NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
‘भूख के विरुद्ध भात के लिए’ झारखंड-बिहार समेत देश के कई हिस्सों में चला अभियान
“लॉकडाउन की दरकार है, भोजन भी अधिकार है!”,  “कोरोना को मात दो, भूखों को भात दो!”, जैसे नारों को लेकर अनेक छोटे शहरों–गाँव– टोले–मुहल्लों में मज़दूर–किसानों व अन्य आम लोगों ने थाली बजाई।
अनिल अंशुमन
13 Apr 2020
jharkhand

कोरोना वायरस (कोविड–19) महामारी से लड़ने के साझा जनसंकल्प अभियान के तहत 12 अप्रैल को दिन में दो बजे झारखंड–बिहार समेत देश के कई राज्यों के विभिन्न इलाकों में ‘थाली बजायी’ गयी। महनगरीय उच्च मध्यवर्ग– मध्यवर्ग की पॉश कॉलनियों– फ्लैट और अपार्टमेंटों की छतों– बॉलकनियों से परे देश के अनेक छोटे शहरों–गाँव– टोले–मुहल्लों में कोरोना संक्रमण से बचाव का पूरा एहतियात बरतते हुए हजारों मज़दूर–किसानों, हाशिये के लोगों और आम जन ने शांतिपूर्ण ढंग से “लॉकडाउन की दरकार है, भोजन भी अधिकार है!”,  “कोरोना को मात दो, भूखों को भात दो!”,  “मोदी–शाह खोलो कान, सस्ती नहीं हमारी जान!”,  “बंद करो थोथा भाषण, गरीबों को चाहिए भोजन राशन!” जैसे नारों के पोस्टर लेकर 10 मिनट तक थाली बजायी।

देश में जारी कोविड–19 महामारी तथा इससे निपटने के नाम पर बिना तैयारी के अचानक हुए लॉकडाउन से लाखों लाख मजदूर–किसान व आम गरीब लोगों के सामने आए जीवन–मरण के संकट के ख़िलाफ़ 12 अप्रैल को यह कार्यक्रम हुआ।

भूख के विरुद्ध भात के लिए इस ‘थाली बजाओ’ राष्ट्रव्यापी अभियान का आह्वान भारत की कम्युनिष्ट पार्टी ( मार्क्सवादी–लेनिनवादी, लिबरेशन) ने किया था। जिसके तहत अभी के जारी लॉकडाउन में रोज़ी – रोटी – भोजन – आवास तथा समुचित स्वस्थ्य सुविधाओं के घोर अभाव से जूझ रहे आमजन के समर्थन में एक दिवसीय उपवास – अनशन का कार्यक्रम भी किया गया।

इस अभियान के तहत देश की आम जनता की ओर से पार्टी महासचिव द्वारा देश के प्रधानमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम कोरोना से जंग में देश व जनता को सक्षम बनाने के विशेष संदर्भ में खुला मांग पत्र जारी किया गया। 21 सूत्री इस मांग पत्र में कई महत्वपूर्ण सुझावों  के साथ साथ महामारी से लड़ने व बचाव अभियान के तहत आम जन की आकांक्षाओं–ज़रूरतों को फोकस करते हुए कहा गया कि मशवरा और सहयोग करो, उत्पीड़न नहीं!

thali bajao - 8.jpg

कोविड–19 से लड़ने में भारत को सक्षम बनाने के संदर्भ में भाकपा माले का प्रधानमंत्री को ज्ञापन

11 अप्रैल 2020

प्रधानमंत्री महोदय,

14 अप्रैल को आपके द्वारा घोषित लॉकडाउन की अवधि समाप्त हो रही है। अबतक के अनुभवों से साफ हो चुका है कि कोविड–19 और लॉकडाउन मिलकर ज़्यादा बड़ी समस्या बन गए हैं। इन हालात में ज़रूरी है कि इस समस्या को स्वीकार करें –

1. कमजोर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण यह आपदा और बढ़ गयी। एक विशाल आबादी, जिसका इतना निम्न जीवन स्तर है कि वे इस महामारी से बचने के लिए ज़रूरी स्वच्छ्ता का भी पालन नहीं कर सकते ।  

2. लाखों मजदूरों की रोज़ी रोटी अचानक ही छिन गयी। अनेकों लोग बिना आय के अपने घरों से दूर फंसे हुए हैं और घर आने को बेचैन हैं।  

3. महामारी के अलावा भूख का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है और रोज़मर्रे के ज़रूरी सामानों की भरी कमी है। 

4. महामारी का मुक़ाबला एकता – भाईचारे – तार्किकता , जागरूकता और सही सूचना से करने की ज़रूरत है लेकिन इसकी जगह घृणा – अफवाह अंधविश्वास और गलत उपचार फैलाया जा रहा है । 

