NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
बॉयज लॉकर रूम मामला : इंस्टाग्राम ने आपत्तिजनक सामग्री हटायी
यह मामला इंस्टाग्राम पर चल रहे एक चैट समूह ‘बॉयज लॉकर रूम’ से जुड़ा है। इस समूह में शामिल किशोर बच्चे लड़कियों के बारे में अश्लील और आपत्तिजनक बातें कर रहे थे। समूह के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद इसे लेकर कड़ी आलोचना होने लगी जिसके बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है।
भाषा
05 May 2020
इंस्टाग्राम

दिल्ली : ‘बॉयज लॉकर रूम’ मामले की कड़ी आलोचनाओं के बीच इंस्टाग्राम ने अपने मंच से अव्यस्क लड़कियों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मंगलवार को हटा ली। इससे पहले दिल्ली महिला आयोग ने सोमवार को इस मामले में इंस्टाग्राम और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।

दरअसल यह मामला इंस्टाग्राम पर चल रहे एक चैट समूह ‘बॉयज लॉकर रूम’ से जुड़ा है। इस समूह में शामिल किशोर बच्चे लड़कियों के बारे में अश्लील और आपत्तिजनक बातें कर रहे थे। समूह के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद इसे लेकर कड़ी आलोचना होने लगी जिसके बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है।

इंस्टाग्राम ने एक बयान में कहा कि वह इस तरह के मामलों को काफी गंभीरता से लेता है। उसके उपयोक्ता मंच पर खुद को ‘सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से’ प्रस्तुत कर सकें, यह सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इंस्टाग्राम फेसबुक के स्वामित्व वाली तस्वीरें और वीडियो साझा करने की सोशल मीडिया एप है।

दिल्ली महिला आयोग ने सोशल मीडिया मंच पर ‘अव्यस्क लड़कियों के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट’ करने को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। आयोग ने इस बारे में सोमवार को इंस्टाग्राम और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।

फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हम किसी भी तरह की यौन हिंसा को बढ़ावा देने या किसी का भी विशेषकर महिलाओें और युवाओं का उत्पीड़न करने वाले व्यवहार का समर्थन नहीं करते हैं। जो भी सामग्री हमारे सामुदायिक मानकों का उल्लंघन करती है, हम उस पर कार्रवाई करते हैं और हम इसके प्रति सजग हैं।’’

कंपनी ने कहा कि आपत्तिजनक सामग्री उसके सामुदायायिक मानकों का उल्लंघन है और इसे हटा लिया गया है। उसने आयोग का नोटिस मिलने से पहले ही मामले पर कार्रवाई कर ली थी।

दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ ने भी इस मामले में इंस्टाग्राम से ‘बॉयज लॉकर समूह’ से जुड़े सदस्यों की जानकारी मांगी है।

‘ब्वॉयज लॉकर रूम' समूह से जुड़े लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए : दिल्ली महिला आयोग

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को कहा कि फोटो और वीडियो साझा करने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट इंस्टाग्राम पर एक समूह बनाकर नाबालिग लड़कियों के बारे में आपत्तिजनक बातें करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

आयोग ने पुलिस और इंस्टाग्राम को इस बाबत नोटिस जारी कर कार्रवाई करने को कहा है।

मालीवाल ने कहा कि आयोग के नोटिस जारी करने के बाद मुकदमा दर्ज कर एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है और पुलिस इस समूह के अन्य लोगों के बारे में जांच कर रही है।

उन्होंने कहा, ' ऐसे लोगों को लॉकडाउन लागू होने के बावजूद चाहे वे कहीं भी हों, बख्शा नहीं जाना चाहिए।'

मालीवाल ने उन लड़कियों की भी प्रशंसा की, जिन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे इस समूह के बारे में सूचित किया।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वह ऐसे समूह का हिस्सा हैं तो उन्हें इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए और समिति को इसके बारे में सूचना देनी चाहिए।

instagram
Boys' Locker Room
crime
Social Media
Facebook

Related Stories

बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

हेट स्पीच और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक कार्रवाई क्यों नहीं करता?

छत्तीसगढ़ की वीडियो की सच्चाई और पितृसत्ता की अश्लील हंसी

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License