.84 लाख मामले सिर्फ बुधवार को सामने आए।

BOARD EXAM
12th Board Exams Postponed
10th Exams Cancelled
COVID-19
Coronavirus
CBSE

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • indian student in ukraine
    मोहम्मद ताहिर
    यूक्रेन संकट : वतन वापसी की जद्दोजहद करते छात्र की आपबीती
    03 Mar 2022
    “हम 1 मार्च को सुबह 8:00 बजे उजहोड़ सिटी से बॉर्डर के लिए निकले थे। हमें लगभग 17 घंटे बॉर्डर क्रॉस करने में लगे। पैदल भी चलना पड़ा। जब हम मदद के लिए इंडियन एंबेसी में गए तो वहां कोई नहीं था और फोन…
  • MNREGA
    अजय कुमार
    बिहार मनरेगा: 393 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, 11 करोड़ 79 लाख की चोरी और वसूली केवल 1593 रुपये
    03 Mar 2022
    बिहार सरकार के सामाजिक अंकेक्षण समिति ने बिहार के तकरीबन 30% ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर बताया कि मनरेगा की योजना में 393 करोड रुपए की वित्तीय अनियमितता पाई गई और 11 करोड़ 90 लाख की चोरी हुई जबकि…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 6,561 नए मामले, 142 मरीज़ों की मौत
    03 Mar 2022
    देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 14 हज़ार 388 लोगों अपनी जान गँवा चुके है।
  • Civil demonstration in Lucknow
    असद रिज़वी
    लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें
    03 Mar 2022
    युद्ध भले ही हज़ारों मील दूर यूक्रेन-रूस में चल रहा हो लेकिन शांति प्रिय लोग हर जगह इसका विरोध कर रहे हैं। लखनऊ के नागरिकों को भी यूक्रेन में फँसे भारतीय छात्रों के साथ युद्ध में मारे जा रहे लोगों के…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में 'अपर-कास्ट हिन्दुत्व' की दरार, सिमटी BSP और पिछड़ों की बढ़ी एकता
    03 Mar 2022
    यूपी चुनाव के छठें चरण मे पूर्वांचल की 57 सीटों पर गुरुवार को मतदान होगे. पिछले चुनाव में यहां भाजपा ने प्रचंड बहुमत पाया था. लेकिन इस बार वह ज्यादा आश्वस्त नहीं नज़र आ रही है. भाजपा के साथ कमोबेश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License