5. सत्ता का अति केन्द्रीकरण कर निर्णय लेने व लागू करने में मनमाना चल रहा है। पुलिस लोगों कि रक्षा–सहायता करने कि बजाय उत्पीड़न करने में ज़्यादा लगी हुई है।

thali bajao - 15.jpg

उक्त चुनौती का मुक़ाबला करने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर लोकतन्त्र की ज़रूरत है। इस पृष्ठभूमि में केंद्र व राज्य सरकारों से मांग है कि निम्न मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कदम उठाया जाय --

1.   ट्रेड यूनियनों और समाज के सभी वंचित समुदायों के प्रतिनिधियों समेत समाज के हर पक्ष के लोगों से सलाह मशवरा किया जाय। ताकि सभी पक्षों में एक दूसरे के प्रति विश्वास बढ़े और पारदर्शिता आए।

2.   लॉकडाउन के नाम पर पुलिस – प्रशासन उत्पीड़न बंद हो , शारीरिक दूरी रखने के लिए लोगों को धैर्यपूर्वक समझाया जाय। सहानुभूति रखते हुए उनकी मदद की जाय न कि उत्पीड़न।

3.   डिटेन्शन सेंटर तत्काल खाली किए जाएँ, जेलों की भीड़ कम करने के लिए सभी विचाराधीन क़ैदियों को रिहा किया जाय तथा बूढ़े व विकलांग को पैरोल पर छोड़ा जाय। कश्मीर में क़ैद किए गए लोगों समेत सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाय। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं समेत तमाम जनांदोलन कार्यकर्त्ताओं कि गिरफ्तारी बंद हो।

4.   प्रवासी मजदूरों के लिए एक्शन प्लान बनाया जाय। उनकी जीविका–स्वास्थ्य के मुद्दों को तत्काल हल किया जाय। गाँव पंचायत के सहयोग से प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों की सूची तैयार कर सबके खाते में सीधा पैसा भेजा जाय। जहां जहां अभी वे फंसे हुए हैं, उनकी मदद–सुरक्षा की गारंटी की जाय तथा सील किए गए इलाकों में उनके लिए विशेष खाद्य आपूर्ति की जाय। स्वरोजगार में लगे प्रवासी मजदूरों समेत सभी मजदूरों के लिए बिना किसी रुकावट के जीविका भत्ता की गारंटी के लिए कार्य योजना को कड़ाई से लागू करने के लिए स्थानीय प्रशासन और रोजगार देनेवालों को जवाबदेह बनाया जाय।

5.   अनौपचारिक क्षेत्र के मजदूरों , सेक्स वर्करों , ट्रांसजेंडर लोगों , विकलांग – वृद्धों और लॉकडाउन से तबाह तबका – परिवारों के लिए विशेष कार्य योजना बने।

6.   राशन कार्ड , कल्याण बोर्ड पंजीकरण व आधारकार्ड को ज़रूरी बनाए बिना लोगों के घरों पर राशन , पका खाना – ईंधन आदि पहुंचाया जाय। मुहल्लों में सामुदायिक रसोई चलायी जाय। इस काम में लगे सभी सरकारी मजदूरो - किसान - युवा - सामाजिक व सामुदायिक संगठनों का स्वागत करते हुए इनसे जुड़े युवाओं को प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तरह राहत सामाग्री पहुंचवाने का काम युद्ध स्तर पर किया जाय ।

7.   सभी खाली पड़े घरों – होटलों – बारात घरों को अभी के बेघर लोगों के आवास में तब्दील कर दिया जाय । 

8.   कागजात के बिना भी सभी प्रभावित परिवारों को जीविका भत्ता दिया जाय तथा इनका किराया– कर्ज़ माफ किया जाय । EMI वसूली में रफ्तार लायी जाय ।

9.  मनरेगा को आवश्यक सामग्री वितरण की ओर मोड़ा जाय तथा इन्हें राशन– खाना पहुँचाने के कामों में लगाकर जोखिम के कारण मजदूरी बढ़ायी जाय।

10.      मजदूरी कम करने, नौकरी से निकालने जैसी मजदूरों की असुरक्षा दूर कर सभी राहत शिविरों की सुरक्षा–बिजली– पानी व इन्टरनेट सुविधा सुनिश्चित हो।

11.      तैयार फसलों की कटाई तथा उचित मूल्य पर खरीद के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाये जाएँ ताकि कृषि संकट को रोका जा सके।

12.      सार्वजनिक स्वास्थ्य को तत्काल मजबूत बनाने के लिए सभी निजी अस्पतालों , जांच लैब और मेडिकल सुविधाओं फार्मास्युटिकल कंपनियों को सीधे तौर पर सरकारी नियंत्रण में लिया जाय। जिससे महामारी की मुफ्त जांच व इलाज की गारंटी हो सकेगी । वेंटिलेटर , पीपीई किट और मास्क की पर्याप्त सप्लाई की गारंटी की जाय।

13.      महामारी टेस्ट का दायरा बढ़ाया जाय व सबके लिए आपातकालीन मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध हो।

14.      सामान्य स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्ध्ता की गारंटी की जाय।

15.      हर राज्य में मेडिकल क्वारंटीन सुविधाओं के निर्माण के लिए बजट आवंटित किया जाय। महामारी को लेकर हमारा रुख लोगों को शिक्षित करने व उनका ख्याल रखानेवाला होना चाहिए न कि अपराधी मानकर दमन किया जाय।

16.      कश्मीर में तुंरत इंटरनेट बहाल कर इस महामारी काल उन्हें सूचनाओं संवाद से वंचित नहीं किया जाय।

17.      स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी ,एंबुलेंस ड्राइवर, वृद्ध – विकलांगों की देखभाल में लगे कर्मियों , पुलिसकर्मियों , स्टील प्लांट के कामगारों , कृषि व अन्य आवश्यक सेवाओं में जुड़े लोगों के महामारी में काम करने के खतरों को देखते हुए विशेष वेतन भुगतान तथा अस्थायी को स्थायी करते हुए सबों के लिए पीपीई किट – सुरक्षा उपकरण अविलंब उपलब्ध कराया जाय ।

18.      घरेलू हिंसा व बच्चों के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए हर ज़िले में 24 घंटे काम करनेवाली हॉट लाइन बनाकर मदद मांगनेवालों कि सहायता के लिए विशेष टीमें बनाई जाय । सभी ज़रूरतमन्द महिलाओं को फ्री सेनेटरी पैड उपलब्ध कराई जाय ।

19.      अल्पसंख्यक समुदाय को सांप्रदायिक आधार पर निशाना बनाने , महामारी पीड़ितों और उनकी इलाज़ में लगे स्वास्थयकर्मियों को बदनाम करने के खिलाफ तत्काल कदम उठाया जाय। मुसलमानों का बहिष्कार व उनपर हमला करने वालों, उत्तरपूर्व के लोगों पर नस्लीय हमला करने वालों के खिलाफ तथा महामारी से पीड़ितों के परिजनों को बाहर निकलने से रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएँ। इस संदर्भ में WHO व सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन हो।

20.      स्थानीय विकास और लोक कल्याण योजनाओं को दिये जानेवाले रकम को रोकने की जगह बुलेट ट्रेन निर्माण जैसी योजनाओं को तत्काल रोक दिया जाय। सेंट्रल विस्टा, सैन्य खरीद, सरकारी विज्ञापन तथा प्रधानमंत्री – मंत्री – अफसरों के विदेश दौरों पर रोक लगाई जाय ।

21.      रिलीफ़ फंड को आबंटित करने और उसके उचित इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया को त्वरित और जवाबदेह बनाया जाय। नए बनाए गए पीएम केयर्स फंड समेत इस मद में मिलनेवाले सभी दान – चंदे को पारदर्शी बनाया जाय। 

Coronavirus
COVID-19
Jharkhand
Bihar
Thali or Taali
Lockdown
Hunger Crisis
CPI
CPI(ML)

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • indian student in ukraine
    मोहम्मद ताहिर
    यूक्रेन संकट : वतन वापसी की जद्दोजहद करते छात्र की आपबीती
    03 Mar 2022
    “हम 1 मार्च को सुबह 8:00 बजे उजहोड़ सिटी से बॉर्डर के लिए निकले थे। हमें लगभग 17 घंटे बॉर्डर क्रॉस करने में लगे। पैदल भी चलना पड़ा। जब हम मदद के लिए इंडियन एंबेसी में गए तो वहां कोई नहीं था और फोन…
  • MNREGA
    अजय कुमार
    बिहार मनरेगा: 393 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, 11 करोड़ 79 लाख की चोरी और वसूली केवल 1593 रुपये
    03 Mar 2022
    बिहार सरकार के सामाजिक अंकेक्षण समिति ने बिहार के तकरीबन 30% ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर बताया कि मनरेगा की योजना में 393 करोड रुपए की वित्तीय अनियमितता पाई गई और 11 करोड़ 90 लाख की चोरी हुई जबकि…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 6,561 नए मामले, 142 मरीज़ों की मौत
    03 Mar 2022
    देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 14 हज़ार 388 लोगों अपनी जान गँवा चुके है।
  • Civil demonstration in Lucknow
    असद रिज़वी
    लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें
    03 Mar 2022
    युद्ध भले ही हज़ारों मील दूर यूक्रेन-रूस में चल रहा हो लेकिन शांति प्रिय लोग हर जगह इसका विरोध कर रहे हैं। लखनऊ के नागरिकों को भी यूक्रेन में फँसे भारतीय छात्रों के साथ युद्ध में मारे जा रहे लोगों के…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में 'अपर-कास्ट हिन्दुत्व' की दरार, सिमटी BSP और पिछड़ों की बढ़ी एकता
    03 Mar 2022
    यूपी चुनाव के छठें चरण मे पूर्वांचल की 57 सीटों पर गुरुवार को मतदान होगे. पिछले चुनाव में यहां भाजपा ने प्रचंड बहुमत पाया था. लेकिन इस बार वह ज्यादा आश्वस्त नहीं नज़र आ रही है. भाजपा के साथ कमोबेश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License